Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

T-20 WC :: तीसरी बार ट्रॉफी जीतना चाहेंगी भारतीय टीम...

T-20 WC :: तीसरी बार ट्रॉफी जीतना चाहेंगी भारतीय टीम...
Mar 08, 2026, 05:29 AM
|
Posted By Anurag Sachan

ND vs NZ: सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारतीय टीम टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में मिचेल सैंटनर की न्यूजीलैंड से आज भिड़ेगी. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाला आज का मुकाबला ऐतिहासिक होगा. आंकड़ों की बात करें तो टी20 वर्ल्ड कप में भारत कभी भी कीवियों को हरा नहीं पाया है और उसे पिछले तीनों मैचों में हार झेलनी पड़ी है.


खिताब जीतने के लिए भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ इस हार के सिलसिले को तोड़ना होगा. फिलहाल भारतीय टीम शानदार फॉर्म में है और लगातार तीन जीत के साथ फाइनल में पहुंची है. दूसरी ओर, न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को तो हराया, लेकिन सुपर-8 के आखिरी मैच में वे इंग्लैंड से हार गए थे.


ICC Men's T20 World Cup के विजेताओं की पूरी लिस्ट...


2007– भारत ने साउथ अफ्रीका में पहला टी20 वर्ल्ड कप जीता

2009 – पाकिस्तान ने इंग्लैंड में खिताब अपने नाम किया

2010 – इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज में टी20 वर्ल्ड कप जीता

2012 – वेस्टइंडीज ने श्रीलंका में चैम्प‍ियन बनने का गौरव हासिल किया

2014 – श्रीलंका ने बांग्लादेश में खिताब जीता

2016- वेस्टइंडीज ने भारत में दूसरा टी20 विश्व कप जीता

2021-ऑस्ट्रेलिया ने ओमान और यूएई में जीता खिताब

2022- इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया में खिताब जीता

2024- भारत ने जीता खिताब


Also Read: 350 रुपए के पार पहुचा पेट्रोल, इस देश में मचा हाहाकार



कीवियों का दबदबा...


भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप का इतिहास काफी पुराना है, लेकिन टीम इंडिया आज तक इस टूर्नामेंट में कीवियों को हराने में कामयाब नहीं हो पाई है. न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की पहली हार 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में हुई थी, जहां टीम इंडिया 191 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने में विफल रही थी. हालांकि, ये अच्छा रिकॉर्ड है कि उस हार के बावजूद भारत ने एमएस धोनी की कप्तानी में वह ऐतिहासिक वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया था.

महिला दिवस पर काशी विश्वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था
महिला दिवस पर काशी विश्वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था
वाराणसी: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था की गई. मंदिर प्रशासन की ओर से महिलाओं के लिए अलग से दर्शन की लाइन और सुगम प्रवेश की सुविधा दी गई, जिससे बड़ी संख्या में पहुंची महिला श्रद्धालुओं को आसानी से बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने का अवसर मिला.मंदिर में पहुंची महिलाओं ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है कि महिला दिवस के मौके पर उनके लिए खास व्यवस्था की गई है. कई महिलाओं का कहना था कि इस तरह की सुविधा मिलने से उन्हें सम्मान और खुशी का एहसास हो रहा है.कुछ महिलाओं ने बताया कि घर के कामकाज और जिम्मेदारियों के कारण अक्सर मंदिर आने का समय निकालना मुश्किल हो जाता है, लेकिन अलग लाइन होने से दर्शन करना आसान हो गया. उनका कहना है कि अगर ऐसी व्यवस्था समय-समय पर होती रहे तो महिलाओं को काफी राहत मिलेगी.ALSO READ : ई- रिक्शा बना महिलाओँ के आत्मनिर्भर बनने का सहाराउन्होंने कहा कि महिला दिवस पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना उनके लिए बहुत खास अनुभव है. दर्शन करने के बाद वे अपने दिन को खास तरीके से मनाने की योजना बना रही हैं. कुछ महिलाओं ने बताया कि दर्शन के बाद वे गंगा घाट जाएंगी, वहां घूमने-फिरने के साथ फोटो और रील बनाकर इस दिन को यादगार बनाएंगी.कई श्रद्धालु महिलाओं ने यह भी कहा कि रविवार जैसे व्यस्त दिनों में मंदिर में भीड़ ज्यादा रहती है, ऐसे में अलग लाइन होने से उन्हें काफी सुविधा मिली. उनका मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से महिलाओं को बिना किसी परेशानी के दर्शन करने का मौका मिल रहा है.
ई- रिक्शा बना महिलाओँ के आत्मनिर्भर बनने का सहारा
ई- रिक्शा बना महिलाओँ के आत्मनिर्भर बनने का सहारा
वाराणसी. आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं . शिक्षा , खेल , प्रशासन से लेकर हर क्षेत्र में उनकी भागेदारी बढ़ रही है . इसके बावजूद समाज में कई महिलाये ऐसी है जो आर्थिक मजबूरियों के कारण घर की चार दीवारी तक सिमित रह जाती है . ऐसे में एक्सेस डेवलपमेंट सर्विसेस ने इन महिलाओ को नई दिशा दी हैसंस्था महिलाओ को निःशुल्क ई- रिक्शा देकर उन्हें रोजगार के अवसर दे रही है इसके साथ ही महिलाओ को वाहन चलना भी सिखाया जाता है और साथ ही साथ ड्राइविंग लइसेंस दिलाने में भी मदद की जाती है . इस पहल का मकसद बस महिलाओ को रोजगार देना नहीं बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है ताकि वो अपने पैरों पर खड़े हो कर आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सके .इस पहल से जुड़ कर आज कई महिलाये इससे अपना और अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है . पहले जो महिलाएं दूसरों पर निर्भर थी आज वही महिलाएं अपना और अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा कर गर्व महसूस कर रही है .ALSO READ : महिला दिवस पर नारी शक्ति का उत्सव, हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएंकई महिलाओ ने कहा की शुरुआत में समाज के लोगो से उनको ताने भी सुनने को मिला पर उन्होंने हार नहीं मानी और अपना काम जारी रखा तो वही कई महिलाओ का ये भी कहना था की पहले उन्होंने बिना किसी की मदत के रिक्शा चलाना सीखा परिवार में इसका कई लोगो ने विर्रोध भी किया तो वही कई लोगो ने साथ भी दिया था . आज वही महिलाएं सड़क पर रिक्शा चला कर अपनी पहचान बना रही और आत्मनिर्भर बन रही है . महिलाओ का मन्ना है की रिक्शा चलाना उनके लिए केवल रोजगार नहीं आत्मसम्मान का भी माध्यम बन गया है कई लोग उन्हें देख कर प्रोत्साहित करते है और कहते है की महिलाओ को ऐसे आगे बढ़ाते देख उन्हें काफी गर्व महसूस होता है हलाकि कई लोग इसकी आलोचना भी करते है पर महिलाओ का कहना है की आगे बढ़ने के लिए ऐसी बातो को नजरअंदाज करना बेहतर है .आज यह पहल कई महिलाओ के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है . इ रिक्शा की मदत से महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है , बल्कि समाज में एक नई मिशाल भी पेश कर रही है . यह पहल दिखता है की अगर सही अवसर और सहयोग मिले तो महिलाये किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेंगी
 महिला दिवस पर वाराणसी में फिटनेस के जरिए महिलाओं के सशक्तिकरण का संदेश
महिला दिवस पर वाराणसी में फिटनेस के जरिए महिलाओं के सशक्तिकरण का संदेश
वाराणसी: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वाराणसी में महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया.भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और MY Bharat के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में फिटनेस और खेल के माध्यम से महिलाओं को जागरूक करने का संदेश दिया गया.कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और महिला प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.इस दौरान महिलाओं ने विभिन्न फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सशक्तिकरण का संदेश दिया.आयोजकों का कहना है कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं.बात देश के बॉर्डर की हो या देश के सर्वोच्च पद की, महिलाएं अपनी प्रतिभा और कौशल के दम पर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और देश का नाम रोशन कर रही हैं.ALSO READ : महिला दिवस पर नारी शक्ति का उत्सव, हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएंकार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने महिलाओं की शक्ति, दृढ़ता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया.अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि फिटनेस और खेल न केवल