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नॉर्मल बुखार को खतरनाक बना सकता है हंतावायरस, जानें कैसे

नॉर्मल बुखार को खतरनाक बना सकता है हंतावायरस, जानें कैसे
May 10, 2026, 01:21 PM
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Posted By Preeti Kumari

Hantavirus can make normal fever dangerous, learn how


लाइफस्टाइल: इस समय दुनियाभर में हंतावायरस का मामला काफी सुर्खियों में है. इसके अबतक आठ मामले सामने आ चुके हैं और तीन लोगों की मौत हो गई है. यह एक ऐसा इंफेक्शन है, जिसके बारे में लोग तब तक ज्यादा बात नहीं करते, जब तक कोई इसकी चपेट में न आ जाए. यह इंफेक्शन रेयर जरूर है, लेकिन बेहद खतरनाक माना जाता है. सबसे चिंता की बात यह है कि इसकी शुरुआत बिल्कुल सामान्य वायरल बीमारी जैसी होती है, इसलिए लोग अक्सर इसे हल्के में ले लेते हैं. लेकिन कुछ ही दिनों में यह फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.


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कोविड जैसे इसके लक्षण


एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब बुखार और शरीर दर्द शुरू होता है, तो ज्यादातर लोग डेंगू, स्वाइन फ्लू या कोविड के बारे में सोचते हैं. हंतावायरस एक रेयर लेकिन जानलेवा इंफेक्शन है, जो कुछ ही दिनों में लंग्स को नुकसान पहुंचा सकता है और बहुत कम लोग इसके बारे में जानते हैं. यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में सामान्य तरीके से नहीं फैलता. यानी किसी के खांसने, छींकने या हाथ मिलाने से इंफेक्शन नहीं होता. हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इसका एक किस्म 'एंडीज वायरस' इंसानों से इंसानों में फैल सकता है, लेकिन ऐसा बहुत कम होता है. यही वजह है कि लोग इसके खतरे को आसानी से समझ नहीं पाते. यह इंफेक्शन मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और चूहों जैसे कृन्तकों से फैलता है. वायरस उनके यूरिन, लार और मल में मौजूद होता है. जब लोग लंबे समय से बंद पड़े कमरों, गोदामों, खेतों या स्टोर रूम की सफाई करते हैं, तब धूल के साथ ये इंफेक्शन कण हवा में फैल जाते हैं और सांस के जरिए शरीर में पहुंच जाते हैं.


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इस वायरस के शुरुआती लक्षण


शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि किसी को भी लगेगा कि यह मौसम बदलने से हुई साधारण बीमारी है. मरीज को बुखार, थकान, सिरदर्द, शरीर में दर्द, ठंड लगना, उल्टी, मतली या पेट में परेशानी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. कई लोग इसे फ्लू या फूड पॉइजनिंग समझकर घर पर आराम करते रहते हैं. शुरुआत में हालत ज्यादा गंभीर नहीं लगती, इसलिए बीमारी का खतरा समझ ही नहीं आता.


कब शुरू होता है इसका असली खेल


लेकिन असली खतरा इसके बाद शुरू होता है. कुछ ही समय में मरीज को सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न, सूखी खांसी, दिल की धड़कन तेज होना और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होने जैसी समस्याएं होने लगती हैं. फेफड़ों के अंदर पानी भरने लगता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है. कई मरीजों की हालत इतनी तेजी से बिगड़ती है कि उन्हें कुछ ही घंटों में आईसीयू और वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है.


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इस वायरस का सबसे गंभीर रूप किसे माना जाता है


हंतावायरस का सबसे गंभीर रूप हंतावायरस फुफ्फुसीय सिंड्रोम यानी HPS कहलाता है. द लैंसेट औरक्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी रिव्यूज जैसी जर्नल्स में प्रकाशित रिसर्च में बताया गया है कि यह इंफेक्शन फेफड़ों और ब्लड वेसल्स में गंभीर सूजन पैदा कर सकता है. गंभीर मामलों में इसकी मृत्यु दर 35 से 40 प्रतिशत तक हो सकती है. इस संक्रमण से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है. घर या गोदाम में चूहों की संख्या नियंत्रित रखना, उनके मल-मूत्र को सुरक्षित तरीके से साफ करना, बंद कमरों में हवा आने-जाने की व्यवस्था रखना और सफाई के दौरान मास्क व दस्ताने पहनना इंफेक्शन के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है.


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वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
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वाराणसी : आदमपुर थाना क्षेत्र के गोलाघाट में शनिवार को नगर निगम के सफाई कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया. उसके शरीर पर चोटों के निशान को देखते हुए हत्‍या की आशंका जताई जा रही है. सूचना के बाद पुलिस शव को कब्‍जे में लेने के साथ अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है.वहीं क्षेत्र में मौत को लेकर तरह - तरह की चर्चा व्‍याप्‍त है. उसके चेहरे, सिर पर गंभीर जख्‍म के निशान मिले हैं.सफाईकर्मी के चचेरे भाई ने बताया कि बीती रात खाना खाकर वह अपने घर गोलाघाट चला गया था. इस बीच शनिवार की सुबह नमो घाट पर एयर शो के समय सफाई कर्मियों ने उसके न आने पर तलाश शुरू की. कुछ लोग उसके घर पहुंचे तो युवक का शव घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला. फर्श पर खून फैला था. मृतक के शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान होने की बात सामने आई है.ALSO READ : वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोगघटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले में हत्या या दुर्घटना समेत किसी भी आशंका की पुष्टि नहीं हुई है. मृतक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है. घटना के कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा.
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी : काशी विद्यापीठ ब्लॉक के मंगलपुर गांव में लोग तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेटस गिरने से परेशान हैं. एक महीने में गांव के 4 लोगों की मौत होने के बाद ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी का भय सता रहा है. सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची. लोगों की जांच हुई तो 10 लोगों में बुखार जैसे लक्षण मिले हैं. जिन लोगों की मौत हुई है, उसके पीछे परिजन डेंगू से मौत की बात कह रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इन्कार किया है.जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार, टीम भेजकर जांच करने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. मंगलपुर गांव में अधिकांश लोगों को बुखार है. प्लेटलेटस भी कम होता जा रहा है. जमालूद्दीन (35), गुलाम रब्बानी (66), आयशा बेगम (52) और मद्दर बेगम (48) की मौत हुई है. परिजनों ने मौत की वजह डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियां बताई है. उनका कहना है कि जोड़ों में तेज दर्द, बुखार के साथ ही कई दिनों से प्लेटलेटस भी कम हो रहा था. नुरैन, तौफीक, सलाउद्दीन , जरदार, रामसुंदर पटेल बीमार हैं.परिजनों ने एएनएम को नहीं दी कोई जांच रिपोर्टजिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय का कहना है कि मंगलपुर गांव में कुछ लोगों के एक महीने के भीतर 4 मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच कराई. 10 लोगों में बुखार और मौसमी बीमारी के लक्षण मिले हैं. जरूरी दवाइयां देने के साथ ही उन्हें जागरूक किया जा रहा है. जिन लोगों के मौत की सूचना मिली, उनके घर आशा, एएनएम को भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई तो परिजनों ने रिपोर्ट देने से मना कर दिया. डेंगू से मौत हुई है तो परिजन रिपोर्ट क्यों नहीं दे रहे हैं. यह समझ नहीं आ रहा है. एक बार फिर विभागीय टीम गांव में जाएगी.ALSO READ : वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्टमंगलपुर गांव में टीम भेजकर जांच करवाई गई. परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई रिपोर्ट नहीं दी है, जिससे लोगों के बीमार होने और मौत की वजह की सही जानकारी मिल सके. दो दिन का विशेष अभियान चलाकर लोगों के सेहत की जांच कराई जाएगी।.- डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ
वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्ट
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वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के 25 अक्टूबर को वाराणसी आगमन, भ्रमण एवं प्रस्थान के दृष्टिगत यातायात पुलिस कमिश्नरेट द्वारा ट्रैफिक डायवर्जन एवं रोक संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है. अपर पुलिस उपायुक्त यातायात के अनुसार...प्रमुख प्रतिबंध और डायवर्जन -1. बसों का प्रवेश प्रतिबंधित:- हरहुआ ओवरब्रिज - बाबतपुर की तरफ से आने वाली समस्त रोडवेज व प्राइवेट बसों को VVIP आगमन से 3 घंटे पूर्व से कार्यक्रम समाप्ति तक ओवरब्रिज पर नहीं जाने दिया जायेगा, हरहुआ रिंग रोड चौराहा की तरफ डायवर्ट किया जायेगा.- जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ से आने वाली बसें - रिंग रोड हरहुआ, बावनबीघा, संदहा अण्डरपास से वापस कर दी जायेंगी.- चंदौली, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर से आने वाली बसें - शहर में प्रवेश प्रतिबंधित, टिकाना ढाबा, मोहनसराय से वापस.- भदोही से आने वाली बसों को परमपुर/सजोई अण्डरपास से वापस किया जायेगा.2. शहर के अंदर वन-वे/नो-एंट्री (VVIP आगमन से 1 घंटा पूर्व से)- गिलट बाजार तिराहा से पुलिस लाइन चौराहा की तरफ नो-एंट्री, शिवपुर चुंगी की तरफ डायवर्जन.- सेन्ट्रल जेल तिराहा से जेपी मेहता तिराहा की तरफ नो-एंट्री.- संदहा अण्डरपास से पुलिस लाइन की तरफ बंद, रिंग रोड पर डायवर्जन.- काली माता चौराहा से पुलिस लाइन, पाण्डेयपुर चौराहा से पुलिस लाइन की तरफ बंद.- पाण्डेयपुर, पचकोसी, कज्जाकपुरा ओवरब्रिज, गोलगड्डा, लहरतारा, आंगनबाड़ी, अमर उजाला, तिराहा तैलियाबाग, लकड़ीमंडी, गोलगड्डा तिराहा, नमोघाट, लाट भैरव पुलिस चौकी, भदऊ चुंगी, विश्वेश्वरगंज तिराहा से नमोघाट/गोलगड्डा की तरफ सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश बंद.3. ऑटो और ई-रिक्शा पर रोक (सुबह 8 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक)- अम्बेडकर चौराहा, जेपी मेहता तिराहा, सर्किट हाउस, भोजूबीर, यूपी कालेज, गिलट बाजार तक ऑटो/ई-रिक्शा बंद.- पुलिस लाइन से पाण्डेयपुर से चौकाघाट चौराहा से गोलगड्डा, राजघाट तक ऑटो/ई-रिक्शा प्रतिबंधित.- सूजाबाद (पड़ाव) से चौकाघाट की तरफ ऑटो/ई-रिक्शा व दो-पहिया वाहन बंद, वैकल्पिक मार्ग - संदहा रिंग रोड, बलुआ पुल/विश्वसुन्दरी पुल, टेंगरा मोड़.4. राजघाट पुल:- सुबह 7 बजे से सभी मालवाहक वाहन बंद.- VVIP आगमन/प्रस्थान से 1 घंटा पूर्व वाहन एवं पैदल संचालन भी पूरी तरह प्रतिबंधित.यातायात पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने आम जनता से अपील की है कि वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और अत्यंत आवश्यकता होने पर ही अतिरिक्त समय लेकर VVIP कार्यक्रम क्षेत्र की तरफ निकलें.ALSO READ : वाराणसी में दृष्टि बाधित फुटबॉल प्रतियोगिता, गेंद में बंधे घुंघरू की आवाज से अंदाजा लगा गोल करेंगेहेल्पलाइन:ट्रैफिक कंट्रोल रूम: +91 7839856994ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर: +91 7317202020