बीएचयू में यूजीसी के नए नियमों का विरोध करने वालों को नोटिस, रखना होगा पक्ष

वाराणसी : यूजीसी के नए नियामें के विरोध में शांतिपूर्ण मार्च और सभा करने वाले दर्जनों छात्रों को बीएचयू प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है. सोमवार को ई-मेल के जरिए भेजे गए इन नोटिसों में छात्रों को 11 फरवरी को जांच समिति के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है. इस कार्रवाई से छात्रों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है. छात्रों का कहना है कि उनके साथदोहरी नीति अपनायी जा रही है.
29 जनवरी को निकाला गया था शांतिपूर्ण मार्च
जानकारी के मुताबिक, 29 जनवरी को छात्र-छात्राओं ने परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर से पैदल मार्च निकालते हुए एमएमवी तिराहे पर सभा की थी. इस दौरान यूजीसी के नए नियमों का पुरजोर विरोध किया गया था.
इसी दिन बीएचयू के पोस्ट डॉक्टोरल फेलो डॉ. मृत्युंजय तिवारी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी आया था, जिसमें यूजीसी के इक्विटी रेगुलेशन पर स्टे लगा दिया गया था.
ई-मेल से जारी हुआ नोटिस
सोमवार को डॉ. मृत्युंजय तिवारी, शिवांश सिंह सहित दर्जनों छात्रों को ई-मेल के माध्यम से कारण बताओ नोटिस भेजा गया. नोटिस के अनुसार, 29 जनवरी को यूजीसी बिल के विरोध में निकाले गए जुलूस में शामिल होने को लेकर गठित जांच समिति के समक्ष छात्रों को 11 फरवरी शाम 5 बजे चीफ प्राक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर लिखित बयान दर्ज कराना होगा.
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छात्रों का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के बावजूद बीएचयू प्रशासन इसे अपराध की श्रेणी में रख रहा है और छात्रों के खिलाफ दमनकारी रवैया अपना रहा है. छात्र नेता डॉ. मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि छात्रों में समानता और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.



