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वाराणसी में जलयान मरम्‍मत की सुविधा का अधिकारियों ने लिया जायजा, जल्‍द लोकार्पण की जगी उम्‍मीद...

वाराणसी में जलयान मरम्‍मत की सुविधा का अधिकारियों ने लिया जायजा, जल्‍द लोकार्पण की जगी उम्‍मीद...
Aug 29, 2026, 07:48 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के चेयरमैन और आइएएस अधिकारी सुशील कुमार लोहानी ने मल्‍टी माडल टर्मिनल वाराणसी का जायजा लिया. माना जा रहा है क‍ि जलयान मरम्‍मत केंद्र का भी लोकार्पण जल्‍द हो सकता है. इस दौरान उन्‍होंने नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड और इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से चलाए जा रहे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा बैठक की.


इस सेंटर में एलएंडटी जियोस्‍ट्रक्‍चर की ओर से ग्राउंड इंजीनियरिंग कंपनी के तहत काम चल रहा है. इस केंद्र के लोकार्पण की संभावना जताई जा रही है, जो प्रधानमंत्री के किसी दौरे के दौरान हो सकता है. इसके निर्माण के बाद बनारस में गंगा नदी में स्थित बंदरगाह पर आने वाले जहाजों और बड़ी नौकाओं के साथ-साथ क्रूज और अन्य जल परिवहन के साधनों की मरम्‍मत में सुविधा होगी. इससे बनारस जलमार्ग के माध्यम से व्यापार और परिवहन के लिए समुद्री मार्ग से वैश्विक कनेक्टिविटी में सुधार होगा.


रेत के टीले चुनौती


हालांकि, इस परियोजना के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती रेत के टीलों की है, जिसे दूर करने के लिए ड्रेजर का लगातार उपयोग किया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इस मरम्‍मत सुविधा के शुरू होने से न केवल स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. जलमार्ग के विकास से न केवल बनारस बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी. यह परियोजना न केवल जल परिवहन को सुगम बनाएगी, बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगी.


जलमार्ग का विकास भारत सरकार की प्राथमिकता

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इस अवसर पर सुशील कुमार लोहानी ने कहा कि जलमार्ग का विकास भारत सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसे तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए सभी प्रयास करें. बनारस में जलयान मरम्‍मत की सुविधा का विकास न केवल स्थानीय निवासियों के लिए लाभकारी होगा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए एक नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा.


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जलमार्ग परियोजनाओं के काम में लाएं तेजी


वहीं, समीक्षा बैठक में मल्टी मॉडल टर्मिनल, क्रूज टर्मिनल, रेल संपर्क, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क समेत अन्य परियोजनाओं की प्रगति परखी गई. अध्यक्ष ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ लंबित कार्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए. बैठक में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, डीएम सत्येंद्र कुमार, आईडब्ल्यूएआई के सदस्य के साथ ही डीएम चंदौली और पीडी एनएचएआई सासाराम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े.

वाराणसी में लेखपाल का प्राइवेट मुंशी घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, खारिज-दाखिल के लिए मांगे एक लाख
वाराणसी में लेखपाल का प्राइवेट मुंशी घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, खारिज-दाखिल के लिए मांगे एक लाख
वाराणसी : एंटी करप्शन टीम वाराणसी मंडल ने 1 लाख रुपये घूस लेते हुए एक लेखपाल के प्राइवेट मुंशी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी मुंशी को यूपी कॉलेज गेट के पास इंडियन बैंक के समीप से मंगलवार की दोपहर दबोचा गया. वहीं, मामले में आरोपी लेखपाल फरार बताया जा रहा है, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है. लेखपाल का क्षेत्र सीरगोवर्धन बताया जा रहा है.शिकायतकर्ता कमल कान्त विक्रम (निवासी: जैपार (उन्‍दी), थाना शिवपुर ने एंटी करप्शन थाना कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता के पिता ओमप्रकाश सिंह द्वारा पुश्तैनी जमीन के विक्रय से संबंधित खारिज-दाखिल (म्यूटेशन) के लिए आवेदन किया गया था. आरोप है कि क्षेत्र के हल्का लेखपाल कुन्दन सिंह द्वारा खारिज-दाखिल कराने के एवज में 1,00,000 रुपये घूस की मांग की जा रही थी. मंगलवार को जब शिकायतकर्ता और लेखपाल के बीच फोन पर वार्ता हुई, तो लेखपाल ने अपने प्राइवेट मुंशी अशोक को मिलने के लिए भेजा. मुंशी अशोक ने शिकायतकर्ता को यूपी कॉलेज गेट के पास बुलाया और 1 लाख रुपये की रिश्वत प्राप्त की.ALSO READ: काशी को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर, ‘संत परंपरा’ पर स्टोरीटेलिंग सत्र का आयोजनइस बीच घात लगाए बैठी एंटी करप्शन वाराणसी की टीम ने मौके से ही आरोपी मुंशी अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत के पूरे पैसे बरामद कर लिए. आरोपी मुंशी बीएलडब्ल्यू रोड, शिवदासपुर, थाना मंडुवाडीह का निवासी बताया गया. पूछताछ में गिरफ्तार मुंशी ने कबूला कि लेखपाल के कहने पर ही वह रिश्वत लेने आया था. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिसमें लेखपाल कुन्दन सिंह और मुंशी के बीच रिश्वत के लेन-देन से संबंधित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है. एंटी करप्शन टीम के प्रभारी नीरज सिंह ने बताया की घटना के बाद आरोपी लेखपाल कुन्दन सिंह (हल्का लेखपाल क्षेत्र सीरगोवर्धनपुर, तहसील सदर, वाराणसी) फरार है. एंटी करप्शन टीम तहसील सदर और अन्य संभावित ठिकानों पर उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है. दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना कैंट में कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
काशी को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर, ‘संत परंपरा’ पर स्टोरीटेलिंग सत्र का आयोजन
काशी को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर, ‘संत परंपरा’ पर स्टोरीटेलिंग सत्र का आयोजन
वाराणसी : हाल के वर्षों में वाराणसी देश के एक सशक्त एवं विशिष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरा है तथा इसमें एक वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित होने की अपार संभावनाएँ हैं. यहां की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत, जीवन परंपराएँ, ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित स्मारक, घाट, समृद्ध खान-पान की परंपरा तथा विविध अनुभवात्मक पर्यटन इसकी विशिष्ट पहचान हैं. बुनियादी ढाँचे, पर्यटक सुविधाओं, कनेक्टिविटी, ब्रांडिंग एवं प्रचार-प्रसार तथा गुणवत्तापूर्ण पर्यटन उत्पादों के विकास पर निरंतर ध्यान देकर काशी को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने वाले एक वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सकता है.यद्यपि वाराणसी में पर्यटन अवसंरचना एवं पर्यटक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, तथापि गंतव्य विकास के अगले चरण में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी तथा क्षमता निर्माण पर अधिक बल दिए जाने की आवश्यकता है. होटल व्यवसायियों, टूर ऑपरेटरों, पर्यटन हितधारकों, पर्यटन सुविधादाताओं, पर्यटक गाइडों तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े अन्य हितधारकों एवं स्थानीय समुदाय की पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने तथा पर्यटन के लाभों को स्थानीय स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका है.इसके लिए पर्यटन शिक्षा, कौशल विकास, सेवा गुणवत्ता, डिजिटल साक्षरता तथा आधुनिक तकनीक के उपयोग से संबंधित लक्षित क्षमता निर्माण कार्यक्रम आवश्यक हैं, ताकि स्थानीय पर्यटन हितधारक पर्यटकों की बढ़ती अपेक्षाओं के अनुरूप बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान कर सकें. इन क्षमताओं को सुदृढ़ करने तथा पर्यटन विकास में स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने से वाराणसी में एक समावेशी, प्रभावी, प्रौद्योगिकी-सक्षम एवं सुदृढ़ पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा सकेगा, जिससे पर्यटकों के अनुभव तथा स्थानीय आजीविका—दोनों में सुधार होगा.इसी क्रम में पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार, वाराणसी कार्यालय, इंटैक वाराणसी चैप्टर, टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन (TGA) एवं संत अतुलानंद रेजिडेंशियल अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में 22 सितंबर 2026 को संत अतुलानंद रेजिडेंशियल अकादमी, होलापुर, वाराणसी में युवा टूरिज्म क्लब के सदस्यों एवं पर्यटन व्यवसाय से जुड़े अन्य हितधारकों के लिए ‘संत परंपरा’ विषय पर स्टोरीटेलिंग सत्र का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान प्रख्यात वक्ता व्योमेश शुक्ला द्वारा गोस्वामी तुलसीदास की संत परंपरा एवं साहित्यिक विरासत तथा उमेश कबीर द्वारा संत कबीरदास की विचारधारा, जीवन-दर्शन एवं शिक्षाओं पर आधारित रोचक एवं प्रेरणादायक स्टोरीटेलिंग सत्र प्रस्तुत किया. इस सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को काशी की समृद्ध संत परंपरा, आध्यात्मिक विरासत एवं सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराया गया.ALSO READ: खुद का गोली मारने वाले व्‍यवसायी की 12 दिन बाद मौत, सुसाइड नोट में बदनामी का जिक्रकार्यक्रम में संयुक्त महानिदेशक एवं क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर), पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की. इस अवसर पर अशोक कपूर, संयोजक, इंटैक वाराणसी चैप्टर, सुश्री दिव्या सिंह, निदेशक, प्रधानाचार्य, संत अतुलानंद रेजिडेंशियल अकादमी तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संगठनों एवं संस्थाओं के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया.इस स्टोरीटेलिंग सत्र का उद्देश्य स्थानीय पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसायियों एवं सेवा प्रदाताओं में पर्यटन संबंधी जागरूकता एवं सेवा मानकों को सुदृढ़ करना तथा गंतव्य पर पर्यटकों को बेहतर गुणवत्ता की सेवाएँ एवं समग्र रूप से बेहतर पर्यटन अनुभव प्रदान करने के लिए क्षमता निर्माण करना था. साथ ही, काशी की समृद्ध संत परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करना भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण उद्देश्य था.
खुद का गोली मारने वाले व्‍यवसायी की 12 दिन बाद मौत, सुसाइड नोट में बदनामी का जिक्र
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वाराणसी : पांडेयपुर चौराहे के पास रहने वाले साड़ी और आभूषण कारोबारी विजेंद्र सोनी (50) को आखिर कार बचाया नहीं जा सका. उनकी मंगलवार रात बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई. उन्होंने 10 सितंबर की सुबह करीब पांच बजे खुद को गोली मार ली थी. इसके बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है.विजेंद्र ने अपने घर से लगभग 30 मीटर दूर छोटे भाई जितेंद्र सोनी की दुकान के पास सीढ़ी की आड़ में अपनी लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारी थी. परिवार के लोग उन्हें गंभीर हालत में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले गए थे, जहां 12 दिन तक उनका इलाज चला. मौत के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. कैंट पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान वीरेंद्र की डायरी के एक पन्ने पर सुसाइड नोट मिला था.ALSO READ: सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल की यूनिफॉर्म बदली, नीला जैकेट-ट्राउजर और चेक वाला कुर्ता नई पहचानपुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में उन्होंने खुद को बदनाम किए जाने और मजबूरी का जिक्र किया था. साथ ही बेटी की शादी और बेटे का ध्यान रखने की बात भी लिखी थी. पुलिस सुसाइड नोट और घटना के कारणों की जांच कर रही है. मौत की सूचना से परिवार और इलाके के व्यापारियों में दुख है. घटना को लेकर तरह तरह की चर्चा व्‍याप्‍त है.