काशी में सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई पुण्य की डुबकी, महिलाओं ने रखा व्रत...

वाराणसी : सोमवती अमावस्या पर काशी में सोमवार को घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा. स्नान के साथ मंदिरों में दर्शन पूजन का सिलसिला सुबह से शुरू हो गया. दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट और अस्सी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई. वहीं गंगा स्नान के बाद लोग बाबा विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए कतार में लग गए. इस दौरान हर- हर महादेव के जयघोष से श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर गूंज उठा. ज्योतिषियों के मुताबिक, सोमवार को अमावस्या का दुर्लभ संयोग होने के कारण इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ गया है.

गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर और अन्य शिवालयों में जलाभिषेक किया.
सोमवती अमावस्या पर विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखा है. इस दौरान महिलाओं ने मंदिरों के साथ पीपल के वृक्ष की विधि-विधान से पूजा की. ज्येष्ठ इस बार अधिमास के चलते दो मास का है. अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या 15 जून को मिल रही है.
इसके साथ पुरुषोत्तम मास का समापन हो जाएगा. शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष 16 जून से आरंभ होने के साथ मांगलिक कार्यों का भी प्रारंभ हो जाएगा. हालांकि लग्न मुहूर्त के दिन 19 जून से मिलेंगे जो 11 जुलाई तक चलेगा. ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार देव गुरु बृहस्पति आषाढ़ शुक्ल एकादशी 15 जुलाई को पश्चिम में अस्त हो जाएंगे. इससे मांगलिक कार्यों पर फिर विराम लग जाएगा. देव गुरु का उदय 10 अगस्त को पूर्व दिशा में होगा.
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अजय राय ने पंचक्रोशी यात्रा की शुरूआत
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अधिकमास में मणिकर्णिका घाट से पंचक्रोशी यात्री की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि ये यात्रा अधिकमास में शुरू होती है, मेरी पांचवीं पंचक्रोशी यात्रा है. कहा कि मणिकर्णिका घाट हमारा सबसे बड़ा तीर्थस्थान है यहां से संकल्प लेकर यात्रा की शुरुआत करते हुए बाबा विश्वनाथ का दर्शन करते हुए आगे बढ़ेंगे. ये हमारा सौभाग्य है कि हम काशीवासी हैं और हमें यह अवसर मिल रहा है.



