प्रेमचंद जयंती समारोह के दूसरे दिन साहित्यिक प्रतिभा का उत्सव, छात्र-छात्राओं ने दिखाई रचनात्मकता.

वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कला संकाय अंतर्गत संचालित मुंशी प्रेमचंद स्मारक एवं शोध संस्थान, लमही द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रेमचंद जयंती समारोह-2026 के दूसरे दिन शनिवार को छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न साहित्यिक एवं सृजनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में शहर के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी साहित्यिक समझ और रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया।
कार्यक्रम के तहत निबंध लेखन, चित्रांकन और साहित्य प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। निबंध लेखन का विषय "मेरे प्रिय लेखक : प्रेमचंद" रखा गया, जबकि चित्रांकन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने प्रेमचंद की कहानियों पर आधारित चित्रों के माध्यम से उनके साहित्य और सामाजिक सरोकारों को जीवंत रूप दिया। साहित्य प्रश्नोत्तरी में विद्यार्थियों ने प्रेमचंद के जीवन, साहित्य और हिंदी भाषा से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिताओं का आयोजन दो वर्गों में किया गया। जूनियर वर्ग में कक्षा 12 तक के छात्र-छात्राओं और सीनियर वर्ग में स्नातक एवं परास्नातक स्तर के विद्यार्थियों ने भाग लिया। दोनों वर्गों में प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए निर्णायकों को प्रभावित किया।
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समारोह के संयोजक डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि प्रतियोगिताओं में स्कूली विद्यार्थियों का उत्साह और साहित्य के प्रति उनकी रुचि विशेष रूप से सराहनीय रही। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को प्रेमचंद के साहित्य और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
समारोह का समापन 2 अगस्त (रविवार) को होगा। अंतिम दिन प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी "दो बैलों की कथा" पर आधारित नाट्य मंचन के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। मुंशी प्रेमचंद स्मारक एवं शोध संस्थान ने साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और नागरिकों से समापन समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।



