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ऑनलाइन व्यापार के विरोध में बंद रही दवा की दुकानें, पर्ची लेकर भटकते रहे तीमारदार

ऑनलाइन व्यापार के विरोध में बंद रही दवा की दुकानें, पर्ची लेकर भटकते रहे तीमारदार
May 20, 2026, 07:33 AM
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Posted By Preeti Kumari

Pharmacy shops remained closed in protest against online trade, and patients wandered around with prescriptions.


वाराणसी: एआईओसीडी के आह्वान पर आऑनलाइन दवा कारोबार के विरोध में बुधवार को वाराणसी में दवा की दुकानों की बंदी का व्यापक असर दिखाई दिया. सप्तसागर दवा मंडी सहित शहर के कई प्रमुख इलाकों में मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे मरीजों और तीमारदारों को दवाइयों के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी. बंदी का आह्वान ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (एआईओसीडी) की ओर से किया गया था, जिसका समर्थन दवा विक्रेता समिति वाराणसी ने भी किया.


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बुधवार सुबह से ही सप्तसागर, लंका, भेलूपुर, लहुराबीर, कबीरचौरा समेत कई इलाकों में दवा की दुकानें बंद नजर आईं. अस्पतालों और क्लीनिकों के बाहर मरीजों के परिजन जरूरी दवाओं के लिए इधर-उधर भटकते दिखाई दिए. कई लोगों को खुली दुकानों की तलाश में दूर-दराज तक जाना पड़ा. दवा विक्रेता समिति वाराणसी के महामंत्री संजय सिंह ने बताया कि ऑनलाइन दवा कारोबार न सिर्फ छोटे और मध्यम दवा व्यापारियों के लिए नुकसानदायक है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से भी ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवाओं की खरीद में गलत दवा मिलने, एक्सपायरी या शिकायत होने पर उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.


इसी के विरोध में राष्ट्रीय स्तर पर बंदी का निर्णय लिया गया. उन्होंने बताया कि वाराणसी जिले में करीब पांच हजार दवा दुकानें हैं. सप्तसागर दवा मंडी से पूर्वांचल के लगभग 10 जिलों के दवा कारोबारी प्रतिदिन दवाएं खरीदने आते हैं. बंदी के समर्थन में समिति के पदाधिकारियों ने पहले ही अभियान चलाकर दुकानदारों को जागरूक किया था. चिकित्सा सेवा से जुड़े कई संगठनों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है. समिति के अनुसार, बंदी की सूचना ड्रग विभाग समेत संबंधित अधिकारियों को पहले ही दे दी गई थी.


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इस मामले पर दवा व्यापारियों का कहना है कि, उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा. देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में शहर की हजारों थोक और फुटकर दवा दुकानें बंद रहने से आम लोगों को दवाओं की खरीद में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दवा विक्रेता संगठनों का कहना है कि ई-फार्मेसी और भारी डिस्काउंट की नीति से पारंपरिक दवा कारोबार प्रभावित हो रहा है.


हड़ताल के चलते मरीजों और उनके परिजनों को सलाह दी गई है कि जरूरी दवाओं की व्यवस्था पहले से कर लें, क्योंकि बंद का असर शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोरों पर देखने को मिल सकता है. एआईओसीडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस शिंदे के अनुसार बिना मजबूत रेगुलेशन के ऑनलाइन दवा बिक्री तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि इससे पारंपरिक केमिस्टों के रोजगार पर खतरा पैदा हो रहा है और बिना डॉक्टर के पर्चे के गंभीर दवाओं की बिक्री का जोखिम भी बढ़ रहा है.


दवा व्यापारियों की तीन प्रमुख मांगें


GSR 817 अधिसूचना को रद्द किया जाए. ई-फार्मेसी के लिए सख्त और नई नियामक व्यवस्था लागू की जाए. कोरोना महामारी के दौरान लागू GSR 220 अधिसूचना को भी समाप्त किया जाए. व्यापारियों का कहना है कि जब तक सरकार ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर स्पष्ट और कड़े नियम नहीं बनाती, उनका विरोध जारी रहेगा.


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तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
वाराणसी: स्थानीय तुलसी घाट पर मंगलवार को संकट मोचन फाउंडेशन और ‘मदर्स फॉर मदर’ के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस जागरूकता कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी करीब 50 महिलाओं ने भाग लिया.कार्यशाला को संबोधित करते हुए ‘मदर्स फॉर मदर’ की अध्यक्षा आभा मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि यदि नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाया जाए तो संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा और मजबूती मिलेगी. उन्होंने महिलाओं से दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एक विशेष प्रश्नावली के माध्यम से अपने व्यक्तिगत कार्बन फुटप्रिंट का आकलन किया. विशेषज्ञों ने उन्हें ऊर्जा की बचत, प्लास्टिक के कम उपयोग, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने जैसे उपायों की जानकारी दी. साथ ही कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना भी तैयार कराई गई.ALSO READ:गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...कार्यशाला में यह भी बताया गया कि ‘मदर्स फॉर मदर’ संस्था तकनीक और कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है. संस्था के प्रयासों से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बन रही हैं.इस अवसर पर अशोक पांडेय, गोपाल पांडेय, विकल्प दुबे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने की प्रतिबद्धता जताई.
 गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
वाराणसी:काशी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित गंज शहीदा मस्जिद को लेकर मंगलवार को एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया. मस्जिद के मुख्य द्वार पर अचानक एक नई नोटिस चस्पा कर दी गई. नोटिस में 13 जून को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नोटिस को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की बात लिखी गई थी.नोटिस लगते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व मस्जिद कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचने लगे. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार दोपहर एक रेलकर्मी मस्जिद के गेट पर नई नोटिस लगाकर चला गया.नई नोटिस में कहा गया था कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के पास स्थित मस्जिद के संबंध में 13 जून को जारी नोटिस को रेलवे प्रशासन रद्द करता है. नोटिस पर उत्तर रेलवे वाराणसी का उल्लेख भी किया गया था.जैसे ही इसकी जानकारी फैली मस्जिद के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई. दोपहर से शाम तक स्थानीय नागरिक, मस्जिद कमेटी के सदस्य और आसपास के लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे. सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर रेलवे प्रशासन ने अपना पुराना फैसला वापस क्यों लिया.हालांकि शाम करीब 5:50 बजे मामले ने नया मोड़ ले लिया. रेलवे अधिकारी आरपीएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और मस्जिद के गेट पर लगी नई नोटिस को हटवा दिया.मौके पर मौजूद रेलवे के आईडब्ल्यू काशी विनय सिंह ने बताया कि यह नई नोटिस रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नहीं की गई थी. किसने इसे चस्पा किया इसकी जानकारी नहीं है. जानकारी मिलते ही आरपीएफ की मौजूदगी में उसे फाड़ दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि रेलवे की ओर से पहले जारी नोटिस ही मान्य है.वहीं इस पूरे घटनाक्रम में नया दावा तब सामने आया जब नोटिस चस्पा करने वाले रेलकर्मी सुनील ने बताया कि उसने यह नई नोटिस रेलवे अधिकारियों के कहने पर लगाई थी. बाद में उन्हीं के निर्देश पर उसे फाड़कर हटा दिया गया.अब इस पूरे मामले में सवाल और संशय दोनों गहराते जा रहे हैं. आखिर नई नोटिस किसने जारी की किसके आदेश पर लगाई गई और फिर क्यों हटाई गई. देर शाम तक रेलवे प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही.
 री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
वाराणसी : आईएमएस-बीएचयू (IMS BHU) की बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा पूनम कुमारी को बिहार के लखीसराय जिले में री-नीट परीक्षा में दूसरी अभ्यर्थी की जगह फर्जी परीक्षा देते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैयह मामला बड़े सॉल्वर गिरोह का हिस्सा है, जिसमें कुल 30 लोगों को पकड़ा गया है.गिरोह में मेडिकल-नर्सिंग के 12 छात्र-छात्राएं शामिल है.पुलिस के अनुसार पूनम कुमारी झारखंड के गिरिडीह जिले के बरमसिया गांव की निवासी है. वह 2025 बैच की बीएससी नर्सिंग छात्रा है.लखीसराय के एक परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थी मधु प्रिया की जगह फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर वह परीक्षा देने बैठी थी.गिरोह ने इस फर्जीवाड़े के लिए पूनम से 10 लाख रुपये की डील की थी, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस में दिए जा चुके थे. बाकी रकम रिजल्ट और कॉलेज एलॉटमेंट के बाद देने की बात हुई था. गिरोह में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जिनमें एम्स के छात्र भी बताए जा रहे हैं।इस घटना से बीएचयू परिसर में हड़कंप मच गया है. आईएमएस-बीएचयू के निदेशक ब्रिगेडियर एसएन संखवार ने कहा, “अभी हमें पूरी जानकारी नहीं मिली है.लखीसराय पुलिस से संपर्क नहीं हुआ है. यदि हमारी छात्रा इसमें शामिल पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.छात्रा पर पहले भी था केसजानकारी के अनुसार पूनम कुमारी पर यह पहला मामला नहीं है. वर्ष 2021 में भी बीएचयू के दंत संकाय (Dental Faculty) की एक छात्रा को नीट परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोप में सारनाथ के सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल से गिरफ्तार किया गया था.उस समय भी अभ्यर्थी की मां को भी पकड़ा गया था.ALSO READ : लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...पुलिस जांच में जुटीलखीसराय पुलिस की टीम सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. प्रेरणा कुमार (पुलिस अधिकारी) ने कहा, “हम पूरे गिरोह की जांच कर रहे हैं. बायोमेट्रिक कर्मियों की मिली भगत की भी छानबीन की जा रही है.