मीट, मछली की दुकानें शहर के बाहर करने का विरोध, विपक्ष का नगर निगम पर प्रदर्शन...

वाराणसी : मीट, मछली की दुकानों को शहर से बाहर करने के विरोध में कांग्रेस, सपा, वामपंथी दलों और आम आदमी पार्टी समेत दुकानदारों ने मंगलवार को नगर निगम पर प्रदर्शन किया. इस दौरान नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को ज्ञापन सौंपा गया. प्रदर्शन में शामिल चौकाघाट मछली मंडी के दिनेश चौहान ने कहा कि नगर निगम का यह फैसला किसी व्यापारिक व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि हजारों छोटे दुकानदारों, कामगारों और उनके परिवारों की आजीविका पर सीधा हमला है. मछली दुकानों को हटाने से शहर के लाखों उपभोक्ताओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा. मीट या मछली खरीदने के लिए लोगों को कई किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ेगी.

कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि वाराणसी सदियों से विविध संस्कृतियों, समुदायों और खान-पान की परंपराओं वाला शहर रहा है. किसी एक विचारधारा के आधार पर लोगों की भोजन संबंधी पसंद और रोजगार के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाना शहर की बहुसांस्कृतिक पहचान और संविधान की भावना के विपरीत है. समाजवादी पार्टी के पार्षद हारून ने कहा बनारस के सभी लोगो की मांग है कि नगर निगम अपने निर्णय को तत्काल वापस ले. मीट-मछली विक्रेताओं का सर्वे कर उन्हें नियमानुसार लाइसेंस, आवश्यक प्रमाणपत्र, स्वच्छ एवं पक्की दुकानें, कोल्ड स्टोरेज, स्वच्छ पानी, बिजली तथा वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.

आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल ने कहा मीट मछली रोजगार करने वालों में एक बड़ी संख्या पटरी पर सड़क किनारे दुकानों की है. इन्हें स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण एवं पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत पंजीकृत करने और वेंडिग जोन में जगह दिए जाने की जरूरत है. कम्युनिस्ट पार्टी इंडिया से अजय मुखर्जी ने बताया नगर निगम का ये फैसला आजीविका की स्वतंत्रता के साथ साथ खाने की आजादी का भी हनन कर रहा है. कार्यक्रम का संचालन नंदलाल मास्टर और संजीव सिंह ने किया. प्रदर्शन के दौरान नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर निर्णय पर पुनर्विचार की मांग रखी गई.
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नगर निगम का उद्देश्य रोजगार छीनना नहीं - नगर आयुक्त
धरना-प्रदर्शन के बाद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि नगर निगम का उद्देश्य किसी भी व्यापारी का रोजगार छीनना नहीं है. उन्होंने बताया कि नगर निगम शहर के बाहरी क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए व्यापारिक स्थल विकसित करने की योजना पर कार्य कर रहा है. इन स्थानों पर बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे इच्छुक व्यापारी वहां अपना कारोबार स्थापित कर सकें. उनका कहना था कि इस पहल का उद्देश्य व्यापार को व्यवस्थित करना, स्वच्छता बनाए रखना और भविष्य में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है. व्यापारी संगठनों का कहना है कि यदि भविष्य में किसी नई व्यवस्था को लागू किया जाता है तो उससे पहले सभी संबंधित पक्षों से बातचीत की जानी चाहिए. उनका मानना है कि प्रशासन और व्यापारियों के बीच संवाद से ऐसा समाधान निकाला जा सकता है, जिससे व्यापार भी प्रभावित न हो और शहर की व्यवस्थाएं भी बेहतर बनी रहें.



