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पद्मविभूषण डॉ. आदित्यनाथ झा की 115वीं जयंती पर व्यक्तित्व और कृतित्व को किया गया याद

पद्मविभूषण डॉ. आदित्यनाथ झा की 115वीं जयंती पर व्यक्तित्व और कृतित्व को किया गया याद
Aug 18, 2026, 01:03 PM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : 18 अगस्त। मैथिल समाज, उत्तर प्रदेश और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति पद्मविभूषण डॉ. आदित्यनाथ झा की 115वीं जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वैज्ञानिक एवं कुलानुशासक प्रो. जितेन्द्र कुमार ने की। वक्ताओं ने डॉ. आदित्यनाथ झा के जीवन-दर्शन, विद्वत्ता, प्रशासनिक क्षमता और भारतीय ज्ञान-परंपरा के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।


अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. जितेन्द्र कुमार ने कहा कि डॉ. आदित्यनाथ झा जैसे महान व्यक्तित्व का स्मरण श्रद्धा और गौरव से भर देता है। उनका जीवन ज्ञान, संस्कार, कर्तव्यनिष्ठा और भारतीय परंपरा के प्रति समर्पण का प्रेरक संदेश है। उन्होंने अपनी विद्वत्ता और दूरदृष्टि से विश्वविद्यालय को नई दिशा दी तथा संस्कृत को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों का स्मरण केवल अतीत को याद करना नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को आत्मसात कर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना है। आवश्यकता है कि उनके कृतित्व से प्रेरणा लेकर विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को और समृद्ध किया जाए तथा भारतीय ज्ञान-परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।


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प्रतिभा, परंपरा और दूरदृष्टि का अद्वितीय संगम


मुख्य वक्ता तुलनात्मक धर्म दर्शन विभाग के विभागाध्यक्ष, दर्शन संकाय प्रमुख एवं पूर्व कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने डॉ. आदित्यनाथ झा के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 18 अगस्त 1911 को जन्मे डॉ. आदित्यनाथ झा ऐसे विलक्षण व्यक्तित्व थे, जिन्होंने शिक्षा, प्रशासन और सार्वजनिक जीवन के अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।


उन्होंने बताया कि डॉ. आदित्यनाथ झा महान संस्कृत विद्वान सर गंगानाथ झा के सुपुत्र थे। वे प्राचार्य, आईसीएस अधिकारी, मुख्य सचिव, दिल्ली के प्रथम उपराज्यपाल तथा भारतीय प्रशासनिक अकादमी, देहरादून के प्रथम निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। मुख्य सचिव रहते हुए उन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति का दायित्व भी संभाला। विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति के रूप में उन्होंने संस्था को व्यापक दृष्टि प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


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प्रो. शुक्ल ने कहा कि डॉ. आदित्यनाथ झा ने संस्कृत के विद्यार्थियों और विद्वानों को आधुनिक ज्ञान से जोड़ने के लिए अंग्रेजी विषय को भी महत्व दिया। उन्होंने भारतीय ज्ञान-परंपरा को समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने का प्रयास किया। पिता से कुलपति का दायित्व ग्रहण करना उनके लिए महज पदभार नहीं, बल्कि पितृऋण चुकाने जैसा भाव था। उनकी विद्वत्ता, लेखन, प्रशासनिक कुशलता और दूरदृष्टि ने विश्वविद्यालय की नींव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 18 जनवरी 1972 को उनके निधन के बावजूद उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी विश्वविद्यालय के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत है।


नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत


विशिष्ट अतिथि प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी ने कहा कि विश्वविद्यालय की समृद्ध परंपरा को अपने ज्ञान और कर्तृत्व से गौरवान्वित करने वाले आचार्यों का स्मरण आवश्यक है। डॉ. आदित्यनाथ झा जैसे विशिष्ट कुलपतियों की जयंती मनाने से उनके योगदान और प्रेरणादायी व्यक्तित्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है।


सारस्वत अतिथि प्रो. सुधाकर मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय के उन विशिष्ट आचार्यों का स्मरण किया जाना चाहिए, जिन्होंने कुलपति के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी। आदित्यनाथ झा जैसे विद्वान और दूरदर्शी व्यक्तित्व का स्मरण विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा के साथ भावी पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।


छात्रकल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. शैलेश कुमार मिश्र ने कहा कि डॉ. आदित्यनाथ झा का संस्था के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी विश्वविद्यालय के लिए प्रेरणास्रोत है।


मैथिल समाज ने किया पारंपरिक अभिनंदन


कार्यक्रम के दौरान मैथिल समाज की ओर से प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल, प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, महेन्द्र पाण्डेय, प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, प्रो. विजय कुमार पाण्डेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. अमित कुमार शुक्ल, डॉ. मधुसूदन मिश्र और जनसंपर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र का पारंपरिक रूप से अभिनंदन किया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण, दीप प्रज्ज्वलन और स्वागत-अभिनंदन के साथ हुआ। संस्था के अध्यक्ष निरसन कुमार झा ने स्वागत किया। कार्यक्रम का संयोजन, सह-संयोजन, संचालन एवं विषय उपस्थापन डॉ. कमलेश कुमार झा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन गौतम कुमार झा (अधिवक्ता) ने किया।


इस अवसर पर प्रो. विधु द्विवेदी, प्रो. विजय पाण्डेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. अमित कुमार शुक्ल, डॉ. विशाखा शुक्ला, डॉ. मधुसूदन मिश्र, गौतम झा, निरसन कुमार झा सहित विश्वविद्यालय एवं मैथिल समाज से जुड़े अनेक लोग उपस्थित रहे।

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.