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UGC के चक्कर में PCS अफसर ने दिया इस्तीफा, किया धरना प्रदर्शन

UGC के चक्कर में PCS अफसर ने दिया इस्तीफा, किया धरना प्रदर्शन
Jan 27, 2026, 11:12 AM
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Posted By Preeti Kumari

यूजीसी के नए नियम को लेकर देशभर में विवाद छिड़ गया है. जहां सार्वजनिक रूप से इस्तीफा देने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री की परेशानियां बढ़ गई हैं. जी हां, वो बरेली डीएम ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन पर बैठ गये. इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि, उन्हें डीएम अविनाश सिंह द्वारा बंधक बनाया गया और उन्हें सुनियोजित साजिशन के तहत सस्पेंड कर दिया गया है.


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इन्हीं आरोपों का खंडन करते हुए एडीएम न्यायिक देश दीपक सिंह ने बताया कि, वहां बंधक बनाने जैसी कोई बात नहीं थी. वहीं अग्निहोत्री ने यह मांग की है कि, डीएम स्वंय आकर उन्हें ये बताने की कोशिश करें कि कल शाम किसका फोन आया था और पंडितों के लिए अपशब्द जैसे शब्दों का इस्तेमाल भी कर रहा था. अगर बरेली डीएम आने में असमर्थ हो तो पीएम या गृहमंत्री ही आने का कष्ट करें.


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UGC के विरोध में सवर्ण वर्ग


दरअसल, UGC की नई गाइडलाइन को लेकर सवर्णों ने विरोध शुरू कर दिया है. इन बढ़ते विवादों के बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा देना चर्चाओं का विषय बन बैठा है. यूपी पीसीएस 2019 बैच के अधिकारी और बरेली के पीसीएस अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दिया और कहा, उनका इस्तीफ़ा पद और प्रतिष्ठा से ऊपर स्वधर्म और स्वाभिमान से कम नहीं है. यूजीसी की नई गाइडलाइन का विरोध करते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि, ये नया नियम सभी वर्ग के छात्रों का शोषण करने वाला है. जो सभी जातियों के बच्चों के प्रति विषमताओं और षड्यंत्र करने का मौक़ा मिलेगा.


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मेरा इस्तीफा देने का निर्णय व्यक्तिगत लाभ या हानि नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनकी जवाबदेही और अंतरात्मा की आवाज है. उन्होंने कहा कि इस इस्तीफे वजह UGC के साथ-साथ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की चोटी पकड़कर पिटाई ब्राह्मणों का अपमान है. क्योंकि प्रयागराज माघ मेले में जिन पूजनीय संतों का अपमान और ब्राह्मणों का उत्पीड़न किया गया. हैरानी की बात यह है कि अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के बटुक शिष्यों की पिटाई प्रशासन द्वारा की गई. जिस समाज में संतों की शिखा को छुआ तक नहीं जाता, वहां उन्हें घसीट कर मारा जा रहा है. जब सुरक्षा करने वाला प्रशासन ही मर्यादाओं का उल्लंघन करने लगे तो आम जनता की बात ही निराली है. ऐसे दुर्वव्यवहार ने मानवता को शर्मसार करने में जरा भी कसर नहीं छोड़ी है.


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अग्निहोत्री के इस्तीफे ने मचाया बवाल


वहीं गौर करने वाली बात यह है कि मजिस्ट्रेट अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि, अब समय आ गया है कि ब्राह्मण और अन्य सवर्ण वर्ग का प्रतिनिधित्व करने के लिए वैकल्पिक राजनीतिक व्यवस्था का निर्माण करने का. इससे ये आशंका जताई जा रही है कि, इस्तीफे के बहाने वो राजनीति में एंट्री मारने के मूड में हैं.


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जाने क्या है UGC नियम


बात करें यूजीसी यानि यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने एक नया नियम बनाया हैं जिसका नाम है Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026. ये नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए हैं. इस नियम के मुताबिक हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनानी होगी. इस कमेटी में शामिल एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतें सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी.


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कमेटी में एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिलाओं का होना बेहद जरूरी है. कमेटी का काम कैंपस में बराबरी का माहौल बनाने के साथ ही पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए योजनाएं लागू करना होगा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा लाए गए यूजीसी नियमों पर सुनवाई कर कोर्ट ने कहा कि, 2012 के पुराने नियमों को अपडेट करें और भेदभाव रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाएं.

इस पेंगुइन ने खीचा लोगों का ध्यान, वायरल हुई वीडियो
इस पेंगुइन ने खीचा लोगों का ध्यान, वायरल हुई वीडियो
अंटार्कटिका की अंतहीन बर्फ के बीच एक अकेला पेंगुइन, अपनी कॉलोनी को पीछे छोड़कर विशाल बर्फीले पहाड़ों की ओर बढ़ रहा है. इन दिनों इंटरनेट पर वायरल वीडियो सनसनी मचा रहा है. यह वायरल वीडियो रेजिस्टेंस और विद्रोह का एक अनूठा प्रतीक बन गया है. सोशल मीडिया पर लोग इसे रॉबर्ट फ्रॉस्ट की 'रोड नॉट टेकन' चुनने वाला बता रहे हैं, जिसके बाद हर कोई यही जानना चाहता है कि, अपनी कॉलोनी को छोड़कर आखिर वो पेंगुइन अकेला पहाड़ की तरफ क्यों जा रहा है? तो चलिए आज हम आपको इसके बारे में बताते हैं.आखिर क्या है 'निहिलिस्ट पेंगुइन' की असली कहानी?सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो की सच्चाई यह है कि, जनवरी 2026 में वायरल हो रहा ये वीडियो यह हालिया का नहीं है. यह क्लिप 19 साल पुरानी एक डॉक्यूमेंट्री 'एनकाउंटर्स एट द एंड ऑफ द वर्ल्ड' (2007) से ली गई है, जिसे जर्मन फिल्म निर्माता वर्र्नर हर्जोग ने निर्देशित किया था, इस फिल्म में एक एडली पेंगुइन को अपनी कॉलोनी से दूर जाते दिखाया गया है.आमतौर पर पेंगुइन समुद्र की ओर जाते हैं, जहां उन्हें खाना और जीवन मिलता है, लेकिन यह पेंगुइन उनसे उलट दुर्गम पहाड़ियों की ओर जा पड़ा. हर्जोग ने इसे ‘डेथ मार्च’ यानी मौत की यात्रा कहा, क्योंकि उस दिशा में पेंगुइन का जीवित बचना नामुमकिन था.क्यों छोड़ दिया उसने सब कुछफिल्म में बताया जा रहा है कि, अगर उस पेंगुइन को पकड़कर वापस कॉलोनी में छोड़ भी दिया जाता, तब भी वह मुड़कर फिर से उसी ‘डेथ मार्च’ पर निकल पड़ता है. फिल्म निर्माता ने यह भी कन्फर्म किया था कि वह पेंगुइन उन पहाड़ों की ओर करीब 70 कि.मी. चला, लेकिन बाद में उसकी मृत्यु हो गई. अब हजारों लोग इस पेंगुइन का वीडियो और मीम शेयर कर रहे हैं. इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी शामिल हैं. उन्होंने पेंगुइन के साथ एक एआई जेनेरेटेड पोस्ट शेयर करके ग्रीन लैंड पर कब्जा करने की अपनी धमकी को बढ़ावा दिया है.इस वायरल वीडियों में डोनाल्ड ट्रंप को पेंगुइन को देख कई लोगों ने टॉक्सिक वर्क कल्चर को लेकर निशाना साधा हैं. कई लोगों ने इसे इनर पीस से जोड़कर देख रहे हैं कि यह पेंगुइन दुनिया के दिखावे को छोड़कर अकेले निकल पड़ा है, वह दुनिया की भीड़ में और दिखावा नहीं करना चाहता है.
उमा भारती बोलीं, शंकराचार्य होने का सबूत मांगना मर्यादा का उल्लंघन
उमा भारती बोलीं, शंकराचार्य होने का सबूत मांगना मर्यादा का उल्लंघन
यूपी के प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. दोनों पक्ष अपनी-अपनी बातों पर अडिग है. इस बीच एमपी की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने प्रशासन द्वारा शंकराचार्य होने के सबूत मांगने को पूरी तरह अनुचित करार दिया है. हालांकि, उन्होंने इसके साथ यह भी कहा है कि योगी विरोधी खुशफहमी न पालें. मेरा कथन सीएम योगी के खिलाफ नहीं हैं.मर्यादाओं का उल्लंघन कियाप्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के विवाद पर पूर्व सीएम उमा भारती ने बयान दिया और प्रशासन द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगने को अनुचित बताया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि, उनका कथन सीएम योगी के खिलाफ नहीं है, यह अधिकार सिर्फ शंकराचार्यों या विद्वत परिषद का है.इस मामले में कई अधिकारियों ने अपना इस्तीफा भी दिया है. जहां उमा भारती ने अपने एक ट्वीट में लिखा था, मुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा. लेकिन, प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, यह प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं और अधिकारों का उल्लंघन किया है.यूपी में इस्तीफे का दौर जारी वहीं दूसरी तरफ यूपी में जारी अफसरों द्वारा दिया जा रहे इस्तीफे पर उमा भारती ने चिंता जताई और कहा कि, लागू हुआ नया नियम यूजीसी और शंकराचार्य के शिष्यों के साथ हुए अत्याचार को देख बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपना इस्तीफा तक दे दिया. यूपी में यह कोई पहला इस्तीफा नहीं, बल्कि अयोध्या में GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. जिसे लेकर यूपी की राजनीति गरमाई हुई है.
काशी विद्यापीठ में समाज कार्य विभाग की स्किल डेवलपमेंट परीक्षा 6 फरवरी को
काशी विद्यापीठ में समाज कार्य विभाग की स्किल डेवलपमेंट परीक्षा 6 फरवरी को
वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाज कार्य विभाग में स्नातक प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के नियमित और छूटे हुए विद्यार्थियों की स्किल डेवलपमेंट (एन.जी.ओ. मैनेजमेंट एंड वॉलंट्री एक्शन ) की परीक्षा 6 फरवरी को आयोजित की जाएगी.विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. वंदना सिन्हा ने बताया कि परीक्षा दोपहर 12 बजे से समाज कार्य संकाय के प्रो. राजाराम शास्त्री सभागार में होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा में सभी संबंधित विद्यार्थियों की उपस्थिति अनिवार्य है. अनुपस्थित रहने पर पुनः परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाएगा.मनोविज्ञान विभाग में मिड-टर्म परीक्षा 31 जनवरी कोमहात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में स्नातक तृतीय सेमेस्टर के छात्रों के लिए साइकोलॉजिकल टेस्टिंग (स्किल डेवलपमेंट) विषय की मिड-टर्म परीक्षा एवं असाइनमेंट प्रेजेंटेशन 31 जनवरी को आयोजित की जाएगी.विभागाध्यक्ष प्रो. शेफाली वर्मा ठकराल ने बताया कि बी.ए., बी.कॉम. एवं बी.एस-सी. पाठ्यक्रम के छात्रों की यह परीक्षा पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 01 बजे तक होगी। वहीं, साइकोलॉजिकल टेस्टिंग (स्किल डेवलपमेंट) की मुख्य परीक्षा 05 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 01 बजे तक कक्ष संख्या-09 में संपन्न होगी.ALSO READ : बनारस लिट फेस्ट - गंगा आरती, ऋतेश्वर महाराज के आशीर्वचन से शुरू होगा आयोजन, ये होंगे खास