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बीएचयू में शव देखकर ठिठके कदम, अनहोनी की आशंका पर निकला पुतला

बीएचयू में शव देखकर ठिठके कदम, अनहोनी की आशंका पर निकला पुतला
Oct 15, 2025, 08:35 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : बीएचयू परिसर में मंगलवार को उस समय लोगों के कदम ठिठक गए जब उन्होंने एक शव पडा देखा. अफरा तफरी के बीच आनन फानन किसी राहगीर ने इसकी सूचना प्राक्टोरियल बोर्ड के कंट्रोल रूम का दी गई. बताया गया कि कैंपस में कंप्यूटर सेंटर के समीप एक काली पन्नी में लपेटा हुआ शव प्रतीत हो रहा है. सूचना मिलते ही सुरक्षार्मियों में खलबली मच गई. इसके बाद बीएचयू प्राक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी मौके पर भाग कर पहुंचे.


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जितने मुंह उतनी बातें


इस दौरान मौके पर तमाशबीनों की भीड़ जुट गई. जितने मुंह उतनी बातें होने लगी. कई छात्र भी पहुंचे और फोटो खींचने के साथ ही वीडियो बनाने लगे. सुरक्षाकर्मी वहां मौजूद लोगों को हटाने में लगे रहे. करीब 10 मिनट तक सुरक्षाकर्मियों की धड़कन बढ़ी रही. शव होने की आशंका में कोई पास नहीं जाना चाह रहा था. प्लास्टिक की पन्‍नी को बहुत ही सलीके से इस तरह बांधा गया था कि वह शव की तरह लग रहा था.

राज्यसभा के लिए जारी वोटिंग, इस सीट पर बना सस्पेंस
राज्यसभा के लिए जारी वोटिंग, इस सीट पर बना सस्पेंस
राज्यसभा की 11 सीटों के लिए आज सोमवार को वोटिंग जारी है. चुनाव में बिहार की 5, ओडिशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटें शामिल हैं. सबुह से हो रहे मतदान के नतीजे भी आज शाम तक घोषित किए जाएंगे. 11 सीटों के लिए हो रहे वोटिंग के लिए मतदाता सुबह से ही लाइनों में लगकर अपने हक का वोट डाल रहे है. इस बार देशभर में राज्यसभा की 37 सैंतीस सीटों पर चुनावी -प्रक्रिया चल रही है, जिनमें से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं. निर्विरोध चुने गए सदस्यों में शरद पवार, रामदास अठावले, अभिषेक मनु सिंघवी, थंबी दुरई, विनोद तावड़े और बाबुल सुप्रियो समेत कई बड़े नेताओं का नाम चुना जा चुका है, जिन्हे पहले से ही निर्विरोध राज्यसभा भेजा जा चुका है. लेकिन बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है.इन नेताओं की जीत पर बना सस्पेंस आपको बता देंं कि, बिहार में जनता दल यूनाइटेड यानि (JDU) और BJP के चार उम्मीदवार नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, नितिन नवीन और शिवम कुमार जैसे नेताओं की जीत लगभग-लगभग तय मानी जा रही है. मगर असली जंग तो पांचवीं सीट पर देखने को मिलेगी, जहां NDA के उपेंद्र कुशवाहा और महागठबंधन समर्थित एडी सिंह आमने‑सामने हैं. क्योंकि, महागठबंधन के पाले में 35 विधायक हैं. ऐसे में जीत के लिए 41 इकतालीस वोट चाहिए. ऐसे में अगर AIMIM के सभी 5 और BSP का 1 वोट मिलने से उनकी स्थिति काफी हद तक मजबूत मानी जा रही है. क्योंकि, NDA का मानना है कि, महागठबंधन के कम से कम तीन विधायक क्रॉस-वोटिंग कर सकते हैं.इसके अलावा कांग्रेस के 6 और BSP विधायक का भी सहारा क्रॉस-वोटिंग ही माना जा रहा है. मतलब साफ है कि इस सीट का फैसला पूरी तरह से क्रॉस-वोटिंग पर ही निर्भर करता है. जिसे लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बड़ा बयान दिया और कहा कि, हम पूरी मजबूती के साथ राज्यसभा के लिए हो रहे इस चुनाव में जीत हासिल करने के लिए लड़ रहे हैं. दिक्कत है तो सिर्फ क्रॉस-वोटिंग से जिसके पक्ष में हम बिलकुल भी नहीं हैं. फिलहाल, महागठबंधन के सभी विधायक एकजुट हैं. विपक्षी खेमें में किसी भी तरह की गुंजाइश नहीं हैं. यहीं कारण है कि, इस चुनाव को लोकतात्रिक प्रतिबद्धता और सिद्धांतों से लड़ा जा रहा है,यह भी पढ़ें: राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है सोशल मीडिया,सीएम के नेतृत्व में प्रशिक्षण महाभियानजाने ओडिशा में BJP की स्थिति ओडिशा विधानसभा में भाजपा के पास 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी है. इससे दो सीटें उसके खाते में लगभग तय हैं. तीसरे उम्मीदवार के लिए भाजपा को 8 अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी. वहीं इसकी तुलना में बीजू जनता दल को 48 विधायकों के साथ उसकी एक सीट पक्की मानी जा रही है. अगर कांग्रेस (14) और CPM (1) का समर्थन जोड़ दिया जाए तो पार्टी एक और सीट जीत सकती है. चौथी सीट पर BJP समर्थित दिलीप रे और BJD के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा.
राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है सोशल मीडिया,सीएम के नेतृत्व में प्रशिक्षण महाभियान
राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है सोशल मीडिया,सीएम के नेतृत्व में प्रशिक्षण महाभियान
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के काशी क्षेत्र वाराणसी शिवपुर विधानसभा में शिवपुर मंडल के भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अभियान पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के समापन सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में अरविंद मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया एवं एआई समेत तमाम विषयों पर प्रशिक्षण दिया.सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता जिला मीडिया प्रभारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि,यह प्रशिक्षण अभियान वास्तव में सेवा, संगठन और समर्पण की भावना को मजबूत करने का प्रयास है. भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस महाभियान के माध्यम से यह संकल्प ले रहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण के इस अभियान को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाएगा.निस्संदेह, जब विचारधारा, संगठन और सेवा का संगम होता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की एक नई धारा प्रवाहित होती है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 इसी परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रहा है, जो भाजपा के कार्यकर्ताओं को जनसेवा के पथ पर और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.बता दें कि,इस महाभियान अंतर्गत मंडल स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है.ALSO READ: "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंहसमापन सत्र की अध्यक्षता पूर्व मंडल अध्यक्ष हीरालाल जायसवाल ने की, संचालन मंडल अध्यक्ष डॉ शशिकांत गिरी ने किया. वहीँ,प्रशिक्षण महाभियान में प्रमुख रूप से जिला उपाध्यक्ष दिनेश मौर्य, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, गोपाल भारद्वाज,संजय गुप्ता ,फूल प्रकाश दूबे, शोभनाथ गोड,मिंटू तिवारी,बलवन्त पटेल,रामनरेश, अंकित दूबे,शेषनाथ भारती,गंगाराम,ममता पटेल,सीता रानी मिश्रा,उर्मिला पांडेय,संजय गुप्ता,ममता पटेल ,मीना तिवारी,ममता राय,आदि मौजूद रहे.
"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
वाराणसी: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सांविधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान, उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा, विधान परिषद की ओर से “एसआईआर की वैधानिक उपादेयता” विषय पर आयोजित दो दिवसीय विचार गोष्ठी के द्वितीय एवं अंतिम सत्र का आयोजन शनिवार को हुआ. चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर के संबंध में सभी सदस्यों ने अपने विचार रखे. सदस्यों ने यह माना कि एसआईआर लोकतंत्र की मजबूती के लिए समय-समय पर कराया जाना आवश्यक है, जिससे लोकतंत्र के प्रति जन विश्वास की आस्था और मजबूत होगी. एसआईआर की वैधानिकता पर प्रकाश डालते हुए सदस्यों ने अनु. 324, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, नागरिकता अधिनियम 1955 पर गहन विचार विमर्श करते हुए चुनाव आयोग की आधिकारिकता एवं उसकी सीमाओं पर भी विस्तृत रूप से चर्चा पर परिचर्चा की.यह भी पढ़ें: वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापनसदस्यों ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को हो रही परेशानियों एवं उसके निराकरण के सुझाव दिए. विधान परिषद उत्तर प्रदेश के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने दो दिवसीय सत्र के समापन सत्र पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रस्तावित सिद्धांत "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है. यह फर्जी और दोहराए गए मतदाताओं को हटाकर लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने में, सहायक होता है. क्योंकि यह सूक्ष्म जांच की प्रक्रिया सुनिश्चित करता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग के "कोई भी मतदाता ना छूटे" के आदर्श वाक्य का समर्थन करता है. उन्होंने कहा की विधि आयोग की 255वीं रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव के लिए एक ही मतदाता सूची का उपयोग करने से प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी और सार्वजनिक संसाधनों की बचत होगी.विचार गोष्ठी के समापन सत्र पर सभापति, विधान परिषद ने विचार गोष्ठी में प्रतिभाग़ करने वाले सदस्यों, विद्वान वक्ताओं, आयोजक, मीडिया, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, कठिन परिश्रम और लगन से ही इस गोष्ठी को सफल और भव्य बनाया गया. विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ राजेश सिंह ने एसआईआर की वैधानिकता और उसके न्यायिक पक्ष एवं नागरिकों के मौलिक अधिकार पर अपने विचार प्रकट किया. उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया की आवश्यकता इसलिए है कि बाहरी घुसपैठियों की पहचान की जा सके और जिससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जा सके.