इन शर्तों पर मिली अनुमति, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की लखनऊ में होगी सभा

वाराणसी: गौ माता को राज्यमाता का दर्जा दिलाने का संकल्प लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बड़ा बयान सामने आया है. देश मे बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते अपराधों को लेकर शंकराचार्य ने शासन-प्रशासन और सरकार पर निशाना साधा है. उधर लखनऊ की सभा के लिए शंकराचार्य को 26 शर्तों के साथ अनुमति मिली है. अविमुक्तेश्वरानंद इस समय धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा पर निकले हैं. 11 मार्च को उनकी सभा लखनऊ में है.

"गो रक्षा से ही विश्व रक्षा"
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहाकि गो रक्षा से ही विश्व रक्षा होगी. जब जब गाय खतरे में है, तब तब देश पर संकट मंडराएगा. वहीं लखनऊ में होने वाली सभा को लेकर प्रशासन के अपडेट को लेकर स्वामी ने तंज कसा है. शंकराचार्य बोले- यहां नेटवर्क कमजोर है, जब निकलेंगे तब पता चलेगा. उन्होंने कहा, जो भी सरकारें हैं, वो हमारी हैं. जनता भी चाहती है कि गो माता का संकल्प पूरा हो, इसलिए गाय को राज्यमाता की पदवी मिलनी चाहिए.

अविमुक्तेश्वरानंद ने लखनऊ के लिए किया प्रस्थान
बता दें कि बीते 7 मार्च को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी से लखनऊ के लिए प्रस्थान किया था. वह अपने गो रक्षा अभियान के लिए जनसमर्थन जुटा रहे हैं. 11 मार्च को लखनऊ में वह इस अभियान को लेकर बड़ा बिगुल फूंकेंगे. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का आज शाम लखनऊ में आगमन होगा. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के गोरक्षा के कार्यक्रम को लंबी चौड़ी शर्तों के साथ अनुमति मिली है. वे अपनी पदयात्रा के दौरान यहां गो माता प्रतिष्ठा संकल्प महासभा' में हिस्सा लेंगे.
शंकराचार्य करेंगे गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध' का शंखनाद
यह महासभा 11 मार्च को कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर आयोजित होगी, जहां शंकराचार्य गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध' का शंखनाद करेंगे. शंकराचार्य ने इस यात्रा को धर्मयुद्ध का नाम दिया है. यात्रा का मुख्य मकसद गो माता को 'राष्ट्रमाता' या 'राज्यमाता' का दर्जा दिलाना, गो हत्या पर पूरी तरह रोक लगाना और गो संरक्षण को मजबूत करना है. यह पदयात्रा 7 मार्च को वाराणसी (काशी) से शुरू हुई थी.

शंकराचार्य ने पहले उत्तर प्रदेश सरकार को 40 दिनों का अल्टीमेटम दिया था, जब मांगें पूरी नहीं हुईं, तो उन्होंने यह अभियान शुरू किया. अब प्रशासन ने महासभा को अनुमति दे दी है, लेकिन 26 सख्त शर्तों के साथ. इन शर्तों का उद्देश्य शांति, यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है.
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इन शर्तों पर मिली अनुमति
किसी भी धर्म, जाति, संप्रदाय या भाषा के खिलाफ भड़काऊ भाषण बिल्कुल नहीं होगा. राजनीतिक या धार्मिक व्यक्तियों के खिलाफ विवाद फैलाने वाली बातें नहीं की जाएंगी. नाबालिग बच्चों से कोई विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे. वाहनों की संख्या सीमित रहेगी, पार्किंग से यातायात बाधित नहीं होगा. केवल पारंपरिक ध्वज-दंड की इजाजत, कोई हथियार या घातक वस्तु नहीं. ज्ञापन केवल अधिकृत अधिकारी को दिया जाएगा. कोई समस्या होने पर आयोजकों की पूरी जिम्मेदारी होगी और कानूनी कार्रवाई होगी.

पुलिस बल का खर्च आयोजकों को देना होगा. शांत क्षेत्र में लाउडस्पीकर, ढोल-नगाड़े या संगीत पर रोक. ध्वनि प्रदूषण नियमों का सख्त पालन होगा, उल्लंघन पर पर्यावरण कानून के तहत सजा. किसी भी शर्त के टूटने पर अनुमति अपने आप खत्म हो जाएगी. प्रशासन ने साफ कहा है कि शर्तों का पालन न होने पर कार्यक्रम रद्द हो सकता है.



