काशी विश्वनाथ मंदिर मार्ग पर वाहन प्रतिबंध को लेकर तीर्थ पुरोहितों ने दिए सुझाव...

वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के आसपास वाहनों का दबाव कम करने और दर्शनार्थियों को जाम से राहत दिलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस की ओर से प्रस्तावित यातायात व्यवस्था को लेकर तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने अपने सुझाव रखे। प्रस्ताव के तहत मंदिर के आसपास दो किलोमीटर के दायरे में ऑटो, ई-रिक्शा समेत तीन और चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने तथा श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाने के लिए गोल्फ कार्ट की व्यवस्था किए जाने की बात है। बैठक में इस पहल का स्वागत करते हुए कहा गया कि व्यवस्था बनाते समय पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
श्री काशी तीर्थ पुरोहित सभा की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मंदिर क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम होने से जाम से राहत मिलेगी, लेकिन किसी भी तरह का वाहन प्रतिबंध लागू करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले तीर्थयात्री गलियों में रहने वाले अपने तीर्थ पुरोहितों तक आसानी से पहुंच सकें। पर्यटकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि उन्हें घाटों और अन्य प्रमुख स्थलों तक पहुंचने में परेशानी न हो।

वक्ताओं ने सुझाव दिया कि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को घाट तक पहुंचाने के लिए तीन से चार बैटरी चालित टोटो चलाए जाएं। इन वाहनों को केवल पर्यटकों के लिए आरक्षित रखा जाए और इनका संचालन निर्धारित चौराहों से घाट तथा घाट से चौराहों तक किया जाए। इसके लिए समय निर्धारित करने के साथ ही क्षेत्र में इन वाहनों के लिए उचित पार्किंग की व्यवस्था भी की जाए।
बैठक में स्थानीय नागरिकों और क्षेत्रीय निवासियों के आवागमन को लेकर भी सुझाव दिए गए। वक्ताओं ने कहा कि सीमित संख्या में टोटो, टेंपो और चार पहिया वाहनों को निर्धारित समय के अनुसार गिरजाघर से गोदौलिया तक आवागमन की अनुमति दी जा सकती है, ताकि स्थानीय लोगों को अपने रोजमर्रा के काम के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
वक्ताओं ने बिना लाइसेंस और अवैध रूप से संचालित हो रहे टोटो व ऑटो की जांच कर उन्हें सीज करने की मांग भी की। उनका कहना था कि नियमों का उल्लंघन कर चल रहे ऐसे वाहन भी यातायात जाम की प्रमुख वजहों में शामिल हैं। इसलिए केवल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के बजाय अवैध और अनियमित वाहनों पर भी प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।
तीर्थ पुरोहितों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए यातायात के स्पष्ट नियम बनाए जाएं। उनका कहना था कि काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र की गलियों और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे वाहनों का दबाव और जाम कम हो, लेकिन श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के आवागमन में अनावश्यक बाधा न आए।
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बैठक में श्री काशी तीर्थ पुरोहित सभा के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के महामंत्री पं. कन्हैया त्रिपाठी, पं. मनीष नंदन मिश्र, पं. देवेंद्र नाथ शुक्ल, पं. किशोरी रमण दूबे (बाबू महाराज), पं. विवेक शुक्ल, पं. चंद्रशेखर शर्मा, जयेंद्र नाथ दूबे, पं. गणेश दत्त शास्त्री, पं. आमोद शुक्ल, पं. पवन शुक्ल, पं. गिरीश ठाकुर, महेंद्र नाथ गुप्ता, उमा शंकर बंसल, अजय बंसल, सुमित महरोत्रा, चंद्रप्रकाश महरोत्रा, मंटू गुप्ता, छोटेलाल यादव, बिज्जू यादव, कमलेश गुप्ता, शानू गुप्ता, कुंजू साव और पनारू साव समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और व्यापारी मौजूद रहे।



