असम दौरे पर पीएम मोदी, भास्कर वर्मा सेतु का किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को अपने असम दौरे पर हैं. अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी ने चाबुआ एयरफील्ड, वायुसेना के C-130 एयरक्राफ्ट से लेकर डिब्रूगढ़ तक का सफर किया. जिसके बाद उन्होंने गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया. डिब्रूगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंच पर CM हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने स्वागत किया. PM मोदी डिब्रूगढ़ में मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरे.

इस उद्घाटन से यह सेतु गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच यात्रा को आसान और तेज बनाएगा. 3300 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ यह छह लेन पुल ट्रैफिक दबाव कम करेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा. पिछले तीन महीनों में पीएम मोदी का ये तीसरा असम दौरा है, जो काफी अहम माना जा रहा है. क्योंकि असम में इसी साल 2026 विधानसभा चुनाव होना है. शायद यहीं कारण है कि प्रधानमंत्री का तीन बार असम का दौरा देखने को मिला है. वहीं, प्रधानमंत्री पीएम-ईबस सेवा योजना के जरिए गुवाहाटी (100), नागपुर (50), भावनगर (50) और चंडीगढ़ (25) में कुल 225 इलेक्ट्रिक बसों को भी हरी झंडी दिखाएंगे. इस योजना से 50 लाख से अधिक लोगों को स्वच्छ, किफायती और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिससे शहरी गतिशीलता और जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा.

राहत-बचाव ऑपरेशन में आएगी तेजी
बता दें, वायुसेना ने ELF को नॉर्थ ईस्ट में इमरजेंसी के दौरान मिलिट्री और सिविल एयरक्राफ्ट की लैंडिंग और टेक-ऑफ में मदद करने के लिए बनाया है, इससे नॉर्थईस्ट में प्राकृतिक आपदाओं, युद्ध जैसे हालात में बचाव और राहत ऑपरेशन में तेजी आएगी. मोरन हाईवे पर पीएम की मौजूदगी में राफेल, सुखोई समेत 16 लड़ाकू विमान एरियल शो किया। इस दौरान विमान हाईवे से ही लैंडिंग और टेकऑफ करके दिखाया। डेमो 30 मिनट तक चला. वहीं असम में 2016 से लगातार दो बार NDA की ही सरकार बनती चली आ रही है, जिसे आगे भी बरकरार रखने के लिए केंद्र की मोदी सरकार असम का चक्कर लगाने लगी है. हालांकि, 2001–2016 तक कांग्रेस की सरकार थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा सिर्फ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं है, बल्कि चुनावी बिगुल और समर्थन जुटाने का भी एक बड़ा मंच माना जा रहा है.
![]()
असम चुनाव को लेकर फाइनल वोटर लिस्ट जारी
आगामी चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने 10 फरवरी को ही असम में SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी भी कर दी है. इसमें कुल लगभग 2.49 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल हैं. SIR के दौरान लगभग 2.43 लाख नाम हटा दिए गए हैं. असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में NRC यानि (National Register of Citizens) और CAA (Citizenship Amendment Act) का मुद्दा फिर से राजनीतिक केंद्र में है, क्योंकि राज्य की राजनीति काफी लंबे समय से नागरिकता और पहचान के सवालों के इर्द-गिर्द घूमती रही है.

1985 के असम समझौते के अनुसार 24 मार्च 1971 के बाद राज्य में आए लोगों को अवैध प्रवासी माना जाना था, इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में NRC अपडेट किया गया और 2019 में जारी अंतिम सूची से लगभग 19 लाख लोगों के नाम बाहर रह गए.



