पीएम मोदी पर बयान दें मुश्किल में खरगे, EC की सख्त चेतावनी

Kharge faces trouble if he makes a statement on PM Modi, EC issues stern warning
ECI on Mallikarjun Kharge: चुनाव आयोग ने बीते बुधवार को कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहने वाले बयान पर एक बड़ा एक्शन लिया है. जहां चुनाव आयोग ने खरगे की इस विवादित टिप्पणी पर 24 घंटों में जवाब मांगा है. आयोग ने यह कार्रवाई तब की जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कई नेताओं द्वारा शिकायत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.

जाने क्या है पूरा मामला
दरअसल, बीते मंगलवार (21 अप्रैल, 2026) को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी. जिसे संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार को लेकर एक विवादित बयान दिया, जहां उन्होंने AIADMK की आलोचना करते हुए कहा, ‘ये AIADMK के लोग, जो खुद अन्नादुरई की तस्वीर लगाते हैं, वे मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं? वह एक आतंकवादी हैं. उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती है. ये लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं, इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं.’

Also Read: UP Board Exam 2026: वाराणसी के सूर्यदीप दीप अव्वल, तो दूसरे स्थान पर मानसी-अंशिका ने मारी बाजी
इतना ही नहीं उन्होंने इसी के आगे ये भी कहा कि, ‘आपको ऐसे नेताओं की जरूरत है जो बीजेपी के सामने झुकें नहीं और डटकर मुकाबला करें और वो एमके स्टालिन हैं. आज AIADMK अपनी पहचान खो चुकी है. यह बीजेपी की एक मूक-गुलाम सहयोगी बन गई है. यह तमिलनाडु के हितों की रक्षा नहीं कर सकती, क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी की गुलाम बन चुकी है.’

खरगे पर आगबबूला हुए बीजेपी कार्यकर्ता
पीएम मोदी को आतंकवादी कहता सुन भारती जनता पार्टी आगबबूला हो उठी, फिर क्या नेता से लेकर कार्यकर्ता तक ने कांग्रेस की थूं-थूं करने में जरा भी देरी नहीं की, नाराज हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने तो ये तक कह दिया कि, ये अपमान सिर्फ एक पीएम का नहीं बल्कि देश की 142 करोड़ भारतीयों का भी अपमान है. जिसका हिसाब कांग्रेस को भी अपमान के साथ ही चुकाना पड़ेगा. हालांकि, इस विवादित मुद्दे से बचने के लिए उन्होंने अपने बयान पर सफाई भी दी थी, लेकिन उनकी ये सफाई जरा भी काम नहीं आई और उनका ये बयान उन पर ही भारी पड़ गया.



