प्रतिक्रिया से चर्चा में आए चीन के राजदूत, सोशल मीडिया पर काशी के वैभव पर कही ये बात

The Chinese ambassador, who made headlines with his comments, spoke on the grandeur of Kashi on social media.
वाराणसी: धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी के वैभव पर चीन के राजदूत जू फेइहोंग का सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट सुर्खियों बटोर रहा है. एक दिन पूर्व जहां उन्होंने सारनाथ से चीन का संबंध ही नहीं बल्कि दोनों सभ्यताओं का साझा स्तंभ बताया तो वहीं अब गंगा आरती के साथ ही सुबहे बनारस का गंगा में आनंद लेने का भी उन्होंने बखान किया है. वहीं एक्स पर साझा पोस्ट में लोगों ने पोस्ट पर अपने विचार भी साझा किए हैं. चीन के साथ भारत के संबंधों में धार्मिक स्थलों की महत्ता और आपसी सांस्कृतिक संवाद पर भी लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए हैं.

चीनी राजदूत ने गंगा आरती देख अनुभव को किया साझा
भारत में चीन के राजदूत द्वारा वाराणसी में गंगा आरती देखने के अपने अनुभव को साझा करने के बाद एक्स पर एक पोस्ट ने ऑनलाइन लोगों का ध्यान आकर्षित किया है, जिससे भारत की सबसे प्रतिष्ठित आध्यात्मिक परंपराओं में से एक की झलक मिलती है. जू फेइहोंग ने दशाश्वमेध घाट पर आयोजित समारोह के दृश्य सोशल मीडिया पर साझा किए. वीडियो के साथ, उन्होंने घाट के माहौल का वर्णन किया, जहां गंगा नदी के किनारे इस आयोजन को देखने के लिए भारी भीड़ जमा हुई थी.

'वाराणसी में गंगा नदी पर सूर्योदय
सुबह ए बनारस पर उन्होंने लिखा है कि - 'वाराणसी में गंगा नदी पर सूर्योदय. एक नाव धीरे-धीरे बह रही है. धुंध को चीरते सूरज धीरे-धीरे उग रहा है. घाट जाग उठे हैं. चीन और भारत दोनों ही महान नदियों के किनारे बसे हैं - गंगा और यांग्त्ज़ी ने हमें अलग-अलग तरह से आकार दिया, फिर भी हमें एक ही सच्चाई की ओर ले गईं: श्रद्धा, निरंतरता, समुदाय.'
वहीं एक दिन पूर्व उन्होंने दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में भाग लिया और अपने अनुभव को तस्वीरों के माध्यम से साझा किया है. उन्होंने लिखा है - वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती देखना सुखद है. हजारों लोग एकत्रित हुए — अग्नि, फूल, मंत्रोच्चार, पवित्र नदी। यहाँ खड़े होकर, मैं उस चीज़ को महसूस कर सकता हूँ जो हमें हिमालय के उस पार को जोड़ती है. दुनिया की दो सबसे प्राचीन सभ्यताएँ, जो आज भी जीवंत हैं और आज भी प्रकाशमान हैं.
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अपने सारनाथ के अनुभवों के अलावा उन्होंने गंगा आरती के साथ ही सुबहे बनारस भ्रमण को लेकर अनुभवों को तस्वीरों के माध्यम से साझा किया है. सोमवार की देर शाम दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती के पलाें को कैमरे में कैद करने के साथ ही उस अनुभव को उन्होंने शब्द भी दिए तो सुबह गंगा में नौका विहार की चार तस्वीरों में गंगा के सौंदर्य को अपलक निहारने और उसके अनुभवों को चीन से जोड़ने पर भी उन्होंने भावों को आकार दिया है.




