अध्यक्ष अजय राय ने अविमुक्तेश्वरानंद से की मुलाकात, बोले - संत का ही नहीं, संपूर्ण सनातन का अपमान

वाराणसी: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. सडक से लेकर राजनीतिक गलियारे तक इसकी धमक सुनने का मिल रही है. इन सबके बीच मंगलवार की दोपहर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय केदारघाट स्थित विद्या मठ पहुंचे तो परिसर में काफी देर तक सियासी सरगर्मी नजर आई. प्रदेश सरकार और विपक्ष के अखाड़े के रूप में विद्या मठ नजर आया तो अजय राय ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात कर उनका कुशल क्षेम पूछा.

"आपका अपमान संपूर्ण सनातन का अपमान"
इस अवसर पर उन्होंने हालिया घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. अजय राय ने कहा, "यह आपका अपमान नहीं, बल्कि संपूर्ण सनातन का अपमान है. यह संपूर्ण हिंदू समाज और हिंदुत्व का अपमान है. सरकार का यह कृत्य अक्षम्य है, इसे कतई क्षमा नहीं किया जा सकता. धर्म को सताया जा रहा है." इस संदर्भ में आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ एसीपी द्वारा केक काटते हुए एक फोटो भी प्रस्तुत की. उन्होंने इस फोटो को दिखाते हुए कहा कि यह सब सुनियोजित साजिश है. उनका यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हैं और इसे राजनीतिक साजिश के रूप में देखते हैं.

अजय राय बोले- शंकराचार्य का आशीर्वाद लेने आए थे
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि, शंकराचार्य जी का आशीर्वाद लेने आए थे, मेरा और हमारे पार्टी कांग्रेस का स्टैंड क्लियर है. कल मैंने प्रधानमंत्री को शंकराचार्य मामले में चिट्ठी लिखी है. कल यूपी के 75 जिले में कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर प्रधानमंत्री को पत्रक देंगे. निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे. हिंदुत्व का अपमान सनातन का अपना अपमान भारतीय जनता पार्टी के ताबूत की आखिरी कील साबित होगी. इस दौरान अजय राय ने कहा कि यह कृत्य न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, बल्कि यह समाज में अस्थिरता भी पैदा कर सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कृत्यों से समाज में विभाजन की भावना बढ़ती है, जो कि किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए उचित नहीं है.

अजय राय ने आगे कहा कि हमें एकजुट होकर इस प्रकार के कृत्यों का विरोध करना चाहिए. इस मुलाकात के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान होना चाहिए. अजय राय ने इस अवसर पर यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से धर्मनिरपेक्षता और सभी धर्मों के प्रति सम्मान की पक्षधर रही है.



