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प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दूसरे कार्यकाल के लिए संभाला कुलपति पद का कार्यभार

प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दूसरे कार्यकाल के लिए संभाला कुलपति पद का कार्यभार
Aug 22, 2026, 10:24 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी: सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने शनिवार को दूसरे कार्यकाल के लिए पुनः कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण किया, कुलपति कार्यालय में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने कार्यभार संभाला. इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की 235 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने का संकल्प जताया.


प्रो. शर्मा ने कहा कि प्राच्य विद्या के इस प्राचीन केंद्र के कुलपति के रूप में दोबारा दायित्व मिलना उनके लिए सम्मान के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है. राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा उन पर दोबारा जताए गए विश्वास को वे विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक उत्तरदायित्व के रूप में स्वीकार करते हैं. उन्होंने कहा कि इस विश्वास को पारदर्शिता, अनुशासन, समर्पण और निरंतर कर्मशीलता के साथ सार्थक किया जाएगा.


235 साल पुरानी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने का लक्ष्य


कुलपति ने कहा कि काशी स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय 235 वर्षों से संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा की धारा को आगे बढ़ा रहा है। यह केवल शिक्षण संस्था नहीं, बल्कि भारत की प्राच्य ज्ञान-संपदा का महत्वपूर्ण केंद्र है। दूसरे कार्यकाल में इस विरासत को संरक्षित करते हुए संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक अकादमिक आवश्यकताओं से जोड़कर वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि पिछले कार्यकाल में शुरू किए गए और लंबित रह गए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नई योजनाओं और विकास कार्यों को स्पष्ट कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।


विद्यार्थी हित पर रहेगा विशेष जोर


प्रो. शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को भारतीय परंपरा से जोड़े रखने के साथ उन्हें आधुनिक ज्ञान, तकनीक और समकालीन प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना जरूरी है। विद्यार्थियों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी शैक्षणिक और मूलभूत समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाएगा। पठन-पाठन व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण और विद्यार्थी केंद्रित बनाने के साथ स्वच्छ पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार को भी प्राथमिकता दी जाएगी।


शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए होगी नियुक्ति


कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में कई शिक्षक और आचार्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जिससे अध्ययन-अध्यापन प्रभावित हुआ है। निर्धारित विधिक प्रक्रिया के तहत शिक्षकों की नियुक्ति कर इस कमी को दूर किया जाएगा। शिक्षक नियुक्ति से नियमित पठन-पाठन के साथ शोध, प्रकाशन और अन्य अकादमिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।


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राजभवन के निर्देशों का होगा पालन


प्रो. शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन राजभवन से प्राप्त निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करेगा। प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया जाएगा। लंबित कार्यों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण करने पर भी जोर रहेगा।


उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थियों से विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही इस प्राचीन ज्ञानपीठ को आधुनिक युग के अनुरूप सशक्त और प्रभावशाली वैश्विक ज्ञान-केंद्र बनाया जा सकता है।


ज्ञात हो कि राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने 17 अगस्त 2026 को प्रो. बिहारी लाल शर्मा को विश्वविद्यालय के 38वें कुलपति के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए नियुक्त किया था। इससे पहले उन्होंने 22 अगस्त 2023 को 37वें कुलपति के रूप में कार्यभार संभाला था। पुनर्नियुक्ति के बाद शनिवार को उन्होंने 38वें कुलपति के रूप में दूसरे कार्यकाल का कार्यभार ग्रहण किया।

कैंट विधानसभा के दो वार्डों में 225 करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू, सीवर-पेयजल के साथ सड़कों का होगा पुनर्निर्माण
कैंट विधानसभा के दो वार्डों में 225 करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू, सीवर-पेयजल के साथ सड़कों का होगा पुनर्निर्माण
वाराणसी: मानसून की विदाई के साथ काशी में रुकी हुई बड़ी विकास परियोजनाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। कैंट विधानसभा क्षेत्र के सरायनंदन और बिरदोपुर/शीशमहल वार्ड में रविवार को करीब 225 करोड़ रुपये की लागत से सीवर, पेयजल और सड़क पुनर्निर्माण परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। महापौर अशोक कुमार तिवारी और कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू कराया।उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की देखरेख में होने वाले इन कार्यों से दोनों क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही सीवर, पेयजल और सड़क से जुड़ी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।सरायनंदन में 110 करोड़ से बिछेगी 55 किमी सीवर-पेयजल लाइनसरायनंदन वार्ड के दशमी रामलीला मैदान क्षेत्र में करीब 110 करोड़ रुपये की लागत से 55 किलोमीटर लंबी सीवर और पेयजल लाइन बिछाने के साथ सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में सीवर व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के साथ सड़कों का भी पुनर्निर्माण किया जाएगा।बिरदोपुर में 115 करोड़ की परियोजनाबिरदोपुर क्षेत्र के कैलाश मठ और गिरी नगर एकता पार्क के पास करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना का शुभारंभ हुआ। इसमें 58 करोड़ रुपये सीवर लाइन तथा 57 करोड़ रुपये पेयजल लाइन और गृह संयोजन के कार्य पर खर्च किए जाएंगे।सात महीने की परेशानी, दशकों तक समाधान का दावाभूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि सीवर और पेयजल की नई पाइपलाइन बिछाने के दौरान करीब सात महीने तक नागरिकों को आवागमन में अस्थायी परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह असुविधा लंबे समय के स्थायी समाधान के लिए है। उनके अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद आने वाले दशकों तक सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या से राहत मिलने के साथ शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा के मार्गदर्शन में काशी में विकास कार्यों को गति दी जा रही है।अमृत-2.0 के तहत 22 वार्डों में होंगे बड़े कामनगर निगम के अनुसार शहरी क्षेत्र के अत्यधिक प्रभावित 22 वार्डों की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए अमृत-2.0 योजना के तहत कुल 2161 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रस्तावित हैं। इसके तहत 353.13 किलोमीटर सीवर लाइन और 651.64 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन बिछाई जानी है।ALSO READ :बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेशसरायनंदन और बिरदोपुर में आयोजित अलग-अलग भूमि पूजन कार्यक्रमों में क्षेत्रीय पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का संचालन क्रमशः राहुल सिंह और अशोक पटेल ने किया।
बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेश
बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेश
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का 42वां स्थापना दिवस रविवार को उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान आरपीएफ अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।स्थापना दिवस के अवसर पर आरपीएफ की ओर से ‘रन फॉर यूनिटी’, योग कार्यक्रम, वृक्षारोपण और ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का आयोजन किया गया। ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया गया। वहीं योग कार्यक्रम में स्वस्थ जीवनशैली के साथ शारीरिक और मानसिक फिटनेस के महत्व को रेखांकित किया गया।बैरक परिसर में किया गया वृक्षारोपणपर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए आरपीएफ कर्मियों ने बैरक परिसर में पौधरोपण किया। इस दौरान अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। इसके साथ ही ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत बैरक परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया।20 सितंबर 1985 से मिला वर्तमान स्वरूपरेलवे सुरक्षा बल को 20 सितंबर 1985 को संघ के सशस्त्र बल का दर्जा प्रदान किया गया था। रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 में संशोधन के बाद यह प्रावधान 20 सितंबर 1985 से प्रभावी हुआ। आरपीएफ का प्रमुख दायित्व रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के साथ यात्रियों और यात्री क्षेत्रों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।स्थापना दिवस के अवसर पर बरेका में प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ के निरीक्षकगण और बल के सदस्य मौजूद रहे।‘बड़ा खाना’ का भी आयोजनस्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आरपीएफ कर्मियों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारा मजबूत करने के उद्देश्य से रात में बैरक परिसर में ‘बड़ा खाना’ का आयोजन किया गया।ALSO READ : काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागतआरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि स्थापना दिवस केवल वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन, साहस और सेवा भावना के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। बरेका आरपीएफ रेल यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के अपने दायित्व को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
वाराणसी :केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 अक्टूबर को काशी आ सकते हैं। इस दौरान वह गुजरात के वडनगर से काशी पहुंचने वाली सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत करेंगे। यात्रा में शामिल लोग गुजरात की नदियों का जल लेकर आएंगे, जिससे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत देशभर में सेवा, स्वच्छता, पौधरोपण और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।सेवा संकल्प यात्रा वडनगर से काशी तक पहुंच रही है। वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान है, जबकि काशी उनका संसदीय क्षेत्र है। यात्रा के दौरान कई राज्यों और जिलों से गुजरते हुए लोगों को सेवा और जनभागीदारी का संदेश दिया जा रहा है।काशी पहुंचने पर यात्रा का स्वागत किया जाएगा और बाबा विश्वनाथ के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना व जलाभिषेक का कार्यक्रम होगा। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।ALSO READ :पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण