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बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेश

बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेश
Sep 21, 2026, 04:19 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का 42वां स्थापना दिवस रविवार को उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान आरपीएफ अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।


स्थापना दिवस के अवसर पर आरपीएफ की ओर से ‘रन फॉर यूनिटी’, योग कार्यक्रम, वृक्षारोपण और ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का आयोजन किया गया। ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया गया। वहीं योग कार्यक्रम में स्वस्थ जीवनशैली के साथ शारीरिक और मानसिक फिटनेस के महत्व को रेखांकित किया गया।


बैरक परिसर में किया गया वृक्षारोपण


पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए आरपीएफ कर्मियों ने बैरक परिसर में पौधरोपण किया। इस दौरान अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। इसके साथ ही ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत बैरक परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया।


20 सितंबर 1985 से मिला वर्तमान स्वरूप


रेलवे सुरक्षा बल को 20 सितंबर 1985 को संघ के सशस्त्र बल का दर्जा प्रदान किया गया था। रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 में संशोधन के बाद यह प्रावधान 20 सितंबर 1985 से प्रभावी हुआ। आरपीएफ का प्रमुख दायित्व रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के साथ यात्रियों और यात्री क्षेत्रों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।


स्थापना दिवस के अवसर पर बरेका में प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ के निरीक्षकगण और बल के सदस्य मौजूद रहे।


‘बड़ा खाना’ का भी आयोजन


स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आरपीएफ कर्मियों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारा मजबूत करने के उद्देश्य से रात में बैरक परिसर में ‘बड़ा खाना’ का आयोजन किया गया।


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आरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि स्थापना दिवस केवल वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन, साहस और सेवा भावना के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। बरेका आरपीएफ रेल यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के अपने दायित्व को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भोजपुरी गायक रितेश रंजन से  मांगाी 10 लाख की रंगदारी, जान से मारने की धमकी का भी आरोप
भोजपुरी गायक रितेश रंजन से मांगाी 10 लाख की रंगदारी, जान से मारने की धमकी का भी आरोप
वाराणसी : सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर निवासी भोजपुरी गायक एवं अभिनेता रितेश रंजन से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का प्रकाश में आया है. गायक के प्रार्थनापत्र पर सारनाथ पुलिस आरोपी बुलबुल यादव और उसके एक अज्ञात साथी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुट गई है. पुलिस के मुताबिक मामले में आरोपों की जांच की जा रही है.रितेश रंजन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 18 सितंबर को बुलबुल यादव पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र यादव ने अपने एक अज्ञात साथी के साथ उन्हें फोन किया. आरोप है कि फोन पर दोनों ने गाली-गलौज की और 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी. गायक के अनुसार, जब उन्होंने रंगदारी देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारकर फेंक देने की धमकी दी. घटना के बाद से रितेश रंजन और उनका परिवार भयभीत है. गायक ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.ALSO READ : महिला सशक्तीकरण को सम्मान, यशोमणि और कर्मवीर पुरस्कार से प्रतिभाएं नवाजींशिकायत के आधार पर पुलिस ने 19 सितंबर को केस दर्ज कर लिया. पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5), 352 और 351(3) के तहत कार्रवाई की है. एफआईआर संख्या 0487/2026 दर्ज की गई है. धारा 308(5) रंगदारी से संबंधित है, जबकि धारा 352 गाली-गलौज/अपमान और धारा 351(3) आपराधिक धमकी से संबंधित है. मामले की विवेचना सब-इंस्पेक्टर शिव नारायण को सौंपी गई है. पुलिस आरोपी और उसके अज्ञात साथी की पहचान और घटना में इस्तेमाल किए गए फोन नंबर समेत अन्य तथ्यों की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
महिला सशक्तीकरण को सम्मान, यशोमणि और कर्मवीर पुरस्कार से प्रतिभाएं नवाजीं
महिला सशक्तीकरण को सम्मान, यशोमणि और कर्मवीर पुरस्कार से प्रतिभाएं नवाजीं
वाराणसी: मैदागिन स्थित पराड़कर भवन में रविवार को दीक्षा महिला कल्याण शोध संस्थान का नौवां स्थापना दिवस उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के बीच मनाया गया। इस मौके पर यशोमणि एवं कर्मवीर सम्मान समारोह आयोजित कर महिला सशक्तीकरण, प्रशिक्षण और सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना के साथ की। मुख्य अतिथि लक्ष्मी मेडिकल के निदेशक एवं भाजपा काशी क्षेत्र चिकित्सा प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक अशोक राय रहे। रक्षा मंत्रालय के इंजीनियरिंग सर्विसेज से सेवानिवृत्त सुनील सिंह, नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव, चिकित्सा अधिकारी एवं एंद्री अस्पताल की प्रबंधक डॉ. आशा दुबे, उद्योगपति दिनेश गर्ग, एसबीआई काशी विद्यापीठ शाखा के प्रबंधक विनय त्रिपाठी, पूर्व प्रबंधक संजय गंगल, एसबीआई चौक शाखा के प्रबंधक नीरज पाठक और प्रिंस सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।समारोह में बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल में उत्साह भर दिया। आद्या अग्रवाल, आन्या अग्रवाल, आरूषी गुप्ता, आनंदिता गुप्ता, आरोही गुप्ता, कृति वर्मा, दीक्षा शुक्ला, श्लोक वाचक, रामश्री दीक्षित और ख्याति गुप्ता ने समूह नृत्य प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों से बच्चों का उत्साह बढ़ाया।महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में काम करने वाली गीता देवी, रिदा नूर, हुस्ना बानो, निधि कुमारी, सुकन्या गुप्ता, रितिका कुमारी, खुशी सिंह और स्वाती सिंह को सिलाई मशीन और शील्ड देकर सम्मानित किया गया। छह माह का प्रशिक्षण पूरा करने वाली निशा भारती और अलबीना को भी सम्मान मिला।समर कैंप में हिस्सा लेने वाली अलका कुमारी, खुशी राजभर, आलमीन खानम, मनतशा, माही, दीजिका, नेहा रावत, रजिया सुल्तान, शाजिया, मालती, नंदनी, पूजा कुमारी, मीनू जायसवाल, गौरी गुप्ता, खुशबू सोनकर, शिवानी चौरसिया, अर्पिता जायसवाल और याशिका को भी सम्मानित किया गया।वहीं, ब्यूटी पार्लर का छह माह का प्रशिक्षण पूरा करने वाली वैष्णवी विश्वकर्मा, माया मार्या, सना बानो, रोशनी मौर्या, गीता सोनकर, पूजा विश्वकर्मा और शालू को भी सम्मान मिला। संस्थान के पदाधिकारियों ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को हुनर का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास लगातार जारी है।ALSO READ: काशी विश्वनाथ धाम से गूंजा शांति का संदेश, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की कामनासमारोह में व्यापारी राजेंद्र धानुका, समाजसेवी एवं शिव बरात समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह, संजय अग्रवाल, राजन दुबे, पिंटू भैया, समाजसेवी नित्यानंद तिवारी, सुनील उपाध्याय, प्रेम सिंह और शोभा देवी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। संचालन वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कमलेश तिवारी ने किया। संस्था की अध्यक्ष संतोषी शुक्ला और दीपू शुक्ला ने अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार जताया।
काशी विश्वनाथ धाम से गूंजा शांति का संदेश, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की कामना
काशी विश्वनाथ धाम से गूंजा शांति का संदेश, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की कामना
वाराणसी: अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर रविवार को काशी विश्वनाथ धाम से विश्व में शांति, सौहार्द और भाईचारे की कामना की गई। बाबा विश्वनाथ के दरबार में लोगों ने युद्ध, हिंसा और अशांति से जूझ रही दुनिया के लिए शांति की प्रार्थना की और मानवता के कल्याण का संदेश दिया।नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के संयोजन में श्री काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित भारत माता की प्रतिमा के समक्ष शांति प्रार्थना की गई। इस दौरान ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का मंत्र दोहराते हुए सभी के सुखी और स्वस्थ रहने की कामना की गई।राजेश शुक्ला ने कहा कि काशी केवल आस्था और अध्यात्म की नगरी नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को मानवता, करुणा और सहअस्तित्व का संदेश देने वाली धरती है। भारतीय संस्कृति सदैव ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रही है। आज जब दुनिया के कई हिस्से युद्ध और हिंसा की पीड़ा झेल रहे हैं, ऐसे समय में काशी से शांति और भाईचारे का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ के धाम से यही प्रार्थना है कि दुनिया में हिंसा का अंत हो और लोगों के बीच प्रेम, करुणा तथा आपसी सद्भाव बढ़े। मानवता को टकराव के बजाय संवाद और सहअस्तित्व का रास्ता अपनाना चाहिए।ALSO READ: कैंट विधानसभा के दो वार्डों में 225 करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू, सीवर-पेयजल के साथ सड़कों का होगा पुनर्निर्माणशांति प्रार्थना में शिवानंद दीक्षित, विश्वनाथ धवन, रेखा दीक्षित, श्रीनिवास, अन्नपूर्णा देवी, विकास कुमार समेत बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। श्रद्धालुओं और नागरिकों ने विश्व शांति तथा सभी के कल्याण की कामना की।