संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा को मिला मानद ‘कर्नल कमांडेंट’ की उपाधि

वाराणसी: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा को विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप मानद ‘कर्नल कमांडेंट’ की उपाधि प्रदान की गयी. इसके लिए 12 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन में गरिमामय समारोह आयोजित हुआ, उपाधि प्रदान किए जाने के बाद सैन्य परंपरा के अनुरूप कुलपति को सम्मान-रक्षक दल यानी गार्ड ऑफ ऑनर द्वारा सलामी दी गई.

विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा में जुड़ा नया अध्याय
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में कुलपति को मानद कर्नल कमांडेंट की उपाधि प्रदान करने की परंपरा रही है. इससे पहले विश्वविद्यालय के कुलपति रहे प्रो. वी. वेंकटाचलम, प्रो. अभिराज राजेंद्र मिश्र, प्रो. अशोक कुमार कालिया और प्रो. राजाराम शुक्ल को भी यह प्रतिष्ठित मानद उपाधि प्रदान की जा चुकी है, इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब प्रो. बिहारी लाल शर्मा को यह सम्मान दिया गया.

मानद कर्नल कमांडेंट की उपाधि को केवल सैन्य सम्मान के रूप में नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा, युवा मार्गदर्शन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे जीवन मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जाता है, विश्वविद्यालय में NCC के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रप्रेम, सेवा भावना और राष्ट्रनिर्माण की चेतना विकसित करने का कार्य किया जाता है.

भारतीय ज्ञान परंपरा और सैन्य अनुशासन का संगम
संस्कृत, भारतीय दर्शन और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में आयोजित यह समारोह शिक्षा, संस्कृति और सैन्य अनुशासन के समन्वय का प्रतीक होगा. कुलपति को मानद कर्नल कमांडेंट की उपाधि प्रदान किया जाना विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और NCC कैडेटों के लिए भी प्रेरणादायी अवसर माना जा रहा है.
समारोह में सरस्वती वंदना, एकल नृत्य, एकल गायन और समूह नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां की गई.
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जनप्रतिनिधि और सेना के अधिकारी हुये शामिल
समारोह में जनप्रतिनिधियों के साथ सेना के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी, शिक्षाविद और समाजसेवियों को आमंत्रित किया गया है. आयोजकों के अनुसार, यह समारोह विश्वविद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में दर्ज हुआ, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ , NCC के अनुशासन, नेतृत्व, सेवा और राष्ट्रसमर्पण की भावना को और मजबूत करने का संदेश दिया.



