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प्रो.चतुर्वेदी- स्मृति-ग्रंथ केवल श्रद्धांजलि नहीं, अपितु ज्ञान के स्थायी स्रोत

प्रो.चतुर्वेदी- स्मृति-ग्रंथ केवल श्रद्धांजलि नहीं, अपितु ज्ञान के स्थायी स्रोत
Apr 17, 2026, 11:42 AM
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Posted By Preeti Kumari

Prof. Chaturvedi- Memorial texts are not just tributes but a permanent source of knowledge.


वाराणसी: इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के क्षेत्रीय केन्द्र, वाराणसी में आज शुक्रवार को प्रख्यात विदुषी प्रो. कमल गिरि की स्मृति में प्रकाशित ग्रंथ “कमला - द स्प्लेंडर ऑफ इंडियन आर्ट एंड कल्चर” का लोकार्पण किया गया. यह आयोजन भारतीय कला इतिहास कांग्रेस, गुवाहाटी के संयुक्त तत्त्वावधान में सम्पन्न हुआ, जिसमें देशभर के विद्वानों, शोधार्थियों एवं कला-जगत से जुड़े विद्वानों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही. समारोह की अध्यक्षता प्रख्यात दार्शनिक एवं शिक्षाविद प्रो. प्रघोत कुमार मुखोपाध्याय ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी, कुलपति, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय उपस्थित रहे.


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कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीपप्रज्वलन एवं बृहस्पति पाण्डेय के वैदिक मंगलाचरण के साथ हुआ. इसके पश्चात् कला केन्द्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अभिजित दीक्षित ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया.


इस अवसर पर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि इस प्रकार के स्मृति-ग्रंथ केवल श्रद्धांजलि नहीं होते, अपितु वे ज्ञान के स्थायी स्रोत बन जाते हैं. प्रो० गिरि का जीवन दर्शन समाज में कला इतिहास के परस्पर समन्वय को जागृत करता है. उन्होंने इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, क्षेत्रीय केन्द्र वाराणसी द्वारा किये जा रहे इस प्रकार के अकादमिक प्रयासों की सराहना करते हुये कहा कि यह संस्थान भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. कार्यक्रम के दौरान प्रो. कमल गिरि के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विभिन्न विचार व्यक्त करते हुये उन्होंने उनके अध्यापन, शोध एवं मार्गदर्शन के क्षेत्र में किये गये कार्यों का स्मरण किया एवं उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.


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अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. प्रघोत कुमार मुखोपाध्याय ने प्रो. कमल गिरि के शैक्षिक अवदान को स्मरण करते हुये कहा कि उन्होंने भारतीय कला इतिहास को एक नवीन दृष्टि प्रदान की. उनके कार्यों में परंपरा एवं आधुनिकता का संतुलित समन्वय देखने को मिलता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिये प्रेरणास्रोत रहेगा. भारतीय कला इतिहास कांग्रेस के अध्यक्ष प्रो. मारुतिनंदन प्रसाद तिवारी ने ग्रन्थ की रूपरेखा एवं विषय-वस्तु को प्रकाशित करते हुये बताया कि इसमें भारतीय कला एवं संस्कृति के विविध आयामों पर देश-विदेश के विद्वानों के शोधपूर्ण लेख संकलित हैं. उन्होंने कहा कि प्रो. गिरि का कार्य भारतीय कला इतिहास के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. यह ग्रन्थ प्रो० कमल गिरि के व्यापक शैक्षिक योगदान का सजीव प्रतिबिंब प्रस्तुत करता है.


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो० चतुर्वेदी ने ग्रन्थ के अन्य सम्पादक इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविघालय से उपस्थित वरिष्ठ आचार्य प्रो. आलोक श्रोत्रिय तथा दृश्यकला संकाय, काशी हिन्दू विश्वविघालय के प्रो. शान्तिस्वरूप सिन्हा को सम्मानित करते हुये उन्हें ग्रन्थ भेंट किया. इस अवसर पर ग्रन्थ के काशी में स्थित लेखकों को भी ग्रन्थ की एक प्रति प्रदान की गयी. कार्यक्रम में प्रो० गिरि के अग्रज भ्राता ने कमला जी स्मृतियों को मञ्च साझा करते हुये जाग्रत किया तथा पारिवारिक सदस्य शरद गिरि ने भी अपनी विशेष सहभागिता को प्रस्तुत किया.


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समारोह में उपस्थित शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भी इस आयोजन को अत्यंत प्रेरणादायक बताया. उनका मानना था कि इस प्रकार के आयोजन न केवल अकादमिक विमर्श को प्रोत्साहित करते हैं, अपितु सांस्कृतिक चेतना को भी सुदृढ़ करते हैं. कार्यक्रम का संचालन प्रो. शान्तिस्वरूप सिन्हा ने किया. कार्यक्रम के अंत में प्रो. आलोक श्रोत्रिय के धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ.


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आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुये भविष्य में भी इस प्रकार के सार्थक आयोजनों को जारी रखने की प्रतिबद्धता को भी उद्घोषित किया. इस अवसर पर यह स्पष्ट रूप से अनुभव किया गया कि प्रो. कमल गिरि की स्मृति में प्रकाशित यह ग्रंथ भारतीय कला एवं संस्कृति के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में स्थापित होगा तथा आने वाले समय में शोधार्थियों एवं विद्वानों के लिये मार्गदर्शक सिद्ध होगा.


विवादित घर के कमरे से मिला नगर निगम का चोरी हुआ पटिया
विवादित घर के कमरे से मिला नगर निगम का चोरी हुआ पटिया
वाराणसी: शहर के चौक इलाके में स्थित एक विवादित भवन के अंदर शुक्रवार को नगर निगम के पटियों को चोरी कर रखने का मामला सामने आया. दरअसल, विवादित मकान को लेकर , हाई कोर्ट से मकान को अगले दस दिनों में ज़मींदोज़ (तोड़ने) करने का आदेश आया है. जिसे लेकर शुक्रवार को दशाश्वमेध जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्रा , नगर निगम की टीम के साथ मौके पर पहुंचे, इस दौरान मकान मालिक के द्वारा घर के नीचले तल पर एक कमरे में नगर निगम का चौका/पटिया बड़ी संख्या में रखा पाया गया . मकान मालिक ने बताया कि गली निर्माण के दौरान ठेकेदार अनिल सिंह के द्वारा नगर निगम के पटियों को उनके कमरे में रखा गया था, लेकिन इस मामले में जब नगर निगम के ठेकेदार अनिल सिंह से पूछ ताछ किया गया , तो उन्होंने बताया कि ऐसी कोई भी जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है और ना ही उन्होंने नगर निगम की संपत्ति को किसी को रखने के लिए दिया था.Also Read :IMS-BHU में IASTM तकनीक पर राष्ट्रीय कार्यशाला, कौशल को करेंगे उन्नतमौके पर पहुंचे जोनल अधिकारी ने नहीं की कार्रवाईनगर निगम की सम्पत्ति चोरी कर कमरे में रखने का प्रकरण सामने आने के बाद भी जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्रा के द्वारा कमरे को दोबारा बंद कर दिया गया और नगर निगम की संपत्ति चोरी करने के संबंध में कोई भी कार्रवाई नहीं की गई. इस वाक्ये से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है. जिसमें जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्रा विवादित मकान में मौजूद नजर आ रहे हैं उनके सामने ही विवादित मकान के कमरे को भी खोला गया जिसमें मकान मलिक के द्वारा नगर निगम की पटियों को चोरी कर रखा गया था. हालांकि देर शाम तक इस मामले में नगर निगम के द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई.
IMS-BHU में IASTM तकनीक पर राष्ट्रीय कार्यशाला, कौशल को करेंगे उन्नत
IMS-BHU में IASTM तकनीक पर राष्ट्रीय कार्यशाला, कौशल को करेंगे उन्नत
National Workshop on IASTM Techniques at IMS-BHU to Upgrade Skillsवाराणसी: इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (IMS), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के अस्थि रोग विभाग द्वारा 18 एवं 19 अप्रैल 2026 को “इंस्ट्रूमेंट असिस्टेड सॉफ्ट टिश्यू मोबिलाइजेशन (IASTM)” तकनीक पर दो दिवसीय राष्ट्रीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यशाला का उद्देश्य फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में क्लिनिकल दक्षता को बढ़ाना, साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देना तथा प्रतिभागियों को आधुनिक सॉफ्ट टिश्यू मोबिलाइजेशन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है.कार्यशाला का उद्घाटनकार्यशाला का उद्घाटन 18 अप्रैल को प्रातः 10:00 बजे IMS, BHU के NLT कॉन्फ्रेंस हॉल में होगा. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. एस. एन. संखवार (निदेशक, IMS, BHU) एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. संजय गुप्ता (डीन, फैकल्टी ऑफ मेडिसिन) उपस्थित रहेंगे. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें डॉ. संकल्प झा, डॉ. निशांत जेमिनी, डॉ. हंजाबम बरुण शर्मा तथा डॉ. आशीष कुमार यादव एवं डॉ. आशीष कुमार गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल हैं.Also read: अक्षय तृतीया से श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सुविधा, बाबा दरबार पहुंचने में होगी राहतकार्यशाला में फेशियल सिस्टम, मायोफेशियल रिलीज, पेन मॉड्यूलेशन तथा IASTM तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इस आयोजन के संयोजक डॉ. एस. एस. पांडेय (सहायक प्रोफेसर, फिजियोथेरेपी) एवं सह-संयोजक डॉ. आशीष कुमार यादव (सहायक प्रोफेसर, बायोस्टैटिस्टिक्स) हैं. दो दिवसीय इस कार्यशाला में देशभर से आए फिजियोथेरेपिस्ट, शोधार्थी एवं छात्र भाग लेकर अपने कौशल को उन्नत करेंगे. कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे.https://www.youtube.com/watch?v=FyRyTrkLQZk
अक्षय तृतीया से श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सुविधा, बाबा दरबार पहुंचने में होगी राहत
अक्षय तृतीया से श्रद्धालुओं को मिलेगी यह सुविधा, बाबा दरबार पहुंचने में होगी राहत
Devotees will get this facility from Akshaya Tritiya, there will be relief in reaching Baba's court.वाराणसी: महादेव की नगरी काशी में अक्षय तृतीया यानी 19 अप्रैल से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है. कबीरचौरा, मैदागिन और बेनिया जैसे प्रमुख स्थानों से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक गोल्फ कार्ट सेवा शुरू की जाएगी. इस सुविधा के शुरू होने से आम और खास सभी भक्तों को बाबा विश्वनाथ के धाम तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित होगी. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि बेनिया स्थित राज नारायण पार्क, कबीरचौरा और मैदागिन समेत कई स्थानों से गोल्फ कार्ट सेवा संचालित की जाएगी, जो सीधे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 तक पहुंचेगी.देना होगा निर्धारित शुल्‍कप्रारंभिक चरण में करीब 25 गोल्फ कार्ट चलाई जाएंगी, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार आगे बढ़ाया भी जा सकता है. उन्होंने बताया कि इस सेवा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को निर्धारित शुल्क देना होगा. यह पहल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर की गई है, क्योंकि ये सभी गोल्फ कार्ट इको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक वाहन होंगे. नगर आयुक्त के अनुसार, गोल्फ कार्ट सेवा प्रतिदिन भोर में 3 बजे से रात 11 बजे तक उपलब्ध रहेगी, ताकि मंगला आरती से लेकर रात्रि दर्शन तक आने वाले श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिल सके. गोल्फ कार्ट दो प्रकार की होंगी. एक में छह लोगों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि दूसरी में नौ लोग बैठ सकेंगे.Also read: डाॅ. संजय निषाद- पत्रकारों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट जरूरी इसके अलावा, मैदागिन स्थित टाउनहॉल और राज नारायण पार्क (बेनियाबाग) में बने आधुनिक पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा करने के बाद श्रद्धालु गोल्फ कार्ट के माध्यम से आसानी से विश्वनाथ धाम तक पहुंच सकेंगे. आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार अन्य स्थानों तक भी किया जा सकता है. इस सुविधा से राहत मिलने की उम्‍मीद जताई जा रही है.https://www.youtube.com/watch?v=FyRyTrkLQZk