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विवादित घर के कमरे से मिला नगर निगम का चोरी हुआ पटिया , प्रशासन मौन ...

विवादित घर के कमरे से मिला नगर निगम का चोरी हुआ पटिया , प्रशासन मौन ...
Apr 18, 2026, 07:01 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: शहर के चौक इलाके स्थित एक विवादित भवन के अंदर शुक्रवार को नगर निगम के पटियों को चोरी कर रखने का मामला सामने आया. दरअसल, विवादित मकान को लेकर , हाई कोर्ट से मकान को अगले दस दिनों में ज़मींदोज़ (तोड़ने) करने का आदेश आया है. जिसे लेकर शुक्रवार को दशाश्वमेध जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्रा , नगर निगम की टीम के साथ मौके पर पहुंचे, इस दौरान मकान मालिक के द्वारा घर के नीचले तल पर एक कमरे में नगर निगम का चौका/पटिया बड़ी संख्या में रखा पाया गया . मकान मालिक ने बताया कि गली निर्माण के दौरान ठेकेदार अनिल सिंह के द्वारा नगर निगम के पटियों को उनके कमरे में रखा गया था, लेकिन इस मामले में जब नगर निगम के ठेकेदार अनिल सिंह से पूछ ताछ किया गया , तो उन्होंने बताया कि ऐसी कोई भी जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है और ना ही उन्होंने नगर निगम की संपत्ति को किसी को रखने के लिए दिया था.


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मौके पर पहुंचे जोनल अधिकारी ने नहीं की कार्रवाई


नगर निगम की सम्पत्ति चोरी कर कमरे में रखने का प्रकरण सामने आने के बाद भी जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्रा के द्वारा कमरे को दोबारा बंद कर दिया गया और नगर निगम की संपत्ति चोरी करने के संबंध में कोई भी कार्रवाई नहीं की गई. इस वाक्ये से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है. जिसमें जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्रा विवादित मकान में मौजूद नजर आ रहे हैं उनके सामने ही विवादित मकान के कमरे को भी खोला गया जिसमें मकान मलिक के द्वारा नगर निगम की पटियों को चोरी कर रखा गया था. हालांकि देर शाम तक इस मामले में नगर निगम के द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई.

दवा कारोबार के नाम पर 60.54 लाख की धोखाधड़ी, दंपती समेत तीन पर मुकदमा...
दवा कारोबार के नाम पर 60.54 लाख की धोखाधड़ी, दंपती समेत तीन पर मुकदमा...
वाराणसी : पूर्वांचल की सबसे बड़ी दवा मंडी सप्तसागर से जुड़े दस कारोबारियों के साथ 60.54 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि एक दंपती ने क्रेडिट पर दवाएं खरीदने के बाद भुगतान नहीं किया और दबाव बनाने पर फर्जी हस्ताक्षर वाला चेक दे दिया. कोतवाली पुलिस ने सम्मिलित तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. कारोबारियों के अनुसार बड़ा गणेश क्षेत्र स्थित ‘प्रथम फार्मा’ के प्रोप्राइटर मोना मद्धेशिया, उनके पति मनीष मद्धेशिया और बेटे प्रथम मद्धेशिया ने अलग-अलग फर्मों से दवाएं उधार पर लीं, लेकिन दिसंबर 2025 से भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया. इस दौरान दुकान खुली रही और दवाओं की बिक्री जारी रही.पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने भुगतान के लिए दबाव बनाया तो मनीष ने अपनी पत्नी मोना के नाम से एक चेक दिया, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया. इसके बाद 26 जनवरी 2026 को हुई पंचायत में फरवरी तक भुगतान करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अप्रैल तक भी कोई रकम वापस नहीं की गई. एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि कारोबारियों की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.Also Read: झंडा विवाद को लेकर हिंसा के बाद एक्‍शन में पुलिस, गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्जइस मामले में सौरभ अग्रवाल की फर्म अग्रवाल एंड अग्रवाल के 2,55,099 रुपये, विष्णु कुमार गुप्ता की विष्णु एजेंसी के 8,39,349 रुपये और देवानंद कुकरेजा की नारायण एंटरप्राइजेज के 7,16,365 रुपये फंसे हैं. अन्य पीड़ितों को मिलाकर कुल ठगी की रकम 60 लाख 54 हजार रुपये बताई गई है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की भूमिका स्पष्ट कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
झंडा विवाद को लेकर हिंसा के बाद एक्‍शन में पुलिस, गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज
झंडा विवाद को लेकर हिंसा के बाद एक्‍शन में पुलिस, गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज
वाराणसी : चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में झंडा और पोस्टर विवाद को लेकर हिंसा के बाद पुलिस एक्‍शन में आ गई है. बता दें कि पुलिस ने जब भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, तो गांव के अंदर की ओर से अचानक पथराव शुरू हो गया. हालात बिगड़ते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ी, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया. पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए 11 नामजद और करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. आरोपियों पर हत्या के प्रयास, दंगा, सरकारी कार्य में बाधा समेत 12 गंभीर धाराएं लगाई गई हैं.फिलहाल पुलिस ने 6 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. गांव में अभी भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.बता दें कि अंबेडकर जयंती के बाद झंडा हटाने और लगाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे हालात बेकाबू हो गए. प्रदर्शन कर रहे दलित समाज के लोगों ने बाबतपुर-चौबेपुर मार्ग पर जाम लगा दिया. स्थिति तब और बिगड़ गई जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की. इसी दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इस पथराव में विदुष सक्सेना (एसीपी सारनाथ) गंभीर रूप से घायल हो गए, उनके सिर में चोट आई. इसके अलावा चोलापुर थाने के दो दरोगा भी जख्मी हो गए। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.Also Read: हीट वेव के खतरे को देखते हुए जिला अस्‍पताल में खास इंतजाम, नहीं लगानी पड़ेगी कतार ...मामले की शुरुआत गांव के मुख्य द्वार पर झंडा लगाने को लेकर हुई. जानकारी के मुताबिक, रामनवमी के दिन यहां भगवा झंडा लगाया गया था. इसके बाद अंबेडकर जयंती पर भीम आर्मी और बसपा समर्थकों ने भगवा झंडा हटाकर नीला झंडा लगा दिया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों झंडे हटवा दिए थे, लेकिन शुक्रवार को फिर से भगवा झंडा लगाए जाने पर विवाद भड़क गया. इसे लेकर एक पक्ष ने विरोध शुरू कर दिया, जो धीरे-धीरे उग्र प्रदर्शन में बदल गया. घटना की सूचना मिलते ही चोलापुर, चौबेपुर, फूलपुर और बड़ागांव समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. साथ ही पीएसी और आरआरएफ की टीमें भी तैनात कर दी गईं, ताकि हालात को काबू में रखा जा सके.
हीट वेव के खतरे को देखते हुए जिला अस्‍पताल में खास इंतजाम, नहीं लगानी पड़ेगी कतार ...
हीट वेव के खतरे को देखते हुए जिला अस्‍पताल में खास इंतजाम, नहीं लगानी पड़ेगी कतार ...
वाराणसी : बढ़ती गर्मी और हीट वेव के खतरे को देखते हुए पांडेयपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को त्वरित राहत देने के उद्देश्य से एक अलग ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) काउंटर की शुरुआत की है, जिससे अब मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा. अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. एस. राम ने बताया कि गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन, लू और अन्य मौसमी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ते हैं. ऐसे में मरीजों को तुरंत ओआरएस उपलब्ध कराना बेहद जरूरी हो जाता है. पहले मरीजों को ओआरएस के लिए मुख्य दवा काउंटर पर जाना पड़ता था, जहां काफी भीड़ रहती थी और उन्हें इंतजार करना पड़ता था.अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. एस. राम ने बताया कि गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन, लू और अन्य मौसमी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ते हैं. ऐसे में मरीजों को तुरंत ओआरएस उपलब्ध कराना बेहद जरूरी हो जाता है. पहले मरीजों को ओआरएस के लिए मुख्य दवा काउंटर पर जाना पड़ता था, जहां काफी भीड़ रहती थी और उन्हें इंतजार करना पड़ता था.अस्पताल प्रशासन ने बताया कि गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अन्य तैयारियां भी की जा रही हैं. हीट वेव की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जल्द ही अस्पताल परिसर में एक कोल्ड रूम स्थापित किया जाएगा, जहां गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों को तत्काल ठंडा वातावरण देकर उपचार किया जा सकेगा.Also Read:सख्‍ती - मनमानी फीस वृद्धि हुई तो होगी कार्रवाई, डीएम ने तलब की आडिट रिपोर्टअस्पताल में पेयजल की समुचित व्यवस्था, पंखों और कूलरों की संख्या बढ़ाने जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं, ताकि मरीजों और तीमारदारों को गर्मी से राहत मिल सके. प्रशासन का कहना है कि इस तरह की व्यवस्थाओं से गर्मी से होने वाली बीमारियों पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी. साथ ही गर्मी से राहत देने के इंतजाम किए जा रहे हैं.