बीएचयू के बिरला छात्रावास में प्रस्तावित बाउंड्री निर्माण का विरोध, छात्रों ने विरासत और स्वरूप बनाए रखने की उठाई मांग...

वाराणसी: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के ऐतिहासिक बिरला छात्रावास में प्रस्तावित बाउंड्री निर्माण को लेकर छात्रों के एक वर्ग ने विरोध जताया है. छात्रों का कहना है कि छात्रावास के संरक्षण, मरम्मत और सौंदर्यीकरण का वे स्वागत करते हैं, लेकिन बाउंड्री का निर्माण उसी स्वरूप में किया जाना चाहिए जैसा पहले से मौजूद था.
छात्रों के अनुसार बिरला छात्रावास लगभग 100 वर्ष पुरानी धरोहर है, जिसका निर्माण वर्ष 1921 में हुआ था. समय के साथ छात्रावास की बाउंड्री कई स्थानों पर जर्जर होकर क्षतिग्रस्त हो गई है और उसकी मरम्मत की आवश्यकता है. हालांकि छात्रों का कहना है कि मरम्मत और पुनर्निर्माण के नाम पर छात्रावास के मूल स्वरूप में बड़ा बदलाव नहीं किया जाना चाहिए.
विरोध कर रहे छात्रों का आरोप है कि प्रस्तावित योजना के तहत बाउंड्री की ऊंचाई काफी बढ़ाई जा रही है, जिससे छात्रावास का खुला और ऐतिहासिक स्वरूप प्रभावित होगा. उनका कहना है कि छात्रावास शिक्षा और बौद्धिक गतिविधियों का केंद्र है, इसलिए इसकी संरचना ऐसी होनी चाहिए जिससे विद्यार्थियों को स्वतंत्र और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण का अनुभव हो.
छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सुरक्षा को लेकर कोई नई व्यवस्था की जा रही है तो उसे पूरे परिसर और अन्य छात्रावासों में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि केवल एक छात्रावास के लिए अलग व्यवस्था किए जाने को लेकर छात्रों के बीच कई तरह की चर्चाएं हैं.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि परिसर में सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है. उनका मत है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, ताकि छात्रों की वास्तविक समस्याओं का समाधान हो सके.
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छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि बिरला छात्रावास की ऐतिहासिक पहचान और वास्तु स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए ही मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य कराया जाए. साथ ही निर्माण कार्य को लेकर छात्रों और प्रशासन के बीच संवाद स्थापित कर सहमति का रास्ता निकाला जाए.
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर छात्रों ने छात्र अधिष्ठाता को ज्ञापन सौंप दिया है और छात्र प्रशासन से अपनी मांगों पर सकारात्मक विचार करने की अपेक्षा कर रहे हैं.



