यूजीसी का विरोध - राष्ट्रीय हिन्दू दल ने पीएम को खून से लिखा पत्र, सवर्ण सांसदों को भेजी चूड़ियां

वाराणसी : यूजीसी के नए नियम के खिलाफ में विभिन्न संगठनों ने भी आवाज बुलंद की है. इसी क्रम में राष्ट्रीय हिन्दू दल संगठन के अध्यक्ष रोशन पाण्डेय ने यूजीसी ऐक्ट का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री को खून से लिखा पत्र भेजा है. इसके साथ ही उन्होंने सवर्ण सांसदों को चूड़ियां भेजकर इस्तीफा देने की मांग की है. पाण्डेय ने कहा कि भाजपा ने सवर्णों को आपस में बांट दिया है और यूजीसी कानून को सवर्णों पर सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में पेश किया है.
उन्होंने कहा कि भाजपा को यूसीसी कानून, जनसंख्या नियंत्रण कानून, घुसपैठिया नियंत्रण कानून और गौ हत्या पर कानून लाने के लिए सवर्णों ने सत्ता में पहुंचाया था, लेकिन अब यह सरकार सवर्णों को मिटाने का कार्य कर रही है. पाण्डेय ने कहा कि कुछ समय पहले भाजपा ने "बटोगे तो कटोगे, एक रहोगे तो सेफ रहोगे" जैसे नारे दिए थे, लेकिन अब वही पार्टी हिन्दुओं को आपस में लड़ाने का काम कर रही है.
सवर्ण समाज पहले से ही एससी-एसटी एक्ट से पीड़ित है और अब यूजीसी के सवर्ण विरोधी नियम के माध्यम से उन्हें समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है. राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग उपाध्यक्ष संतोष द्विवेदी ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में पहले से ही प्रशासनिक विभाग होते हैं, फिर इस कानून की आवश्यकता क्या थी.पाण्डेय ने यह भी कहा कि सवर्णों को एकजुट होकर इस कानून के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए.
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उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल सवर्णों के अधिकारों की रक्षा के लिए है और भाजपा को यह समझना चाहिए कि सवर्ण समाज की एकता से ही उनकी राजनीतिक ताकत बढ़ेगी. राष्ट्रीय हिन्दू दल संगठन ने एक बार फिर से सवर्णों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाई है और यह स्पष्ट किया है कि वे किसी भी प्रकार के अन्याय को सहन नहीं करेंगे. इस अवसर पर रोशन पाण्डेय के साथ बजरंग दल काशी के विभाग उपाध्यक्ष संतोष द्विवेदी, राहुल सोनकर, राजेश चौहान, दीपक केशरी आदि उपस्थित रहे.



