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वाराणसी में उफान पर पेपर लीक का विरोध, काशी विद्यापीठ से जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन...

वाराणसी में उफान पर पेपर लीक का विरोध, काशी विद्यापीठ से जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन...
Jul 22, 2026, 10:43 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित बलप्रयोग के विरोध में बुधवार को वाराणसी में छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, बीएचयू और जिला मुख्यालय समेत शहर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पूरे दिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी. विश्‍वविद्यालयों में पुलिस फोर्स ने फ्लैग मार्च किया. कई लोग गिरफ्तार किए गए. एकाध जगह पुतला भी फूंकने का प्रयास किया गया. सिंह द्वार को पुलिस छावनी में तब्‍दील कर दिया गया था. वहीं कलेक्‍ट्रेट में डीएम पोर्टिको में अधिवक्‍ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री के इंस्‍तीफे की मांग की.

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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एनएसयूआई और छात्र सभा से जुडे बडी संख्या में छात्र पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे तथा नारेबाजी की. कुछ छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य गेट और दीवारों पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई. प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर निकलकर सड़क पर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर सभी मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिए. इसके बावजूद छात्र संगठनों के कार्यकर्ता गेट फांद कर अंदर पहुंच गए. विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी ड्रोन कैमरों से की गई. प्रशासन ने लगभग पांच थानों की पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों को तैनात किया.

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एडीसीपी वैभव बांगर ने बताया कि काशी विद्यापीठ में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से विश्वविद्यालय परिसर के भीतर ही विरोध दर्ज कराने की अपील की गई तथा सड़क पर आने का प्रयास करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई. प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय जाने वाले मार्ग पर भी सघन चेकिंग की गई, जहां पहचान पत्र की जांच के बाद ही लोगों को प्रवेश दिया गया.

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दूसरी ओर जिला मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शरीर को जंजीर से जकड कर प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई. प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों से थाने भेज दिया. प्रदर्शन के दौरान एक सपा नेता पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए सड़क पर लेट गए. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें घसीट और उठा कर हिरासत में लिया. पुलिस ने सपा कार्यकर्ता संदीप मिश्रा, अमन यादव और अरसमान मलिक को भी हिरासत में लिया.


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युवा कांग्रेस की ओर से भी विरोध प्रदर्शन किया गया. महानगर अध्यक्ष चंचल शर्मा सहित कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. पुलिस के अनुसार, बिना अनुमति प्रदर्शन कर आगे बढ़ने का प्रयास करने पर कार्रवाई की गई. बीएचयू के लंका गेट और आसपास के इलाकों में भी भारी पुलिस बल तैनात रहा. प्रशासन पूरे दिन अलर्ट मोड पर रहा और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी करता रहा. प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों ने पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी.

नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।