वाराणसी में उफान पर पेपर लीक का विरोध, काशी विद्यापीठ से जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन...

वाराणसी : पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित बलप्रयोग के विरोध में बुधवार को वाराणसी में छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, बीएचयू और जिला मुख्यालय समेत शहर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पूरे दिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी. विश्वविद्यालयों में पुलिस फोर्स ने फ्लैग मार्च किया. कई लोग गिरफ्तार किए गए. एकाध जगह पुतला भी फूंकने का प्रयास किया गया. सिंह द्वार को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था. वहीं कलेक्ट्रेट में डीएम पोर्टिको में अधिवक्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री के इंस्तीफे की मांग की.

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एनएसयूआई और छात्र सभा से जुडे बडी संख्या में छात्र पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे तथा नारेबाजी की. कुछ छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य गेट और दीवारों पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई. प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर निकलकर सड़क पर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर सभी मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिए. इसके बावजूद छात्र संगठनों के कार्यकर्ता गेट फांद कर अंदर पहुंच गए. विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी ड्रोन कैमरों से की गई. प्रशासन ने लगभग पांच थानों की पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों को तैनात किया.

एडीसीपी वैभव बांगर ने बताया कि काशी विद्यापीठ में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से विश्वविद्यालय परिसर के भीतर ही विरोध दर्ज कराने की अपील की गई तथा सड़क पर आने का प्रयास करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई. प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय जाने वाले मार्ग पर भी सघन चेकिंग की गई, जहां पहचान पत्र की जांच के बाद ही लोगों को प्रवेश दिया गया.

दूसरी ओर जिला मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शरीर को जंजीर से जकड कर प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई. प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों से थाने भेज दिया. प्रदर्शन के दौरान एक सपा नेता पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए सड़क पर लेट गए. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें घसीट और उठा कर हिरासत में लिया. पुलिस ने सपा कार्यकर्ता संदीप मिश्रा, अमन यादव और अरसमान मलिक को भी हिरासत में लिया.
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युवा कांग्रेस की ओर से भी विरोध प्रदर्शन किया गया. महानगर अध्यक्ष चंचल शर्मा सहित कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. पुलिस के अनुसार, बिना अनुमति प्रदर्शन कर आगे बढ़ने का प्रयास करने पर कार्रवाई की गई. बीएचयू के लंका गेट और आसपास के इलाकों में भी भारी पुलिस बल तैनात रहा. प्रशासन पूरे दिन अलर्ट मोड पर रहा और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी करता रहा. प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों ने पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी.



