Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

ट्रांसजेंडर अधिकार संशोधन बिल का विरोध, क्वीयर समुदाय ने की सरकार से बिल वापस लेने की मांग

ट्रांसजेंडर अधिकार संशोधन बिल का विरोध, क्वीयर समुदाय ने की सरकार से बिल वापस लेने की मांग
Mar 21, 2026, 07:17 AM
|
Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: प्रस्तावित ट्रांसजेंडर अधिकार संशोधन बिल 2026 के विरोध में शुक्रवार को शहर के क्वीयर समुदाय ने आवाज उठाई. बनारस क्वीयर प्राइड की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रांसजेंडर और जेंडर-डाइवर्स समुदाय के लोगों ने इस विधेयक को उनके संवैधानिक अधिकारों और आत्म-पहचान के खिलाफ बताया. वक्ताओं ने कहा कि संसद में प्रस्तावित यह संशोधन ट्रांसजेंडर समुदाय की गरिमा, स्वायत्तता और पहचान के अधिकार को कमजोर करता है. किन्नर समाज की सलमा चौधरी ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि हमारी पहचान हम तय करेंगे या सरकार. ऐसा कोई कानून जो हमारी पहचान पर नियंत्रण करे, हमें स्वीकार नहीं है. उन्होंने मांग की कि सरकार इस बिल को तत्काल वापस ले.


jkhg


क्वीयर कार्यकर्ताओं ने जताई बिल प्रावधानों पर आपत्ति


क्वीयर अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस बिल के कई प्रावधानों पर गंभीर आपत्ति जताई. उनका कहना है कि यह विधेयक राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण बनाम भारत संघ जैसे ऐतिहासिक फैसले की भावना के खिलाफ है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जेंडर पहचान स्वयं तय करने का अधिकार दिया गया है. इसी सिद्धांत को नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ और सुप्रियो बनाम भारत संघ में भी दोहराया गया था.


आत्म-पहचान के अधिकार का उल्लंघन


वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कानून ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को मेडिकल बोर्ड और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के जरिए पहचान प्रमाणित करने के लिए बाध्य करता है, जो न केवल अपमानजनक है बल्कि आत्म-पहचान के अधिकार का उल्लंघन भी है. इसके साथ ही विधेयक में ट्रांस व्यक्तियों की परिभाषा को अस्पष्ट बताया गया, जिससे ट्रांस पुरुष, ट्रांस महिलाएं और नॉन-बाइनरी समुदाय के कई लोग अपनी पहचान से वंचित हो सकते हैं. कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि बिल में 'किसी को ट्रांसजेंडर बनने के लिए उकसाने' को अपराध माना गया है, जो समुदाय के पारंपरिक सहयोग तंत्र पर सीधा हमला है. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे वे लोग भी अपराधी बन सकते हैं, जो अपने परिवारों से अलग रहकर एक-दूसरे का सहारा बनते हैं.


t


भेदभाव का लगाया आरोप


स्वास्थ्य संबंधी प्रावधानों पर भी सवाल उठाए गए. वक्ताओं ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार जेंडर पहचान व्यक्ति की आत्म-स्वीकृति पर आधारित होती है, लेकिन यह विधेयक इसे नजरअंदाज करता है और मेडिकल प्रक्रियाओं को अनिवार्य बनाने की दिशा में बढ़ता है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर ट्रांस व्यक्तियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और कठिन हो सकती है.


इसके अलावा, बिल में ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए अपेक्षाकृत कम सजा का प्रावधान, आरक्षण और कल्याणकारी योजनाओं की कमी, तथा शिक्षा और जागरूकता के अभाव को लेकर भी चिंता जताई गई. वक्ताओं का कहना था कि यह संशोधन सामाजिक वास्तविकताओं- जैसे परिवार से बहिष्कार, रोजगार और शिक्षा में भेदभाव... को नजरअंदाज करता

है.


h


यह भी पढ़ें: Chaitra Navratri 2026: मां चंद्रघंटा की इन फूलों से करें पूजा, लगाएं उनका प्रिय भोग


प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में ट्रांस महिला हेतवी और अन्य वक्ताओं ने एकजुटता की अपील करते हुए कहा कि यह संशोधन समानता और गरिमा की दिशा में हुई प्रगति को पीछे ले जाएगा. उन्होंने नागरिकों, सामाजिक संगठनों और क्वीयर समुदाय से इस विधेयक के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया.

वाराणसी के ऐतिहासिक कोतवाली थाने का कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए भवन का उद्घाटन
वाराणसी के ऐतिहासिक कोतवाली थाने का कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए भवन का उद्घाटन
वाराणसी : पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक कोतवाली थाना परिसर का शुक्रवार को भव्य रूप से लोकार्पण किया गया पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर नवनिर्मित थाना भवन का उद्घाटन किया इस मौके पर उन्होंने बताया कि कोतवाली थाना शहर का सबसे महत्वपूर्ण थाना है, जिसे बाबा काल भैरव की चौकी के रूप में भी विशेष पहचान प्राप्त है वर्ष 1901 में अंग्रेजों के समय निर्मित इस भवन की हालत समय के साथ जर्जर हो गई थी, जिसे अब आधुनिक सुविधाओं के साथ पूरी तरह से पुनर्निर्मित किया गया है.करीब सवा सौ साल पुराने इस भवन के जीर्णोद्धार पर लगभग 25 लाख रुपये खर्च किए गए हैं. इस दौरान न केवल थाना भवन को नया स्वरूप दिया गया, बल्कि उससे जुड़ी सड़क और सामने स्थित पार्क का भी सुंदरीकरण किया गया है.मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा लगातार पुराने थानों का कायाकल्प किया जा रहा है. इससे पहले चौक थाने को भी हेरिटेज स्वरूप में विकसित किया जा चुका है.उन्होंने कहा कि इस पहल से पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनके कार्य करने के माहौल में सुधार होगा.उन्होंने आगे जानकारी दी कि जल्द ही जैतपुरा थाना, चेतगंज थाना समेत अन्य पुराने थानों का भी नवीनीकरण किया जाएगा, ताकि उन्हें आधुनिक और सुव्यवस्थित रूप दिया जा सके.20 हजार घूस लेते जेई और लाइनमैन गिरफ्तार, एंटी करप्‍शन टीम ने की कार्रवाईअधिकारियों का मानना है कि थाना परिसर के नवीनीकरण से पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और फरियादियों को भी बेहतर एवं सुविधाजनक वातावरण मिलेगा.इस अवसर पर डीआईजी शिवहरी मीणा, डीसीपी काशी जोन गौरव बसंवाल, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे.
20 हजार घूस लेते जेई और लाइनमैन गिरफ्तार, एंटी करप्‍शन टीम ने की कार्रवाई
20 हजार घूस लेते जेई और लाइनमैन गिरफ्तार, एंटी करप्‍शन टीम ने की कार्रवाई
वाराणसी : सरकारी महकमे में भ्रष्‍टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्‍शन विभाग की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर और लाइनमैन को 20 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया. इस कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया. दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.शिकायत के आधार पर एंटी करप्‍शन टीम ने जाल बिछायाजानकारी के अनुसार 10 अप्रैल 2026 समय लगभग 2.55 बजे शिकायतकर्ता शुभम श्रीवास्‍तव निवासी उत्‍तरी ककरमत्‍ता थाना मंडुआडीह वाराणसी ने एंटी करप्‍शन टीम से शिकायत की थी कि विद्युत विभाग के अधिकारी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्‍वत मांग रहे हैं. शिकायत के आधार पर एंटी करप्‍शन टीम ने जाल बिछाया और 33/11 केवी डीपीएच पावर हाउस मंडुआडीह के पास से दोनों आरोपियों को रिश्‍वत लेते हुए दबोच लिया.यह भी पढ़ें: पुलिस की सख्‍ती, रोडवेज और रेलवे स्‍टेशन पर अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाएं गिरफ्तारगिरफ्तार आरोपियों में लक्ष्‍मण कुमार लाइनमैन संविदाकर्मी निवासी नैपुरा कला थाना लंका और नवनीत कुमार जूनियर इंजीनियर निवासी जवांवा थाना गोपीगंज भदोही शामिल हैं. टीम ने दोनों आरोपियों को 20 हजार रुपये रिश्‍वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया. इसके बाद आरोपियों के खिलाफ थाना रोहनिया कमिश्‍नरेट वाराणसी में भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्‍यक विधिक कार्यवाही की जा रही है. इसके बाद विभाग में हडकंप मच गया है.
पुलिस की सख्‍ती, रोडवेज और रेलवे स्‍टेशन पर अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाएं गिरफ्तार
पुलिस की सख्‍ती, रोडवेज और रेलवे स्‍टेशन पर अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाएं गिरफ्तार
वाराणसी: सिगरा पुलिस ने लगातार मिल रही शिकायत के बाद यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए अभियान चलाकर रोडवेज और कैंट रेलवे स्टेशन के आसपास अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाओं को गिरफ्त में लिया है. यह कार्रवाई थाना प्रभारी संजय मिश्रा के नेतृत्व में की गई. अभियान के दौरान रोडवेज चौकी प्रभारी कुमार गौरव सिंह, दरोगा दुर्गा प्रसाद, दरोगा प्रशांत बंधु और दरोगा जावेद अशरफ सहित पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से क्षेत्र में गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी.शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं राहगीरों और श्रद्धालुओं को परेशान करने, अनावश्यक भीड़ इकट्ठा करने और सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था फैलाने में संलिप्त थीं. स्थानीय नागरिकों और यात्रियों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी महिलाओं को हिरासत में ले लिया. पुलिस का कहना है कि इनकी गतिविधियों से आमजन को असुविधा हो रही थी और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी. फिलहाल सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है.यह भी पढ़ें: 24 साल पुराना शूटआउट केस कानूनी निष्‍कर्ष के करीब, जल्‍द आ सकता फैसलामुकदमा दर्ज कर की जाएगी कानूनी प्रक्रिया पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यात्रियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से ऐसे अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी तरह अव्‍यवस्‍था बर्दाश्‍त नहीं की जाएगी.