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Chaitra Navratri 2026: मां चंद्रघंटा की इन फूलों से करें पूजा, लगाएं उनका प्रिय भोग

Chaitra Navratri 2026: मां चंद्रघंटा की इन फूलों से करें पूजा, लगाएं उनका प्रिय भोग
Mar 21, 2026, 06:24 AM
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Posted By Preeti Kumari

Chaitra Navratri 2026: आज 21 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है, यह दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप को समर्पित है. मां चंद्रघंटा देवी दुर्गा का तीसरा स्वरूप मानी जाती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन साधक का मन मणिपुर चक्र में स्थित होता है, जिससे आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होती है. मां चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्धचंद्र घंटी के आकार का होता है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है. इनका स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और स्वर्ण के समान चमकदार माना जाता है. मां के दस हाथों में कई अस्त्र-शस्त्र होते हैं और इनका वाहन सिंह है, जो शक्ति और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है, मां चंद्रघंटा की पूजा करने से भय, दुख, रोग और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं. भक्तों को साहस और निर्भयता प्राप्त होती है तथा जीवन की बाधाएं समाप्त होती हैं.


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मां चंद्रघंटा का स्वरूप


मां चंद्रघंटा का स्वरूप भक्तों के लिए बड़ा ही लुभावना और मनमोहक होता है. माता रानी के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र होता है, जिसके कारण उन्हें ‘चंद्रघंटा’ कहा जाता है. मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की आराधना करने से साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है. मा चंद्रघंटा की सवारी वाहन सिंह है. उनके दस हाथ होते हैं, जिनमें कमल, धनुष-बाण, त्रिशूल, तलवार, गदा और जपमाला जैसे अस्त्र-शस्त्र सुशोभित हैं. इनका स्वरूप स्वर्ण के समान चमकीला और अत्यंत कल्याणकारी है.


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मां चंद्रघंटा की पूजा विधि


चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन रवि योग का संयोग बन रहा है. रवि योग रात 12 बजकर 37 मिनट से लेकर 22 मार्च की सुबह 6 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. इस बीच आप माता चंद्रघंटा की पूजा-उपासना कर सकते हैं. चैत्र नवरात्रि के दिनों में सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. इस दिन ग्रे रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. मंदिर की सफाई कर दीप जलाएं और फूलों से पूजा स्थल को सजाएं. इसके बाद कलश और उसमें स्थापित देवताओं का ध्यान करें. मां चंद्रघंटा की प्रतिमा या चित्र को लाल पुष्प, अक्षत, धूप और गंध अर्पित कर माता रानी की सच्चे मन से अराधना करें.


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मां चंद्रघंटा को लगाएं उनका प्रिय भोग


माता चंद्रघंटा को दूध से बनी मिठाई बड़ा ही प्रिय है. जैसे खीर या रबड़ी बहुत प्रिय हैं. इसके अलावा उन्हें शहद का भोग भी लगाया जा सकता है. इसी के चलते माता रानी को दूध से बने मीठे का भोग ही लगाया जाता है. इसके बाद अगरबत्ती और दीपक जलाकर माता के सामने रखें. फिर माता के मंत्रों का जाप करें और दुर्गा सप्तशती औऱ व्रत कथा का पाठ करें. अंत में चालीसा का पाठ कर कपूर जलाकर घंटी बजाते हुए माता की आरती करें. मान्यता है कि घंटी की ध्वनि से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है.


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इस दिन सबसे पहले एक साफ स्थान पर पीला वस्त्र बिछाकर मां चंद्रघंटा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. पास में कलश स्थापित कर उस पर नारियल रखें. चंदन, रोली, हल्दी, फूल, दूर्वा आदि से मां का पूजन करें. मां को दूध से बनी मिठाई या खीर का भोग लगाएं. अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें.


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पूजा में कौन से फूल चढ़ाएं


मां चंद्रघंटा की पूजा में गेंदा, कमल और सफेद रंग के फूल चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है.


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मां चंद्रघंटा के बीज मंत्र


इस दिन ''ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे'' या ''ऊं चंद्रघंटायै नमः'' मंत्र का जाप करें. इस मंत्र का 108 बार जाप करने से विशेष लाभ मिलता है.


करें ये विशेष उपाय


इस दिन मां चंद्रघंटा को दूध से बनी मिठाई और खीर अति प्रिय मानी जाती है. भोग लगाने के बाद इसे छोटी कन्याओं को बांटना शुभ माना जाता है. इससे सुख-समृद्धि बढ़ती है.


पूजा के समय घंटी या शंख जरूर बजाएं. इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वातावरण शुद्ध होता है.


पूरे दिन गुस्सा, ईर्ष्या और नकारात्मक सोच से दूर रहें. मां चंद्रघंटा की पूजा में शुद्ध मन बहुत जरूरी होता है.


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मां चंद्रघंटा की आरती


जय मां चंद्रघंटा सुखधाम।

पूर्ण कीजो मेरे सभी काम।।

चंद्र समान तुम शीतल दाती।

चंद्र तेज किरणों में समाती।।

क्रोध को शांत करने वाली।

मीठे बोल सिखाने वाली।।

मन की मालिक, मन भाती हो।

चंद्रघंटा तुम वरदाती हो।।

सुंदर भाव को लाने वाली।

हर संकट में बचाने वाली।।

हर बुधवार जो तुम्हें ध्याए।

श्रद्धा सहित जो विनय सुनाए।।

मूर्ति चंद्र आकार बनाएं।

सन्मुख घी की ज्योत जलाएं।।

शीश झुका कहे मन की बात।

पूर्ण आस करो, जगदात।।

कांचीपुर स्थान तुम्हारा।

कर्नाटक में मान तुम्हारा।।

नाम तेरा रटूं महारानी।

भक्त की रक्षा करो भवानी।।


मां चंद्रघंटा चालीसा


दोहा


या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः।।


चौपाई


नमो नमो दुर्गे सुख करनी।

नमो नमो अंबे दुःख हरनी।।

निराकार है ज्योति तुम्हारी।

तिहूं लोक फैली उजियारी।।

शशि ललाट मुख महा विशाला।

नेत्र लाल भृकुटी विकराला।।

रूप मातु को अधिक सुहावे।

दरश करत जन अति सुख पावे।।

तुम संसार शक्ति मय कीना।

पालन हेतु अन्न धन दीना।।

अन्नपूर्णा हुई जग पाला।

तुम ही आदि सुंदरी बाला।।

प्रलयकाल सब नाशन हारी।

तुम गौरी शिव शंकर प्यारी।।

शिव योगी तुम्हरे गुण गावैं।

ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावैं।।

रूप सरस्वती को तुम धारा।

दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा।।

धरा रूप नरसिंह को अंबा।

प्रकट भई फाड़कर खंभा।।

रक्षा करि प्रह्लाद बचायो।

हिरण्यकशिपु को स्वर्ग पठायो।।

लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं।

श्री नारायण अंग समाहीं।।

क्षीरसिंधु में करत विलासा।

दयासिंधु दीजै मन आसा।।

हिंगलाज में तुम्हीं भवानी।

महिमा अमित न जात बखानी।।

मातंगी धूमावति माता।

भुवनेश्वरी बगला सुखदाता।।

श्री भैरव तारा जग तारिणी।

क्षीण भाल भव दुःख निवारिणी।।

केहरि वाहन सोहे भवानी।

लांगुर वीर चलत अगवानी।।

कर में खप्पर खड्ग विराजै।

जाको देख काल डर भाजै।।

सोहे अस्त्र और त्रिशूला।

जाते उठत शत्रु हिय शूला।।

नगर कोटि में तुम्हीं विराजत।

तिहुं लोक में डंका बाजत।।

शुंभ निशुंभ दानव तुम मारे।

रक्तबीज शंखन संहारे।।

महिषासुर नृप अति अभिमानी।

जेहि अधिभार मही अकुलानी।।

रूप कराल काली को धारा।

सेन सहित तुम तिहि संहारा।।

पड़ी गाढ़ संतों पर जब-जब।

भई सहाय मात तुम तब-तब।।


मां चंद्रघंटा की कथा


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवताओं और असुरों के बीच लंबे समय तक भीषण युद्ध चला, असुरों का राजा महिषासुर बेहद शक्तिशाली और अहंकारी हो गया था. उसने देवताओं के राजा इंद्र का सिंहासन छीन लिया और स्वर्ग पर अपना अधिकार जमा लिया. सभी देवता इस संकट से बचने के लिए त्रिदेवों की शरण में गए, देवताओं की परेशानी सुनकर त्रिदेव बहुत क्रोधित हुए. उनके क्रोध से एक दिव्य ऊर्जा उत्पन्न हुई, जिससे मां दुर्गा प्रकट हुईं.


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इसके बाद सभी देवताओं ने देवी को अपने अस्त्र-शस्त्र भेंट किए, तब मां ने 'चंद्रघंटा' का अवतार लिया. युद्ध के मैदान में जब मां चंद्रघंटा ने अपने घंटे की भयानक ध्वनि की, तो उसकी गूंज से ही आधे से ज्यादा असुर मारे गए. महिषासुर के सेनापतियों ने मां पर हमला किया, लेकिन देवी ने पलक झपकते ही उनका संहार कर दिया, अंत में मां ने महिषासुर का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया और स्वर्ग का वैभव वापस दिलाया.

बरेका में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत चला विशेष सफाई अभियान, लोगो को किया गया जागरूक.
बरेका में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत चला विशेष सफाई अभियान, लोगो को किया गया जागरूक.
वाराणसी। रेल मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत के मार्गदर्शन में बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत लगातार स्वच्छता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में मंगलवार को बरेका परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया।अभियान के तहत बरेका परिसर में स्थापित सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों और सोलर पैनलों की विशेष साफ-सफाई की गई। उपकरणों पर जमा धूल-मिट्टी और गंदगी को हटाने के साथ उनकी कार्यशीलता की भी जांच की गई। आवश्यकता के अनुसार रखरखाव संबंधी कार्य किए गए। अधिकारियों ने सौर ऊर्जा उपकरणों को नियमित रूप से स्वच्छ और क्रियाशील रखने पर जोर दिया।इसके अलावा बरेका के ऑफिसर्स गेस्ट हाउस (OGH) और ऑफिसर्स रेस्ट हाउस (ORH) के किचन क्षेत्रों और डस्टबिन की विशेष सफाई की गई। किचन परिसर में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।बरेका के आवासीय और वाणिज्यिक परिसरों में भी व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। जलालीपट्टी मार्केट में सार्वजनिक शौचालयों और नालियों की सफाई की गई। नालियों में जमा कचरे और गंदगी को हटाकर जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया।अभियान के दौरान स्थानीय लोगों और दुकानदारों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने और आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।बरेका प्रशासन के अनुसार, ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के माध्यम से स्वच्छ परिसर, स्वच्छ कॉलोनी और स्वच्छ वातावरण के निर्माण के साथ लोगों को स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया जा रहा है।ALSO READ:IMA बनारस का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों के लिए याद रखा जाएगा --- डॉ. अनुराग टंडन
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वाराणसी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) बनारस के वर्ष 2026 के कार्यकाल को लेकर अध्यक्ष डॉ. अनुराग टंडन ने कहा कि इस सत्र में टीम ने कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि IMA परिसर में वर्ष 2026 की बैलेंस शीट पर हस्ताक्षर करते हुए उन्हें इस बात का गर्व है कि पूरी टीम ने संगठन को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम किया।डॉ. अनुराग टंडन ने अपने संदेश में कहा कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान डॉ. अरुण त्रिपाठी, डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. एस.पी. सिंह और डॉ. रितु गर्ग समेत पूरी टीम ने उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने कहा कि टीम के सामूहिक प्रयासों के कारण IMA बनारस का यह सत्र लंबे समय तक याद रखा जाएगा।उन्होंने कहा कि संगठन की उपलब्धियों के पीछे पूरी टीम की मेहनत और सहयोग रहा है। अध्यक्ष ने आगामी टीम को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि नई टीम भी IMA बनारस को इसी तरह आगे बढ़ाएगी।डॉ. अनुराग टंडन ने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना करते हुए कहा कि आने वाली टीम को भी संगठन के हित में बेहतर कार्य करने की शक्ति और सफलता मिले। उन्होंने अपने संदेश का समापन “जय हिंद, Long Live IMA” के साथ किया।ALSO READ:बरेका में वित्तीय प्रबंधन एवं साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
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वाराणसी।बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को वित्तीय प्रबंधन तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बैंक ऑफ बड़ौदा, बरेका शाखा द्वारा आज दिनांक 22 सितंबर 2026 को प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र (TTC) के ऑडिटोरियम में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में बैंक ऑफ बड़ौदा के विशेषज्ञ एजीएम एंड डीआरएम श्री आनंद लखमानी और शाखा प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा, बरेका श्री दिनेश कुमार द्वारा रेलवे सैलरी पैकेज (RSP), कार्यरत कर्मचारियों सहित सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के वित्तीय प्रबंधन तथा साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एवं उपयोगी सुझाव प्रदान किए गए।विशेषज्ञों ने सुरक्षित एवं सुनियोजित वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ डिजिटल लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, साइबर अपराध से बचाव तथा व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी को सुरक्षित रखने के उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।कार्यशाला में बरेका के कार्यरत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विशेषज्ञों से वित्तीय प्रबंधन एवं साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को वित्तीय रूप से जागरूक एवं डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाना रहा।इस अवसर पर प्राचार्य, प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र श्री सुभाष चंद्र यादव, वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी-मुख्यालय श्री राजकुमार गुप्ता, सहायक कार्मिक अधिकारी - कर्मशाला श्री पीयूष मिंज,सहायक कार्मिक अधिकारी-मुख्यालय श्री राम प्रवेश यादव, संयुक्त सचिव, कर्मचारी परिषद श्री प्रदीप कुमार यादव, अन्य सदस्य श्री नवीन कुमार सिन्हा, श्री श्रीकांत यादव, श्री संतोष कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारीगण उपस्थित रहे।ALSO READ:एचपीवी टीकाकरण को लेकर बीएचयू में जागरूकता कार्यक्रम, 11 एमबीबीएस छात्रों को लगी वैक्सीन की पहली डोज.