प्यासे शहर में जलस्रोत पर ‘धंधा’! सरकारी कुएं से चल रहा वाशिंग सेंटर

In a thirsty city, a water source is being used for 'business'! A washing center is being run from a government well.
वाराणसी: एक तरफ भीषण गर्मी में शहर पानी के संकट से जूझ रहा है, भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी जलस्रोतों पर खुलेआम निजी कारोबार चल रहा है, आदमपुर थाना क्षेत्र के कज्जाकपुरा-भदऊचुंगी मार्ग स्थित पंचायती कुएं का इस्तेमाल कथित तौर पर वाहन धुलाई सेंटर के रूप में किया जा रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जो कुआं कभी मोहल्ले के लोगों की घरेलू जरूरतों का सहारा था, आज उससे कार, बाइक, ऑटो और पिकअप धुलवाई जा रही हैं.

कुएं में पाइप और मोटर डालकर दिनभर पानी निकाला जाता है और उससे गाड़ियों की सफाई होती है. इतना ही नहीं, कुएं को लोहे की ग्रिल से ढक दिया गया है, जिससे आसपास के लोग पानी तक नहीं ले पा रहे, सुबह से शाम तक यहां वाहनों की लाइन लगने की बात सामने आई है. इलाके के रहने वाले राजेश गुप्ता और रमेश मौर्य ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी संपत्ति पर इस तरह कब्जा कर निजी धंधा चलाना गलत है.

प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इसे बंद कराना चाहिए, रमेश ने कहा कि मोहल्ले में गर्मी में जनता को पीने का पानी नसीब नहीं है और लोग कुआं पर कब्जा कर व्यापार कर रहे है. अन्य स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब शहर में पानी बचाने की अपील हो रही है, तब सार्वजनिक जलस्रोत से व्यावसायिक दोहन बेहद गंभीर मामला है.
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जिसके बाद से लोगों ने नगर निगम से जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, जब आम जनता पानी के लिए परेशान है, तो सरकारी कुएं का पानी आखिर किसकी अनुमति से कारोबार में बहाया जा रहा है?



