राज्यमंत्री ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा, मंत्री दिए सख्त निर्देश दो दिन में दुरुस्त हों सड़क के गड्ढे

वाराणसी। बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की ओर से मिलने वाली सभी राहत सुविधाएं प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाई जाएं। राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए भोजन, आवास और जरूरत के अनुसार चिकित्सा सुविधा के साथ बुजुर्गों और बच्चों के लिए दूध व फल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ये निर्देश प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने बुधवार को सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान दिए।
मंत्री ने बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ का चेतावनी बिंदु पार होने की सूचना से लोगों में भय का माहौल न बने, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते रहें और लोगों को भरोसा दिलाएं कि प्रशासन उनके साथ है।उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी रह रहे लोगों के लिए खाद्यान्न और बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। क्षेत्रीय पार्षदों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में बच्चों को दूध वितरित कराने को कहा। राहत शिविरों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली विभाग को निर्देशित किया गया। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था कराने को कहा।

दो दिन में भरें सड़क के गड्ढे
मंत्री ने बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और उनमें बने गड्ढों को दो दिन के भीतर हर हाल में दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों के गड्ढों के कारण किसी व्यक्ति को दुर्घटना का शिकार नहीं होना चाहिए। इसके अलावा बरसात के दौरान किसी भी गली में अंधेरा न रहे और सभी स्ट्रीट लाइटें चालू हालत में रहें। पार्षदों को भी अपने क्षेत्रों में इसकी निगरानी करने के निर्देश दिए।
35 नावें लगाई गईं, 16 बाढ़ राहत चौकियों पर मेडिकल टीम
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बैठक में बताया कि बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए तीन समय भोजन, नाश्ता और रहने की समुचित व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए शिविरों में 24 घंटे सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। बच्चों के लिए दूध और फल की भी व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य के लिए 35 नावें लगाई गई हैं। सभी नावों पर टॉर्च के साथ एक-एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई जाएगी। सीएमओ ने बताया कि जिले की 16 बाढ़ राहत चौकियों पर मेडिकल टीमें तैनात हैं और शिविरों में रह रहे लोगों को जरूरत के अनुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार फिलहाल बाढ़ से एक तहसील के 14 गांव प्रभावित हुए हैं। पशुओं के लिए 692 कैंपों के माध्यम से आवश्यक दवाओं का वितरण किया जा चुका है।
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राहत शिविर पहुंचकर बांटी खाद्यान्न किट
बैठक के बाद मंत्री रविंद्र जायसवाल ने जेपी मेहता राहत शिविर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न किट वितरित किए। उन्होंने शिविर में रह रहे लोगों का कुशलक्षेम पूछा और उन्हें भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी तथा हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भी वितरित की।



