वाराणसी में बारिश से मौसम हुआ सुहाना, जगह-जगह जलभराव ने बढ़ाई दुश्वारी

वाराणसी : गरमी और उमस के बाद बुधवार की दोपहर हुई बारिश ने काशी वासियों को राहत तो दी लेकिन जगह-जगह जलभराव ने दुश्वारियां बढ़ा दी. हालांकि बारिश ने काशी विश्वनाथ धाम की सुंदरता में चार चांद लगा दिए. धाम के गंगा द्वार से मां गंगा की ओर जाने वाले मार्ग पर सीढ़ियों से बहते बारिश के पानी ने झरने का रूप ले लिया जो श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा. बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा द्वार पहुंचकर बारिश का आनंद लेते नजर आए. कई लोग सीढ़ियों पर भीगते हुए सुकून का एहसास कर रहे थे, तो वहीं मोबाइल कैमरों में इस खूबसूरत नजारे को कैद करते दिखाई दिए. श्रद्धालुओं का कहना था कि सावन की फुहार, बाबा का आशीर्वाद और मां गंगा का सानिध्य एक अलग ही अनुभूति देता है.

बारिश की जानकारी मिलते ही कई स्थानीय लोग भी गंगा द्वार पहुंच गए. उनका कहना था कि जब भी काशी में ऐसी बारिश होती है, वे यहां का नजारा देखने जरूर आते हैं. वहीं स्कूली बच्चे भी बारिश में मस्ती करते और सीढ़ियों पर दौड़ते-भागते नजर आए. दिन चढ़ने के साथ ही बारिश शुरू हो गई. इस दौरान इस मौसम की सबसे तेज बारिश हुई. झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से तो राहत मिली ही, किसानों के चेहरे भी चमक गए. वहीं शहर के निचले हिस्सों में जलभराव भी हुआ. बारिश के चलते अंधरापुल, रथयात्रा, रवींद्रपुरी, गोदौलिया, नई सडक, सीर गोवर्धन, बजरडीहा, जैतपुरा, भदऊ चुंगी और महमूरगंज समेत वरुणा पार के इलाके भी जलभराव से प्रभावित रहे. कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया. इससे कई मार्गों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई.
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वाराणसी का कमिश्नरी सभागार परिसर तालाब में तब्दील हो गया. लगभग 45 मिनट तक हुई बारिश ने पूरे परिसर को जलमग्न कर दिया है और अधिवक्ताओं ,अधिकारियों व आमजन को आवाजाही में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा. दरअसल यहां परिसर में ही करोड़ों की लागत से न्यू भवन का निर्माण हो रहा है लेकिन बारिश को देखते हुए पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई जिसके कारण अब बारिश के मौसम में बारिश होने के कारण पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है. लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
बारिश ने रविदास मंदिर के विकास की पोल खोल दी. कुछ दिन पहले ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने समरसता सकल्प अभियान की शुरुआत की थी. गांडीव डिजिटल ने सडक पर बने गड्ढे की खबर चलाई तो नगर निगम ने संज्ञान लेते हुए उसे बैरिकेड किया.



