नए साल के जश्न में बाधा बनेगी बारिश, IMD ने दी जानकारी

उत्तर प्रदेश के मौसम में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है. पछुआ हवाओं के प्रभाव ने प्रदेश के कुछ इलाकों में घने कोहरे से राहत देता नजर आ रहा है. लेकिन इन बर्फीली हवाओं ने कपकपी वाली ठंड का असर दिखाने लगी है. पिछले 24 घंटों में 17 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहने वाला है. बता दें, कानपुर में सबसे कम 4.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया है, जिसमें कानपुर की रात सबसे सर्द भरी रही. जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने 59 जिलों में कोहरे का अलर्ट जारी कर दिया है. घने कोहरे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. साथ ही ट्रेन और विमान सेवाएं प्रभावित हुई है. पूर्वांचल के कई जिलों, लखनऊ से मेरठ तक बीते मंगलवार को दिन में धूप निकलने की वजह से दिन का तापमान बढ़ चला. लेकिन आसमान साफ होते ही ओस ने असर दिखाया और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.

न्यूनतम तापमान में गिरावट
मौसम विभाग ने नए साल पर पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण बारिश की संभावना जताई है. नोएडा में घने कोहरे का असर देखा गया है. इस घने कोहरे का असर इस हद तक है कि यातायात के दौरान गाड़ियों की लाइट जलाकर लोगों को चलते देखा गया. फिलहाल, आज के मौसम के मुताबिक, यूपी में घने कोहरे से राहत मिलने के साथ ही ठंड ने कंपाना शुरू कर दिया है. तेज पछुआ हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.

आईएमडी का आया पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, नये साल 2026 के पहली जनवरी को उत्तर पश्चिमी यूपी में बारिश हो सकती है. इस दौरान हवा में नमी बढ़ने से तापमान बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है. वहीं, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है. इसका प्रभाव बढ़ने से वायुमंडल में अस्थिरता बढ़ने लगी है. इसी के चलते प्रदेश के उत्तरी और दक्षिणी कुछ भागों को छोड़कर अन्य स्थानों में कोहरे के कहर पर लगाम लगता दिख रहा है. तापमान में भी मामूली वृद्धि होत दिखी है.

मौसम विभाग ने बताया कि बरेली, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, बस्ती, बांदा, इटावा और आसपास के क्षेत्रों तक सीमित हो गई है. हालांकि, आज भी कई जिलों में घना कोहरा छाने का पूर्वानुमान जताया गया है. इसके बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कोहरे में कमी आएगी. 1 जनवरी को प्रदेश के कई स्थानों में बारिश होने के चलते तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की वृद्धि होने की संभावना है.



