बीएचयू में छात्रों की मांग पर इसरो के पूर्व प्रमुख ने हिंदी में गुरु मंत्र दिया, कहा- गैजेट्स का गुलाम न बनें

वाराणसी : बीएचयू में प्रज्ञान 2026 के अवसर पर 2100 से अधिक जेन-जी छात्र इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ. एएस किरण कुमार से रूबरू हुए. स्वतंत्रता भवन में 20 सेकंड अंग्रेजी बोलने के बाद छात्रों की मांग पर उन्होंने हिंदी में 60 मिनट तक गुरु मंत्र दिया. इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर डॉ. किरण ने कहा कि डिजिटल गैजेट्स को अपना गुलाम बनाइए. आप खुद गुलाम न बनें. गैजेट्स पर समय बर्बाद न करें. उन्होंने कहा कि अपने कौशल को निखारने के साथ ही तकनीक का इस्तेमाल कर देश के विकास में अपना योगदान दीजिए. अब भारत का अपना स्वदेशी निर्मित एआई सॉफ्टवेयर बंगलूरू में तैयार हो रहा है. एआई का इस्तेमाल करिए लेकिन सिर्फ टूल की तरह, जितने से आपका काम निकल जाए.
नैसर्गिक इंटेलीजेंस का करिए इस्तेमाल
छात्रों से आह्वान किया कि अपना नैसर्गिक इंटेलीजेंस इस्तेमाल करिए, जो आपका दिमाग है. यह एआई से कई हजार गुना बेहतर है. अपनी इंद्रियों का उपयोग कर इतिहास रचें. सही प्रश्न पूछें और प्रकृति से सीख लेकर उसे नोट करें. उन्होंने कहा कि मनुष्य वास्तविक बुद्धि रोबोट एडवांस का वर्जन हैं और युवा छात्रों को खोज करने वाला बनना चाहिए.
डॉ. किरण कुमार ने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जो स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल युद्ध के लिए नहीं, बल्कि मानव जरूरतों और आपदा को कम करने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने गार्गी ऋषि से शुरू होकर विक्रम साराभाई और अब्दुल कलाम तक के उदाहरणों को छात्रों के सामने रखा. आगे बताया कि भारत में वैज्ञानिकों की कमी है. महामना ने बीएचयू को सिर्फ पढ़ाई के लिए नहीं बल्कि नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए खोला था. इस दौरान डॉ. किरण ने बीएचयू के जंतु विज्ञान विभाग स्थित ज्ञान लैब से छपने वाली अचिंत्य पत्रिका के सलाहबार बोर्ड की सदस्यता का प्रस्ताव भी स्वीकार किया.

100 से ज्यादा स्कूलों ने की हिस्सेदारी
प्रज्ञान में वाराणसी और आसपास के जिलों सहित दूरदराज के 100 से ज्यादा स्कूलों के छात्रों ने हिस्सेदारी की. इन्होंने नवीन विज्ञान मॉडल, पोस्टर, क्विज और प्रायोगिक गतिविधियों की प्रदर्शनी लगाई. इस दौरान आईआईटी बीएचयू के रोबोटिक्स क्लब, एरो मॉडलिंग क्लब की ओर से स्पेशल साइंस वर्कशॉप और लाइव साइंस शो भी किया गया. यह कार्यक्रम मेक इंडिया साइंटिफिक की थीम पर किया जा रहा है. इसमें विज्ञान संस्थान, बीएचयू और आईआईटी-बीएचयू के 300 से ज्यादा छात्र-छात्रा शामिल रहे.
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जेन जी, जेन अल्फा और जेन वाई का ये कार्यक्रम
विज्ञान संस्थान के डीन प्रो. आरके श्रीवास्तव ने कहा कि इस विज्ञान महोत्सव में तीन पीढ़ियों का सहयोग है. आज के समय में जेन जी, जेन अल्फा के साथ जेन वाई का ये आयोजन है. प्रो. मधु जी तपड़िया ने कहा कि सफलता के कोई शॉर्टकट नहीं हैं और सफलता प्राप्त करने के लिए बॉक्स के बाहर सोचना और सही प्रश्न मन में रखना जरूरी है. इस दौरान कार्यक्रम में जीन वैज्ञानिक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे, डॉ. अवनीश सिंह, प्रोफेसर आरके सिंह, प्रो. अभय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे.



