Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

वाराणसी में सस्‍ती एवं सुविधाजनक होगी रोप-वे सेवा, शासन ने किराया दरों को दी मंजूरी...

वाराणसी में सस्‍ती एवं सुविधाजनक होगी रोप-वे सेवा, शासन ने किराया दरों को दी मंजूरी...
Jun 23, 2026, 08:03 AM
|
Posted By Shivangi Ojha

वाराणसी : शहर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित एवं सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वाराणसी रोप-वे परियोजना के लिए किराया दरों की अधिसूचना जारी कर दी गई है. शासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार रोप-वे सेवा के विभिन्न स्टेशनों के मध्य यात्रा के लिए यात्रियों के लिए किफायती किराया निर्धारित किया गया है.

अधिसूचना के अनुसार वाराणसी कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा एवं गोदौलिया चौक स्टेशनों के बीच यात्रा हेतु न्यूनतम किराया ₹10 तथा अधिकतम किराया ₹50 निर्धारित किया गया है.


न्‍यूनतम 10 और अधिकतम 50, स्‍मार्ट पास धारक को 20 प्रतिशत छूट


वाराणसी कैंट से गोदौलिया चौक तक की सम्पूर्ण यात्रा का किराया मात्र ₹50 होगा, जबकि विद्यापीठ से रथयात्रा तक यात्रा के लिए केवल ₹10 का शुल्क देय होगा. स्थानीय नागरिकों एवं नियमित यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ‘काशी स्मार्ट पास’ धारकों को अधिसूचित किराए पर 20 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की गई है. इसके अंतर्गत वाराणसी कैंट से गोदौलिया चौक तक की यात्रा मात्र ₹40 तथा विद्यापीठ से रथयात्रा तक की यात्रा ₹8 में उपलब्ध होगी.


प्रत्‍येक वर्ष किराए में 5 प्रतिशत होगी वृद्धि


शासनादेश में यह भी प्रावधान किया गया है कि निर्धारित किराया दरों में प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल से 5 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी, जिसे ₹5 के निकटतम गुणांक तक पूर्णांकित किया जाएगा.

यात्रियों की सुविधा के लिए वाराणसी कैंट रोप-वे स्टेशन पर क्लॉक रूम सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी. टिकट धारकों के लिए प्रारम्भिक दो घंटे तक सामान रखने की सुविधा निःशुल्क होगी, जबकि उसके बाद 15 किलोग्राम तक के सामान के लिए ₹50 प्रति घंटा शुल्क निर्धारित किया गया है.


प्रीमियम किराया दो हजार


विशेष पर्यटक एवं समूह यात्राओं के लिए प्रीमियम गोंडोला सेवा का भी प्रावधान किया गया है. प्रीमियम गोंडोला का किराया ₹2000 प्रति यात्रा निर्धारित किया गया है. वहीं किसी संस्था, समूह अथवा आयोजक द्वारा अग्रिम आरक्षण कराने पर प्रति गोंडोला प्रति यात्रा ₹1200 का शुल्क देय होगा. वाराणसी रोप-वे परियोजना के संचालन से शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव में कमी आएगी तथा कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया क्षेत्र तक यात्रियों को तेज, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी. यह परियोजना काशी के शहरी परिवहन तंत्र को नई दिशा देने के साथ-साथ पर्यटन एवं स्थानीय आवागमन को भी सशक्त बनाएगी.


आधुनिक काशी की नई पहचान


वाराणसी रोप-वे परियोजना देश की पहली शहरी सार्वजनिक परिवहन रोप-वे परियोजना है, जो कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक लगभग 3.75 किलोमीटर लंबे मार्ग पर संचालित होगी. यह परियोजना शहर के सबसे व्यस्त एवं भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर पर यात्रियों को तीव्र, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा प्रदान करेगी. रोप-वे के संचालन से कैंट से गोदौलिया तक की यात्रा, जो सामान्यतः सड़क मार्ग से 30 से 45 मिनट तक ले सकती है, मात्र 15 से 16 मिनट में पूरी की जा सकेगी. इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव में कमी आएगी तथा प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा.


ALSO READ : वाराणसी में नागकूप के आसपास बनेगा कॉरिडोर, पर्यटन विभाग तैयार कर रहा योजना...


परियोजना के अंतर्गत वाराणसी कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा एवं गोदौलिया में आधुनिक स्टेशन विकसित किए गए हैं. दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों एवं महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर, सीसीटीवी निगरानी, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था एवं डिजिटल टिकटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.

नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
वाराणसी : नागपंचमी पर्व को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जैतपुरा स्थित ऐतिहासिक नागकुआं क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर मेला क्षेत्र में सफाई, प्रकाश, जल निकासी और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नागरिक सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी न रहे।नगर आयुक्त ने पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए निर्बाध स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के निर्देश दिए। उन्होंने जलकल और सिविल विभाग के जेई को व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त करने को कहा।ALSO READ: कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथनागकुआं के निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने औसानगंज वार्ड का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में सफाई समेत अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागपंचमी के मेला क्षेत्र और आसपास के वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद, जलकल विभाग के जेई, सिविल विभाग के जेई, सफाई निरीक्षक अवनीश दुबे समेत नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
वाराणसीः बीएचयू में पालतू कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल 11 साल के अभिनव से चार दिन बाद रविवार को मिलने प्रो. श्रद्धा सिंह अपने पति के साथ ट्रामा सेंटर पहुंचीं. उन्होंने बच्चे के माता-पिता से हाथ जोड़कर माफी मांगी और भविष्य में कुत्ता नहीं रखने की बात कही. हालांकि बच्चे के माता-पिता ने उनसे नाराजगी जताई. मां ने तो सीधे सवाल कर दिया कि अब क्यों आईं हैं. पिता ने शिकायत किया कि बच्चा अब भी बोल नहीं पा रहा है.ALSO READ: BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकालाप्रोफेसर और उनके पति ने कुत्ते के टीकाकरण का कार्ड दिखाया. साथ ही कहा कि भविष्य में कुत्ता घर में नहीं रखने की बात भी कही। बता दें कि बीते 13 अगस्त की सुबह बीएचयू ट्रामा सेंटर में सीनियर नर्सिंग आफिसर प्रेमाराम दोनों बेटों 11 वर्षीय अभिनव और 13 वर्षीय हर्ष के साथ बीएचयू परिसर में मार्निंग वाक पर निकले थे. वापस लौटने के दौरान कुछ दूर निकल चुके बड़े बेटे को लेने के लिए आगे बढ़ गए. वहीं छोटा बेटा परिसर की ही जोधपुर कालोनी स्थित घर की ओर अकेला जाने लगा. इसी दौरान हिंदी विभाग की प्रो. श्रद्धा सिंह के पालतू कुत्ते ने अभिनव पर हमला कर दिया. वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से बच्चे को कुत्ते से बचाया. गंभीर हालत में उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. बच्चे को कुत्ते ने इतनी बुरी तरह से काटा था कि उसके सिर व चेहरे पर 50 टांके लगाने पड़े. वहीं आरोप है कि प्रो. श्रद्धा सिंह बच्चे की मदद करने की बजाय वहां से चली गईं. उन्होंने बच्चे पर कुत्ते द्वारा हमले से भी इनकार किया था. वहीं बीएचयू प्रशासन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
वाराणसी : बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के नवनियुक्त प्रभारी पर 11 साल से तैनात केयरटेकर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। केयर टेकर का आरोप है कि मुझ पर कुछ कर्मचारियों के खिलाफ गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाया गया।केयर टेकर ने दावा किया कि दबाव में काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद 28 जुलाई को कुलपति से शिकायत की। इसके अगले ही दिन मुझे ट्रॉमा सेंटर आने से रोक दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी शोकॉज नोटिस के काम से हटा दिया गया।मामले में केयर टेकर ने कुलपति को ई-मेल के जरिए शिकायत करने के साथ सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर प्रभारी बदलाव के लिए आए थे, लेकिन उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाने का आरोपBHU ट्रॉमा सेंटर में 2014 से केयरटेकर के पद पर तैनात सुनील यादव ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है। कहा- 20 जुलाई को नए प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. अजीत कुमार के आने के बाद से मुझे परेशान किया जा रहा था।सुनील ने कहा- कुछ कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने के लिए मुझ पर दबाव बनाया जा रहा था। लिखना था कि वे समय पर ड्यूटी नहीं आते और काम नहीं करते, जबकि कर्मचारी नियमित रूप से काम कर रहे थे।ALSO READ: बीएचयू शिक्षा संकाय का 109वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गयासुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।सुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।मना किया तो ट्रामा में प्रवेश पर रोक लगा दीसुनील ने बताया कि उन्होंने ऐसा लिखने से इनकार किया तो उन पर दबाव बनाया गया और कहा गया कि वह सौरभ सिंह के आदमी हैं। इसके बाद उन्होंने 28 जुलाई को पत्र के माध्यम से कुलपति से शिकायत की। उनका आरोप है कि 29 जुलाई को जब वह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और बताया कि उनके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।सुनील का कहना है कि उन्हें काम से हटाने से पहले कोई शो-कॉज नोटिस नहीं दिया गया। उन्हें सीधे कहा गया कि वह अगले दिन से काम पर न आएं। उन्होंने इस कार्रवाई को नियमों के खिलाफ बताते हुए मामले में शिकायत की है।सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में शिकायतसुनील यादव ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर ई-मेल के जरिए कुलपति से शिकायत की। इसके बाद जनसुनवाई, सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत दर्ज कराई है।उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर में वर्चस्व की लड़ाई के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सुनील के मुताबिक, वह 11 साल से काम कर रहे हैं और उन्हें बदले की भावना से हटाया गया है, जिससे उन पर मानसिक दबाव बना हुआ है।सुनील ने दावा किया कि जब उन्होंने कार्रवाई का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि वीसी ने निर्देश दिया है कि जो भी गलत दिखाई दे, उसे हटा दिया जाए।