वाराणसी में रशियन जोड़े ने हिंदू रिति रिवाज से की शादी, साथ जीने मरने की खाई कसमें

वाराणसी : महादेव की नगरी काशी में विदेशी जोड़े शादी कर शहर को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दे रहे हैं. हालांकि विदेशों से आकर हिंंदू परंपराओं के अनुसार विवाह की परंपरा काशी में काफी प्रचलित भी है. इसी क्रम में एक रूसी दंपती कोंस्टेंटिन मरिंग और मरीना ने बुधवार को काशी में वैदिक हिन्दू रीति रिवाज से शादी की. इस विशेष अवसर पर उन्होंने सात फेरे लेकर सात जन्मों तक एक-दूसरे का साथ निभाने की कसमें खाई. वाराणसी के प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर भारतीय परंपरा के अनुसार इस विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने भी भाग लिया और इस अद्भुत क्षण के साक्षी बने.

दंपती ने गंगा किनारे स्थित एक मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से शादी की. इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ उन्होंने एक-दूसरे के साथ सात फेरे लिए. रशियन युवक ने अपनी पत्नी की मांग में सिंदूर भरा, जो इस समारोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था. इस दंपत्ति ने हिंदू धर्म और भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा को दर्शाते हुए इस प्रकार की शादी करने का निर्णय लिया.
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शादी के इस समारोह में दंपत्ति ने भारतीय परिधान पहने हुए थे, जो इस आयोजन की भव्यता को और बढ़ा रहा था. दंपत्ति रूस के रहने वाले व्यापारी हैं और उन्होंने भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी गहरी रुचि को दर्शाते हुए इस विवाह को चुना. इस विवाह समारोह में उनकी खुशी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती थी, जो इस अद्भुत अनुभव का हिस्सा बनकर काशी की संस्कृति को अपनाने का प्रतीक था.



