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सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम संचालन के लिए साई से समझौता, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र भी बनेगा

सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम संचालन के लिए साई से समझौता, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र भी बनेगा
Dec 02, 2025, 12:11 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : सीएम योगी कैबिनेट ने वाराणसी में निर्माणाधीन डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा के संचालन, प्रबंधन और रखरखाव के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के साथ हुए समझौते को मंजूरी दे दी है. यह स्टेडियम ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत विकसित किए गए आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा है. इस एमओयू की मंजूरी मिलने के बाद अब स्टेडियम परिसर में मौजूद खेल सुविधाओं, जैसे भवन, ढांचे, मैदान और अन्य अवसंरचनाओं को साई को सौंपा जाएगा, जिससे राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना और संचालन सुचारु रूप से हो सके.


वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र बनने के बाद प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को एक बड़ा मंच मिलेगा. विभिन्न आयु वर्गों और खेल विधाओं के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की जाएगी और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा. इससे न केवल उत्तर प्रदेश की खेल प्रतिभा को मजबूती मिलेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व भी सशक्त होगा. सरकार का मानना है कि इस पहल से खिलाड़ियों के सामने भविष्य में रोजगार और खेल करियर दोनों की संभावनाएं बढ़ेंगी; इसके साथ ही, वाराणसी देश के प्रमुख खेल केंद्रों में से एक के रूप में उभरकर सामने आएगा.


खेल सुविधाओं का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित


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इस एमओयू के माध्यम से, स्टेडियम में खेल सुविधाओं का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधनों का लाभ मिल सके. यह समझौता न केवल खिलाड़ियों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह प्रदेश के खेल के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेगा.

इस पहल के तहत, खिलाड़ियों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण देने के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी. इसके अलावा, विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.

राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, प्रदेश के खेल विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा. इससे न केवल खिलाड़ियों की क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि यह प्रदेश की खेल संस्कृति को भी समृद्ध करेगा.

इस दिन होगी वाराणसी के कई केंद्रों पर सब-इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षा, DM ने दिए निर्देश
इस दिन होगी वाराणसी के कई केंद्रों पर सब-इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षा, DM ने दिए निर्देश
वाराणसी: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती (सब-इंस्पेक्टर) और प्रोन्नति बोर्ड की 14-15 मार्च को होने वाली परीक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है. इसके लिए जिले में 46 केंद्र बनाए गए हैं और सभी केंद्रों पर सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है. मंगलवार की शाम डीएम सत्येंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा की अध्यक्षता में जोनल, सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक व सह केंद्र व्यवस्थापकों की ब्रीफिंग यातायात पुलिस लाइन सभागार में हुई. डीएम ने परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शिता के साथ कराने के निर्देश दिए.इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पर डीएम का बड़ा बयान डीएम ने कहा कि सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा सकुशल संपन्न कराने की जिम्मेदारी सभी की है. इसके लिए जिले में 46 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. हर परीक्षा केंद्र के लिए सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है. उन्होंने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटो को निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान वे हर हाल में अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित रहें. इसमें ढिलाई नहीं होनी चाहिए.उन्होंने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने परीक्षा केंद्रों को सैनेटाइज करा लें और अपने अधीनस्थों/कक्ष निरीक्षकों की ब्रीफिंग अवश्य करा लें और उन्हें परीक्षा के नियम, प्रक्रिया व अनुशासन संबंधी जिम्मेदारियों को समझा दें. स्कूलों में संचालित सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग अच्छे ढंग से होनी चाहिए.परीक्षा के दौरान फोटो कॉपी की दुकानें रहेंगी बंद डीएम ने कहा कि परीक्षा केंद्र के आसपास की फोटो कॉपी की दुकानें परीक्षा के समय बंद रहेंगी. प्रवेश के समय चेकिंग जरूर की जाए. परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वर्जित वस्तुएं कोई भी अभ्यर्थी न ले जाने पाएं.डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) से लगातार निगरानी होती रहे. अभ्यर्थियों को क्लॉक रूम में मोबाइल फोन रखने की सुविधा उपलब्ध हो. उन्होंने परीक्षा के दौरान सील बुकलेट के खोलने से लेकर वितरण सहित एब्सेंट कैंडिडेट के संबंध में, वेरिफिकेशन सीट भरने की प्रक्रिया, वीडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य सभी जानकारी देते हुए सभी प्रक्रियाओं से अवगत कराया.सबसे अधिक बिहार के युवाउत्तर प्रदेश में दारोगा बनने का सपना संजोए सबसे ज्यादा बिहार के 54,468 युवाओं ने फार्म भरा है, जबकि झारखंड के 5,478 और पश्चिम बंगाल के 1,298 अभ्यर्थियों ने फार्म भरे हैं. पूर्वांचल के 10 जिलों का आंकड़ा देखें तो आजमगढ़ के सबसे ज्यादा 43,311 व सोनभद्र के सबसे कम 5,239 युवाओं ने उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बनने के लिए फार्म भरे हैं.यह भी पढ़ें: वाराणसी कचहरी के 10 साल पुराने हैंड ग्रेनेड बरामदगी के मामले में कोर्ट सख्त, 13 तक मांगी रिपोर्टवाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि परीक्षा की शुचिता के लिए कड़ी चौकसी रहेगी. वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के स्टेशन डायरेक्टर अर्पित गुप्ता ने कहा कि स्टेशन के पास होल्डिंग एरिया है, जिसका लाभ यहां पहुंचने वाले को मिल सकेगा. राजकीय रेल पुलिस के सीओ कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि बिहार, पश्चिम बंगाल व झारखंड से कुल 61,242 युवाओं ने फार्म भरे हैं.
काशी में संतों की बैठक, स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद  के बयान का विरोध
काशी में संतों की बैठक, स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद के बयान का विरोध
वाराणसी : धर्मनगरी काशी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान को लेकर संत समाज में नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है. वाराणसी स्थित पातालपुरी मठ में बुधवार को काशी के कई संतों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें रामानंदी संप्रदाय के खिलाफ की गई टिप्पणी की कड़ी आलोचना की गई.बैठक की अध्यक्षता जगद्गुरु बालकदेवाचार्य ने की. इस दौरान संतों ने कहा कि रामानंदी संप्रदाय सनातन धर्म की एक महत्वपूर्ण परंपरा है और उसके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी संत समाज को स्वीकार नहीं है.संतों का कहना था कि धर्म और परंपरा से जुड़े विषयों पर विवादित बयान देना उचित नहीं है, क्योंकि इससे समाज में भ्रम और मतभेद पैदा होते हैं. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की परंपराओं और मर्यादाओं का सम्मान सभी को करना चाहिए.ALSO READ : क्या हैं Cluster Bombs, क्यों इन्हें माना जाता है War Crime ...बैठक में मौजूद संतों ने यह भी कहा कि संत समाज किसी भी तरह से सनातन धर्म को बांटने की कोशिशों को स्वीकार नहीं करेगा. संतों ने अपील की कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बयान देते समय संयम और जिम्मेदारी का पालन किया जाना चाहिए. संत समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर इस तरह के बयान आगे भी सामने आते हैं तो देशभर के संतों के साथ चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी. साथ ही सभी संतों ने सनातन धर्म की एकता और परंपरा को बनाए रखने का संकल्प दोहराया.
वाराणसी कचहरी के 10 साल पुराने हैंड ग्रेनेड बरामदगी के मामले में कोर्ट सख्त, 13 तक मांगी रिपोर्ट
वाराणसी कचहरी के 10 साल पुराने हैंड ग्रेनेड बरामदगी के मामले में कोर्ट सख्त, 13 तक मांगी रिपोर्ट
वाराणसी: कचहरी में हैंड ग्रेनेड बरामदगी के 10 साल पुराने मामले पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने कैंट थानाध्यक्ष को पत्र भेजकर विवेचना में प्रगति की रिपोर्ट 13 मार्च तक पेश करने को कहा है. अदालत ने कहा कि कैंट थाने में 2016 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. गंभीर मामला होने के बावजूद अब तक विवेचना पूरी नहीं की गई है, इसलिए 13 मार्च तक प्रगति रिपोर्ट अदालत में भेजी जाए. अधिवक्ता नित्यानंद राय ने बताया कि अदालत ने 9 मार्च को भी आख्या तलब की थी, लेकिन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई. इसके बाद अदालत ने कैंट थानाध्यक्ष को लिखित पत्र जारी कर 13 मार्च तक हर हाल में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.यह भी पढ़ें: क्या हैं Cluster Bombs, क्यों इन्हें माना जाता है War Crime ...बता दें कि वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय में 10 साल पहले मिले ग्रेनेड के मामले में सीजेएम ने रिपोर्ट तलब की थी. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कैंट थाने से विवेचक को आख्या के साथ कोर्ट बुलाया था. पिछले 10 साल में केस को लेकर प्रगति भी मांगी. इसके लिए नौ मार्च की तारीख तय की गई थी. न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत में बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने प्रार्थना पत्र देकर बनारस कचहरी में दिनांक 23 अप्रैल 2016 को हैंड ग्रेनेड बरामद होने के मामले में प्रगति रिपोर्ट तलब करने मांग की थी. वकील ने अदालत को बताया कि कैंट थाने में 23 अप्रैल 2016 को केस दर्ज कराई गई बताया गया कि कचहरी परिसर में चेकिंग के दौरान एक ग्रेनेड जो सेना अथवा अर्धसैनिक बलों के द्वारा विशेष परिस्थिति में युद्ध के दौरान प्रयोग में लाया जाता है.अधिवक्ताओं की चौकी के पास से ग्रेनेड बरामदसंदिग्ध अवस्था में कचहरी के गेट नंबर दो से प्रवेश करने पर नीम के पेङ के पास अधिवक्ताओं की चौकी के पास से ग्रेनेड बरामद हुआ. ग्रेनेड से अज्ञात अपराधियों द्वारा विस्फोट करके कचहरी परिसर में आने वाले अधिवक्ता एवं अधिकारियों के जीवन को ख़तरे में डालने व संपत्ति को गंभीर क्षति पहुंचाने के उद्देश्य ही रखा गया था. ग्रेनेड बरामदगी की सूचना पर अधिवक्ता व वादकारीयो मे भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई थी. तब उस वक़्त के बनारस बार के महामंत्री नित्यानंद राय ने साहस का परिचय दिखाते हुए पुलिस के माइक के द्वारा सम्पूर्ण कचहरी को ख़ाली कराने में अभूतपूर्व योगदान दिया था.