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सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के नाम उपलब्धि, NAAC के तृतीय चक्र में म‍िला ‘ए’ ग्रेड

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के नाम उपलब्धि, NAAC के तृतीय चक्र में म‍िला ‘ए’ ग्रेड
Nov 03, 2025, 12:25 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद्‌ (NAAC) के तृतीय चक्र के मूल्यांकन में 3.09 सीजीपीए (CGPA) के साथ ‘ए’ ग्रेड प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. यह सफलता विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसन्धान परक दृष्टिकोण, प्राशासनिक पारदर्शिता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समर्पण का परिणाम है. इस अवसर पर सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार ने कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उनके विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम बोबडे, डा. पंकज एल जानी तथा अशोक देसाई के प्रति हार्दिक कृतज्ञता और आभार व्यक्त किया. विश्वविद्यालय समुदाय ने माना कि महामहिम कुलाधिपति के सतत मार्गदर्शन और प्रेरणा ने इस उपलब्धि की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाई है.

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संस्कृत शिक्षा को मिली नई ऊँचाई


कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक परिश्रम, अनुशासन, समर्पण और गुणवत्तापूर्ण कार्यसंस्कृति का परिणाम है. उन्होंने कहा कि यह न केवल सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा का प्रमाण है, बल्कि संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में काशी और उत्तर प्रदेश की गौरवशाली परम्परा को भी नई ऊँचाई प्रदान करती है.

कुलपति ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक और प्राशासनिक दोनों ही स्तरों पर नवाचार, पारदर्शिता और गुणवत्ता के मानकों को निरन्तर सुदृढ़ किया है. NAAC द्वारा प्रदत्त यह ‘ए’ ग्रेड इस बात का प्रमाण है कि विश्वविद्यालय न केवल पारम्परिक शिक्षा के संरक्षण में अग्रणी है, बल्कि आधुनिक गुणवत्ता-मूलक शिक्षा प्रणाली को भी आत्मसात कर रहा है.


ऐतिहासिक सफलता को बताया सामूहिक प्रयासों का परिणाम


NAAC पीयर टीम द्वारा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रमों, अनुसन्धान गतिविधियों, छात्र कल्याण योजनाओं, प्राशासनिक प्रक्रियाओं, डिजिटल नवाचारों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों का व्यापक मूल्यांकन किया गया. मूल्यांकन में विश्वविद्यालय की संरक्षणपरक भूमिका, शुद्ध प्राशासनिक व्यवस्था, अनुसन्धान कार्यों की गुणवत्ता और संस्कृत भाषा-संवर्धन के प्रति समर्पण को विशेष रूप से सराहा गया.

विश्वविद्यालय के सभी आचार्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, पुरातन छात्रों एवं शुभचिन्तकों ने इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह उपलब्धि सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है.

कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने यह भी कहा कि हमारा संकल्प है कि आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय न केवल भारतीय परम्परा और संस्कृति के संरक्षण में, बल्कि वैश्विक स्तर पर संस्कृत ज्ञान-विज्ञान के प्रसार में भी नई दिशा प्रदान करेगा.


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रेल मदद हेल्पलाइन की तत्परता से महिला यात्री की बची जान, समय पर मिला उपचार.
रेल मदद हेल्पलाइन की तत्परता से महिला यात्री की बची जान, समय पर मिला उपचार.
वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। 139 रेल मदद हेल्पलाइन पर मिली सूचना के आधार पर रेलवे की वाणिज्यिक और चिकित्सा टीम ने कृषक एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक गंभीर महिला यात्री को समय रहते उपचार उपलब्ध कराया।जानकारी के अनुसार 25 जुलाई को 15007 कृषक एक्सप्रेस से यात्रा कर रही लगभग 30 वर्षीय महिला यात्री गोलू, निवासी बधुआ गोदाम, की मऊ स्टेशन के समीप अचानक तबीयत बिगड़ गई। ऑक्सीजन स्तर अत्यधिक कम होने और हृदय संबंधी समस्या के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई। परिजनों ने तत्काल 139 रेल मदद हेल्पलाइन पर सहायता मांगी।सूचना मिलते ही मुख्य टिकट निरीक्षक राम प्रभाव यादव ने रेलवे चिकित्सा टीम को सतर्क किया। कृषक एक्सप्रेस के मऊ स्टेशन पहुंचते ही मंडल रेलवे चिकित्सक डॉ. पुनीत राव अपनी टीम के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों सहित मौके पर पहुंचे। चिकित्सकों ने महिला को तत्काल ऑक्सीजन सहायता और प्राथमिक उपचार प्रदान किया, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हुआ।ALSO READ : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का योगी सरकार पर हमला, गौ-सेवा विज्ञापन के दावों पर उठाए सवाल...इसके बाद बेहतर इलाज के लिए महिला यात्री को एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय, मऊ भेजा गया। रेलवे की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की महिला के परिजनों एवं अन्य यात्रियों ने सराहना करते हुए रेलवे प्रशासन का आभार व्यक्त किया।मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव के नेतृत्व में वाराणसी मंडल ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी आपात स्थिति में 139 रेल मदद हेल्पलाइन के माध्यम से तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का योगी सरकार पर हमला, गौ-सेवा विज्ञापन के दावों पर उठाए सवाल...
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वाराणसी : ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को वाराणसी में आयोजित प्रेसवार्ता में उत्तर प्रदेश सरकार के गौ-संरक्षण, संवर्धन और सेवा संबंधी विज्ञापन को भ्रामक और वास्तविक स्थिति से परे बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का 'नीति, नीयत और नतीजे' का दावा धरातल पर दिखाई नहीं देता। यदि प्रदेश में गौ-संरक्षण की स्थिति इतनी बेहतर होती तो गौवंश सड़कों और खेतों में भटकने को मजबूर नहीं होता।शंकराचार्य ने कहा कि सरकार के विज्ञापन में प्रदेश की आदर्श सरकारी गौशाला के बजाय निजी गौशाला की तस्वीर प्रकाशित की गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश की पहचान गंगातीरी नस्ल के स्थान पर गीर गाय की तस्वीर का उपयोग किया गया है।उन्होंने कहा कि 7,500 से अधिक गौ-आश्रय स्थलों, 12 लाख से अधिक गौवंश के संरक्षण, नंदनी कृषक समृद्धि योजना, नंद बाबा योजना, गोबर से ग्रीन एनर्जी और गौ-उत्पाद आधारित उद्योगों के दावे जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देते।उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई गौ-आश्रय केंद्रों में देशी गायों के साथ जर्सी सांड रखे जा रहे हैं, जिससे देशी नस्लों पर संकट खड़ा हो रहा है। साथ ही उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि दुग्ध उत्पादन में देशी गायों का वास्तविक योगदान कितना है और सरकार गाय को केवल पशु मानती है या माता।शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में स्थित सरकारी गौशालाओं की जमीनी स्थिति का वीडियो तैयार कर जनता के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय सांसदों और विधायकों से भी इस संबंध में जवाब मांगा जाएगा। सरकार को अहंकार छोड़कर शंकराचार्यों और संतों के सुझावों को स्वीकार करना चाहिए तथा गाय को 'पशु' की सूची से हटाकर 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देना चाहिए।उन्होंने बताया कि 81 दिवसीय गविष्ठि यात्रा के दौरान प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। इस यात्रा में 14 हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की गई, लगभग 1,500 जनसभाओं को संबोधित किया गया और करीब 18 लाख लोगों से संवाद स्थापित हुआ।ALSO READ : कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू में रक्तदान का महाअभियान, 61 यूनिट रक्त संग्रहित...प्रेसवार्ता में उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की भी घोषणा की। इसके तहत प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में 'एक नोट अभियान' चलाकर अभिनव आशीर्वाद गोधाम की स्थापना की जाएगी। शारदीय नवरात्रि में काशी में विशाल गो-प्रतिष्ठा यज्ञ का आयोजन होगा। वहीं दीपावली के बाद प्रदेश के लाखों गांवों से लाखों गौवंश के साथ लखनऊ कूच किया जाएगा।अंत में शंकराचार्य ने गविष्ठि यात्रा में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया।
कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू में रक्तदान का महाअभियान, 61 यूनिट रक्त संग्रहित...
कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू में रक्तदान का महाअभियान, 61 यूनिट रक्त संग्रहित...
वाराणसी. कारगिल विजय दिवस के अवसर पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कृषि विज्ञान संस्थान स्थित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास में शनिवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। विवेकानंद डिवाइन लाइफ मिशन (वीडीएलएम) ने वाराणसी हेल्प ग्रुप के सहयोग से आयोजित इस शिविर में कुल 61 यूनिट रक्त संग्रहित किया, जिसे उपचाराधीन जरूरतमंद कैंसर मरीजों के लिए महामना कैंसर सेंटर, वाराणसी को उपलब्ध कराया जाएगा।शिविर के मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. विनोद कुमार मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि कृषि विज्ञान संकाय के डीन प्रो. सतीश कुमार सिंह रहे। उन्होंने रक्तदान को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताते हुए युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस पर रक्तदान करना देश के वीर सैनिकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।रक्तदान शिविर में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास, बाल गंगाधर तिलक छात्रावास तथा अन्य संकायों के विद्यार्थियों के साथ रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास की छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं के सहयोग से 61 यूनिट रक्त संग्रहित कर कारगिल के शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।कार्यक्रम में छात्रावास के प्रशासनिक वार्डन डॉ. विनोद कुमार त्रिपाठी, वार्डन डॉ. सुधीर कुमार राजपूत, डॉ. निखिल कुमार सिंह, डॉ. अफजल अहमद, डॉ. सैकत माजी, आभा गेस्ट हाउस के वार्डन डॉ. तरुण वर्मा, छात्र सलाहकार प्रो. मनोज कुमार सिंह तथा वाराणसी हेल्प ग्रुप के हिमांशु गुप्ता सहित अनेक शिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।ALSO READ : वाराणसी में साइबर ठगों के बैंक खाता गैंग का भंडाफोड़, महिला सरगना और पोस्टमैन समेत 6 गिरफ्तार...शिविर के दौरान रक्तदाताओं और स्वयंसेवकों के लिए फल, हल्का नाश्ता, स्वच्छ पेयजल और रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गई। समापन पर सभी रक्तदाताओं को वाराणसी हेल्प ग्रुप एवं छात्रावास की ओर से प्रमाण-पत्र, स्टील की बोतल और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया। साथ ही युवाओं को देशभक्ति, महामना मालवीय के आदर्शों और समाजसेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया.