Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

संस्कृति और विज्ञान के समन्वय से बनेगा सशक्त भारत: अभिभावक संगोष्ठी

संस्कृति और विज्ञान के समन्वय से बनेगा सशक्त भारत: अभिभावक संगोष्ठी
Feb 22, 2026, 08:58 AM
|
Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : भारतीय शिक्षा बोर्ड के तत्वावधान में अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन सुभाष इंटर कॉलेज, चौबेपुर-वाराणसी के मैदान में संपन्न हुआ. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बोर्ड के चेयरमैन डॉ. एन. पी. सिंह रहे, जबकि अध्यक्षता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग के डीएनए वैज्ञानिक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने की.


FDV


बदलते समय के अनुरूप शिक्षा सुधार की आवश्यकता


संगोष्ठी में वक्ताओं ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी मोबाइल के अत्यधिक उपयोग में अपना अमूल्य समय व्यतीत कर रही है. राष्ट्र और समाज से जुड़े विषयों पर सोचने के लिए समय निकालना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि आने वाली शताब्दी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का युग है, ऐसे में यदि शिक्षा प्रणाली में समयानुकूल परिवर्तन नहीं किए गए तो भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पिछड़ सकता है.

वक्ताओं ने 1835 में लागू शिक्षा व्यवस्था के मूल ढांचे में अपेक्षित परिवर्तन न होने की ओर संकेत करते हुए कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा-केन्द्रित न होकर विचार-केन्द्रित और कौशल-आधारित होनी चाहिए. बोर्ड ने विद्यार्थियों के समग्र विकास और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष बल देने का संकल्प दोहराया.


संस्कृति और मूल्यों से जुड़ाव पर चिंता


संगोष्ठी में यह भी चिंता व्यक्त की गई कि आधुनिक प्रभावों के कारण नई पीढ़ी अपने पारंपरिक त्योहारों और सांस्कृतिक मूल्यों से दूर होती जा रही है. वक्ताओं ने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी प्राचीन संस्कृति और वैचारिक परंपरा में निहित है.

भारतीय चिंतन परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया गया कि यहाँ उत्तर थोपे नहीं जाते, बल्कि स्वयं खोजने की प्रेरणा दी जाती है. गुरु वशिष्ठ द्वारा श्रीराम को दिए गए उपदेश का उदाहरण देते हुए कहा गया कि अवसादग्रस्त व्यक्ति न स्वयं का, न परिवार का और न ही राष्ट्र का कल्याण कर सकता है.


वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा


विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में जानकारी दी गई कि देश के लगभग 60 वैज्ञानिकों द्वारा तैयार पाठ्यक्रम को एच. सी. वर्मा के मार्गदर्शन में विकसित किया गया है. उल्लेखनीय है कि वे ‘Concepts of Physics’ के लेखक हैं. इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक चिंतन विकसित करना है.


ALSO READ : अविमुक्तेश्वरानंद के ख़िलाफ़ FIR दर्ज, यौन शोषण का लगा आरोप


विभिन्न विद्यालयों की सहभागिता


कार्यक्रम का संयोजन बृजमोहन (समन्वयक, भारतीय शिक्षा बोर्ड–यू.पी. पूर्व) एवं मनु श्री (समन्वयक, वाराणसी एवं मिर्जापुर मंडल) के नेतृत्व में किया गया. आयोजन में इलीट इंग्लिश स्कूल, वी लर्न अकैडमी, के एल इंग्लिश स्कूल, श्वेता कॉन्वेंट स्कूल तथा मान्यता की प्रक्रिया में शामिल सनशाइन पब्लिक स्कूल, सीटीएमएस स्कूल और आरएनवीएम कॉन्वेंट स्कूल की सक्रिय सहभागिता रही.


समग्र विकास पर बल


अंत में बोर्ड ने स्पष्ट किया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिकता, कौशल, सांस्कृतिक जागरूकता और सकारात्मक सोच का समग्र विकास करना है.

वाराणसी में पहली पुण्‍यतिथि पर मनोज कुमार आए याद, मछलियों को चारा खिलाकर दी श्रद्धांजलि
वाराणसी में पहली पुण्‍यतिथि पर मनोज कुमार आए याद, मछलियों को चारा खिलाकर दी श्रद्धांजलि
वाराणसी: हिंदी सिनेमा में भारत कुमार नाम से विख्‍यात दिग्गज अभिनेता स्वर्गीय मनोज कुमार को उनकी प्रथम पुण्यतिथि पर याद किया गया. इस अवसर पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. डर्बी शायर क्लब के अध्यक्ष शकील अहमद ‘जादूगर’ के नेतृत्व में पितर कुंडा स्थित प्राचीन कुंड पर लोगों ने एकत्र होकर महान कलाकार की यादें ताजा की. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने कुंड में मछलियों को चारा खिलाकर दिवंगत अभिनेता को अनोखे तरीके से श्रद्धांजलि अर्पित की.फिल्म जगत ने महान कलाकार को खो दियाइस अवसर पर शकील अहमद ‘जादूगर’ ने कहा कि 4 अप्रैल 2025 को मनोज कुमार के निधन से फिल्म जगत ने एक महान कलाकार को खो दिया था. उन्होंने बताया कि 24 जुलाई 1937 को जन्मे मनोज कुमार ने अपने अभिनय के माध्यम से देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाया. उनकी फिल्मों में उपकार, पूरब और पश्चिम, क्रांति, रोटी कपड़ा और मकान, सन्यासी और दस नंबरी जैसी कई यादगार कृतियां शामिल हैं. देशभक्ति पर आधारित फिल्मों के कारण उन्हें “भारत कुमार” के नाम से भी जाना जाता था.यह भी पढ़ें: यूट्यूब चैनल हैक कर विदेशियों को बेचने वाला गिरफ्तार, काफी दिनों से थी तलाशकरीब चार दशकों के अपने फिल्मी करियर में उन्होंने 50 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और एक सफल अभिनेता के साथ-साथ निर्देशक एवं निर्माता के रूप में भी पहचान बनाई. उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने नम आंखों से महान कलाकार को श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया. इस मौके पर चिंटू बनारसी, हैदर मुल्लाई, विक्की यादव, बल्ले शर्मा, जावेद हुसैन, बबलू जायसवाल और मोहम्मद अली सहित कई लोग उपस्थित रहे.
यूट्यूब चैनल हैक कर विदेशियों को बेचने वाला गिरफ्तार, काफी दिनों से थी तलाश
यूट्यूब चैनल हैक कर विदेशियों को बेचने वाला गिरफ्तार, काफी दिनों से थी तलाश
वाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र के पिंडरा से साइबर सेल और स्‍थानीय पुलिस ने यूट्यूब चैनल हैक करने वाले आरोपी सचिन राजभर को शुक्रवार की रात गिरफ्तार किया. आरोपी मिलियन सब्सक्राइबर वाले चैनलों को टारगेट और हैक करने के बाद विदेशी यूट्यूबरों को महंगे दामों में बेचता था. गिरफ्तार आरोपी फूलपुर थाना क्षेत्र के पिंडरा रूपचंदपुर पारागडीह का निवासी है. एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने बताया कि सूचना पर टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया.यूट्यूब चैनल खरीदने का दिया झांसापूछताछ में आरोपी ने बताया कि इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप से यूट्यूब चैनल खरीदने का झांसा देकर पीड़ितों से उनके चैनल, जीमेल के लॉगिन क्रेडेंशियल्स लेता था, फिर दुरुपयोग कर चैनल हैक कर लेता था. साइबर सेल प्रतिबिंब टीम के प्रभारी हिमांशु त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट समेत अन्य आरोपों में बिहार और पंजाब में तीन प्राथमिकी दर्ज हैं. अन्‍य राज्‍यों में उसके नेटवर्क का पता किया जा रहा है. साइबर सेल प्रभारी मनोज तिवारी ने बताया कि आरोपी का अन्य आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है. फूलपुर पुलिस ने आरोपी का चालान किया है.यह भी पढ़ें: काशी में महानाट्य के जरिए सम्राट विक्रमादित्‍य का जीवन चरित्र जीवंत, युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोतकिसी को भी न बताएं अपना लॉगिन, पासवर्डएसीपी विदुष सक्सेना ने अपील की कि किसी भी ऑनलाइन नौकरी, निवेश, लॉटरी और प्रलोभन संबंधी प्रस्तावों पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें. अनजान व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की धनराशि ट्रांसफर न करें. अनजान व्यक्ति के साथ अपने सोशल मीडिया, जीमेल, यूट्यूब अकाउंट की लॉगिन जानकारी साझा न करें. साइबर अपराध होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं.
काशी में महानाट्य के जरिए सम्राट विक्रमादित्‍य का जीवन चरित्र जीवंत, युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत
काशी में महानाट्य के जरिए सम्राट विक्रमादित्‍य का जीवन चरित्र जीवंत, युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत
वाराणसी : बाबा विश्‍वनाथ की नगरी में काशी में महानाट्य के जरिए सम्राट विक्रमादित्‍य का जीवन चरित्र जीवंत हुआ. इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समय बदल चुका है. अब समाज में आक्रांताओं को नहीं, बल्कि सुशासन और न्याय के महान नायकों को स्थान मिल रहा है. उन्‍होंने रणवीर सिंह की फिल्‍म धुरंधर की तारीफ कीऔर कहा कि युवा पीढ़ी आज राजा विक्रमादित्य जैसे आदर्श व्यक्तित्वों से परिचित हो रही है और काशी इसका साक्षी बन रही है.वह भारतीय रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर में आयोजित ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य का मप्र के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के साथ शुभारंभ करने के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान डॉक्टर मोहन यादव ने योगी आदित्यनाथ को धर्म पट्टिका और विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की प्रतिकृति भेंट की. योगी ने काशी और उज्जैन की आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी बाबा विश्वनाथ की पावन धरा है, जबकि उज्जैन महाकाल की नगरी है. जो समय की गति को नहीं समझता, उसे महाकाल स्वयं दंडित करते हैं, जबकि जो समय के अनुरूप स्वयं को ढालता है, उस पर महाकाल की कृपा होती है.योगी ने राजा भर्तृहरि और सम्राट विक्रमादित्य की जोड़ी की तुलना इनसे कीयोगी ने राजा भर्तृहरि और सम्राट विक्रमादित्य की जोड़ी की तुलना भगवान राम-लक्ष्मण और श्रीकृष्ण-बलदाऊ से की. उन्होंने बताया कि भर्तृहरि ने नाथ संप्रदाय में दीक्षा ली थी. उनकी दीक्षा भूमि भले ही उज्जैन रही हो, लेकिन साधना स्थली काशी के पास स्थित चुनार किला रही है. यह आयोजन केवल एक नाट्य मंचन नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली परंपराओं और महान विभूतियों के प्रति श्रद्धांजलि है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा.यह भी पढ़ें: CM योगी ने वाराणसी में "स्‍कूल चलो अभियान" का किया शुभारंभ, बच्‍चों का परोसा खानामुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के बाद से देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु हर वर्ष काशी और अयोध्या आ रहे हैं. अयोध्या नगरी के पुनरुत्थान में भी महाराज विक्रमादित्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. 2000 वर्ष पहले अयोध्या नगरी को खोजने का कार्य सम्राट विक्रमादित्य ने ही किया था. प्रभु श्रीराम के पुत्र लव के बाद सबसे पहले श्रीराम मंदिर भी सम्राट विक्रमादित्य ने बनवाया था. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सम्राट विक्रमादित्य के प्रयासों को ही आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है.मोहन यादव बोले-सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास का नया पैमाना गढ़ रहे दोनों प्रदेशइस अवसर पर एमची के सीएम डा. मोहन यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य भारतीय इतिहास के ऐसे महान शासक थे, जिनकी कीर्ति आज भी जनमानस में जीवंत है. उनका नाम न्याय और पराक्रम का पर्याय है. इस तरह के आयोजन न केवल मनोरंजन करते हैं, बल्कि समाज को शिक्षित भी करते हैं. मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं. दोनों राज्य पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में मिलकर कार्य कर रहे हैं. उन्होंने बेतवा नदी को जोड़ने की परियोजना का भी उल्लेख किया, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाया जा रहा है.योगी को सौंपी विक्रमादित्य वैदिक घड़ीमप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की प्रतिकृति सौंपी. योगी प्राचीन भारतीय समय-ज्ञान और वैदिक गणित पर आधारित करीब 700 किलोग्राम वजनी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को बाबा विश्वनाथ को अर्पित करेंगे. कालगणना के केंद्र रहे महाकाल की नगरी उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना के बाद इसे देशभर में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में स्थापित किया जा रहा है.आज धाम में स्‍थापित होगी वैदिक घड़ीउज्जैन के बाद श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में शनिवार को वैदिक घड़ी स्थापित की जाएगी. यह घड़ी भारतीय पंचांग और सूर्य की स्थिति के आधार पर समय की गणना करने की पारंपरिक पद्धति को आधुनिक रूप में प्रस्तुत करती है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2024 में इस घड़ी का लोकार्पण किया था. भारतीय काल गणना के लिए वैदिक घड़ी का एप भी तैयार किया जा चुका है. इस एप को 40 भाषाओं में देखा जा सकता है.