मित्र को 1.20 करोड़ का चूना लगाने के लिए किया खेल, माफिया के नाम का लिया झूठा सहारा...

वाराणसी : कारोबार के नाम पर मित्र से 1.20 करोड़ रुपये लिया और एक माफिया के नाम का झूठा सहारा लेकर चूना लगाने के लिए खेल कर दिया. धोखाधड़ी के इस मामले में दंपती उमंग ग्रोवर और पूजा ग्रोवर के खिलाफ कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई. फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल का भी आरोप है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
सूर्य ग्रीन कालोनी क्लब निवासी पीड़ित पीयूष वर्मा ने पुलिस को बताया कि 2016 में उनके मित्र उमंग ग्रोवर ने प्रयागराज में व्यवसाय के लिए आर्थिक सहायता मांगी थी. ग्रोवर ने इसे ब्याज पर लिया गया निजी ऋण बताया था. पत्नी और मां गीता वर्मा ने एक करोड़ 20 लाख पचास हजार रुपये उमंग ग्रोवर को दिए. शुरुआत में उमंग ग्रोवर ने मई 2017 में ई-मेल से बकाया राशि स्वीकार की. दिसंबर 2020 में ब्याज कैलकुलेशन शीट भी भेजी गई. बाद में आरोपियों की ओर से दिए गए बंधन बैंक के चेक बाउंस हो गए. जांच में पता चला कि चेक जारी करने वाला खाता अस्तित्व में नहीं था.
धोखाधड़ी की शिकायत के बाद आरोपी दंपती ने उच्च न्यायालय का रुख किया. उन्होंने वहां एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ी. आरोपियों ने दावा किया कि तत्कालीन माफिया अतीक अहमद से धमकी दिलवाकर उनसे जबरन समझौता ज्ञापन लिखवाया गया था. हालांकि, उच्च न्यायालय ने इस दलील को खारिज कर दिया. न्यायालय ने मामले को वापस वाराणसी न्यायालय भेज दिया. उस समय अतीक अहमद कड़ी सुरक्षा के बीच जेल में बंद था. इसलिए यह आरोप निराधार पाए गए.
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आयकर की जांच में सामने आया कि पूजा ग्रोवर और उमंग ग्रोवर एक से अधिक पैन कार्ड का उपयोग कर रहे थे. पूजा ग्रोवर के नाम पर दो सक्रिय पैन कार्ड मिले. इनमें उनके पिता का नाम और जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी. उमंग ग्रोवर के नाम पर भी दो अलग-अलग पैन कार्ड होने की बात सामने आई. कैंट थाना प्रभारी राज किशोर पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसकी जांच उप-निरीक्षक विपिन पांडेय को सौंपी गई है. पुलिस ने बैंक खातों और आयकर दस्तावेज की गहन विवेचना शुरु कर दी है.



