कफ सीरप तस्करों की प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चलाने और जब्ती की पटकथा तैयार, 40 करोड़ की संपत्ति चिह्नित

वाराणसी - दो हजार करोड़ रुपये के कफ सीरप तस्करी प्रकरण में कई एजेंसियां जांच कर रही हैं, लेकिन पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की एक विशेष टीम की जांच रिपोर्ट बड़ी कार्रवाई की ओर बढ़ रही है. एसआइटी से अलग गठित छह पुलिसकर्मियों की जांच टीम कफ सीरप तस्करी के सरगना शुभम व उसके करीबियों की संपत्ति की जांच कर रही है. पुलिस टीम अभी तक 40 करोड़ रुपये की संपत्ति को चिह्नित कर ली है, जिसमें से कुछ को जब्त करने और बुलडोजर चलाने की नींव तैयार है. पुलिस की तैयारी को विधानसभा में मुख्यमंत्री के उस बयान से जोड़कर देखा जा रहा, जिसमें उन्होंने बुलडोजर भी चलेगा जैसे सख्त संदेश दिए.
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि कफ सीरप तस्करी का मामला गंभीर है. हमारे यहां कोतवाली, रामनगर, रोहनिया, सारनाथ थाना में केस दर्ज है. गहराई से जांच करने के लिए एसआइटी गठित की गई है. एसआइटी की जांच में कफ सीरप के बांग्लादेश तस्करी के साक्ष्य मिले हैं. एसआइटी के अलावा दो दारोगा और चार सिपाही कफ सीरप तस्करी में आरोपितों की संपत्ति की जांच कर रहे हैं. हमारी टीम 40 करोड़ की संपत्ति को चिह्नित कर चुकी है. चूंकि जब्ती की कार्रवाई व बुलडोजर के लिए सिर्फ दारोगा की रिपोर्ट ही मायने रखती है. उसके लिए तथ्य जुटाने होते हैं, जिस दिशा में हमारी तैयारी एडवांस स्थिति में हैं. एसआइटी की जांच में ऐसे तथ्य सामने आए है, जिसके जरिये हम तस्करी को साबित कर पाएंगे.
ALSO READ : मंडलायुक्त ने किया निर्माणाधीन रोपवे परियोजना का निरीक्षण, समय और गुणवत्ता पर जोर
आरोपी भोला जौनपुर की अदालत में पेश
कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में गिरफ्तार भोला प्रसाद जायसवाल को सोनभद्र पुलिस सोमवार को जौनपुर लाई. वह चेहरा छिपाए और सिर झुकाए हुए आया. यहां न्यायिक मजिस्ट्रेट दशम संगीता गौतम की कोर्ट में उसे पेश किया गया. कोर्ट ने वारंट बी के तहत किए आवेदन को स्वीकार कर लिया, इसके बाद आरोपी को सोनभद्र जेल भेज दिया गया. जहां एसआईटी जौनपुर की टीम एक दो दिन में जाकर पूछताछ करेगी. खाद्य एवं औषधि विभाग ने 21 नवंबर को सोनभद्र शहर कोतवाली में शुभम जायसवाल के पिता भोला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. यह प्राथमिकी जनपद के 12 मेडिकल फर्म संचालकों के अलावा शैली ट्रेडर्स रांची के मालिक वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल के खिलाफ दर्ज की गई.



