बीएचयू के वरिष्ठ डॉक्टर ने छात्रों पर बदसलूकी का लगाया आरोप, लंका थाने से मांगी सुरक्षा.

वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के मेडिसिन विभाग में तैनात वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. धीरज किशोर ने छात्रों के एक समूह पर बदसलूकी और जबरन इलाज करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। डॉक्टर ने मामले को लेकर लंका थाने में शिकायत देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
डॉक्टर की शिकायत के मुताबिक, वह अपनी ड्यूटी के दौरान अस्वस्थ थे। इसी दौरान कुछ छात्र अपने साथ एक मरीज को लेकर उनके पास पहुंचे और मरीज को देखने तथा उसका इलाज करने का दबाव बनाने लगे। डॉक्टर ने अपनी तबीयत खराब होने की बात बताई, इसके बावजूद छात्रों का कथित तौर पर दबाव जारी रहा।
आरोप है कि इस दौरान छात्रों के समूह ने डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें करीब आधे घंटे तक कमरे में रोके रखा। डॉक्टर का कहना है कि छात्रों द्वारा लगातार मरीज को देखने का दबाव बनाया जा रहा था, जबकि उनकी खुद की तबीयत ठीक नहीं थी।
घटना की जानकारी मिलने पर बीएचयू के प्रोक्टोरियल गार्ड भी मौके पर पहुंचे। हालांकि, डॉक्टर का आरोप है कि मौके पर पहुंचने के बावजूद गार्डों की ओर से मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद डॉक्टर ने लंका थाने से संपर्क कर घटना की शिकायत की और सुरक्षा की मांग की।
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घटना के बाद बीएचयू के चिकित्सकों में भी नाराजगी बताई जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर विषय है। उनका कहना है कि मरीजों के इलाज की व्यवस्था निर्धारित प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए और किसी चिकित्सक पर दबाव या अभद्रता स्वीकार नहीं की जा सकती।
फिलहाल डॉक्टर की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है। घटना को लेकर बीएचयू प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।



