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काशी में इतिहास के अध्ययन, अनुसंधान और लेखन पर वरिष्ठ इतिहासकारों का मंथन

काशी में इतिहास के अध्ययन, अनुसंधान और लेखन पर वरिष्ठ इतिहासकारों का मंथन
Aug 23, 2026, 09:03 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी: भारतीय इतिहास संकलन समिति, काशी प्रान्त, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में रविवार को पार्श्वनाथ विद्यापीठ, करौंदी स्थित इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के सभागार में “इतिहास प्रयोजन : अध्ययन, अनुसंधान और लेखन के संदर्भ में” विषय पर वरिष्ठ इतिहासकारों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई. चार सत्रों में हुई कार्यशाला में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए इतिहासकारों एवं विद्वानों ने इतिहास के अध्ययन, अनुसंधान, स्रोतों और लेखन की पद्धति पर गंभीर विमर्श किया.


उद्घाटन सत्र में कार्यशाला की संयोजिका प्रो. अनुराधा सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया, दीप प्रज्वलन एवं बाबा साहब आप्टे के चित्र पर पुष्पार्चन के बाद प्रो. पीयूष कान्त शर्मा ने संगठन मंत्र एवं सामूहिक गीत प्रस्तुत किया. प्रो. प्रवेश भारद्वाज ने विषय प्रवर्तन करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला.


मुख्य वक्ता बालमुकुन्द पाण्डेय ने इतिहास लेखन में निष्पक्ष एवं राष्ट्रीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि इतिहास लेखन में पूर्ववर्ती इतिहासकारों के कार्यों से प्रेरणा लेने के साथ मूल स्रोतों से तथ्यों का मिलान किया जाना चाहिए, उन्होंने कहा कि वरिष्ठ इतिहासकारों का दायित्व केवल इतिहास का निर्माण करना नहीं, बल्कि समाज निर्माण में भी योगदान देना है.


अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. आनन्द शंकर सिंह ने कहा कि इतिहास अध्ययन का उद्देश्य केवल सूचनाओं और आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि ऐतिहासिक चेतना का निर्माण करना है. इतिहास को केवल अलग-अलग कालखंडों के रूप में देखने के बजाय समय और मानवीय अंतःक्रियाओं के संबंध को समग्रता में समझने की आवश्यकता है.


द्वितीय सत्र में प्रो. रचना सिंह ने कहा कि कृषि, उद्योग और व्यापार किसी भी राष्ट्र की समृद्धि के मूल स्तंभ हैं. प्राचीन भारत में इन तीनों क्षेत्रों के विकसित स्वरूप की चर्चा करते हुए उन्होंने भारत की प्राचीन आर्थिक समृद्धि को रेखांकित किया, मुख्य संबोधन प्रो. संतोषा कुमार ने किया. सत्र की अध्यक्षता प्रो. सुमन जैन ने की.


तृतीय सत्र में विभिन्न जनपदीय मंत्रियों द्वारा वृत्त प्रस्तुत किए जाने के बाद मुक्तचिंतन सत्र हुआ, प्रो. सारिका सिंह और प्रो. ऋतु जायसवाल ने इतिहास लेखन को व्यापक राष्ट्रीय दृष्टि से जोड़ने की आवश्यकता पर विचार रखे, सत्र की अध्यक्षता प्रो. राघवेन्द्र कुमार सिंह ने की.


सम्पूर्ति सत्र में प्रो. रजनीश शुक्ल ने कहा कि कार्यशाला अपने उद्देश्य में सफल रही. उन्होंने कहा कि इतिहास के अध्ययन, अनुसंधान और लेखन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विद्वानों को स्वतंत्र रूप से विचार रखने का अवसर मिला, सत्र की अध्यक्षता प्रो. ओ.एन. सिंह ने की.


कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का संकलन नहीं, बल्कि समाज की स्मृति, सांस्कृतिक चेतना, लोक परंपराओं और भविष्य की दिशा को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इतिहास लेखन में प्राथमिक एवं प्रमाणिक स्रोतों के उपयोग, तथ्यपरकता, प्रमाणिकता और वैज्ञानिक शोध पद्धति के साथ भारतीय इतिहास-बोध को उचित स्थान देने पर जोर दिया गया.


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कार्यशाला में प्रो. आद्याप्रसाद पाण्डेय, डॉ. अभिजित दीक्षित, डॉ. शोभनाथ पाठक, डॉ. अशोक कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में विद्वान, शोधार्थी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे.

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
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वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।