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यूपी में गर्मी का प्रचंड रूप दिखा, वाराणसी का पारा हाई

यूपी में गर्मी का प्रचंड रूप दिखा, वाराणसी का पारा हाई
Apr 14, 2026, 06:11 AM
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Posted By Preeti Kumari

उत्तर प्रदेश में अब गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू हो गया है. सुबह और शाम के समय अभी थोड़ा बेहतर मौसम हैं, लेकिन दिन के समय तेज धूप निकल रही है जिससे लोगों को तीखी गर्मी का एहसास हो रहा है. धूप की वजह से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया हैं. बांदा, प्रयागराज और झांसी समेत कई जिलों में पारा 40 डिग्री तक चला गया है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में तेजी से तापमान बढ़ेगा.


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मौसम विभाग का कहना है कि, आज 14 अप्रैल मंगलवार को प्रदेश के सभी 75 ग्रीन जोन में रहेंगे. राजधानी लखनऊ में भी मौसम शुष्क बना हुआ है. सुबह से आसमान साफ़ है, लोगों को दिनभर यहां चिलचिलाती धूप सताएगी. लखनऊ में अधिकतम तापमान 39 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान हैं. दिल्ली से सटे नोएडा गाजियाबाद, मेरठ में भी अब तेजी से गर्मी बढ़नी शुरू हो गई हैं.


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मौसम शुष्क ही रहेगा


प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों संभागों में आज 14 अप्रैल मंगलवार को भी मौसम शुष्क ही रहेगा, कहीं कोई बादल या बारिश के आसार नहीं है. लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, आगरा, मेरठ समेत सभी जिलों में आसमान एकदम साफ़ रहेगा और दिन में तेज धूप निकलेगी. मौसम विभाग ने आज 20-25 किमी की रफ़्तार से गर्म हवाएं चलने का अनुमान जताया है.


न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री तक की बढ़ोतरी


बीते 24 घंटों में प्रयागराज सबसे अधिक गर्म जिला रहा है. यहां अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री तक पहुँच गया. वहीं वाराणसी 39.3, सुल्तानपुर, गाज़ीपुर और झांसी में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री तक पहुंच गया, जो प्रदेश के सबसे गर्म जिले रहे. मौसम विभाग के मुताबिक़ अगले 5-6 दिनों में अधिकतम तापमान में 4-6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी. यानी इस हफ्ते पारा 44 डिग्री तक पहुंच सकता हैं. न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी.


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तेज धूप के साथ ही यूपी में गर्म हवाएं भी लोगों को सता रही हैं. आज प्रदेश के 20 जिलों में लू चलने की चेतावनी दी है. मौसम विभाग के मुताबिक नोएडा, ग़ाज़ियाबाद, आगरा, झांसी, बांदा, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, ललितपुर, चित्रकूट, जौनपुर समेत कई जिलों में धूप की तपिश से आज पारा 40 डिग्री के पार तक जा सकता है.




प्रो.बिहारी लाल शर्मा- परशुराम जयन्ती धर्म और नैतिक नेतृत्व का अद्भुत संगम
प्रो.बिहारी लाल शर्मा- परशुराम जयन्ती धर्म और नैतिक नेतृत्व का अद्भुत संगम
Prof. Bihari Lal Sharma - Parashuram Jayanti - a wonderful confluence of religion and moral leadershipवाराणसी: वैशाख शुक्ल तृतीया के पावन अवसर पर भगवान परशुराम जयन्ती देशभर में श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाई जा रही है. इस अवसर पर सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने अपने सन्देश में कहा कि भगवान परशुराम का जीवन केवल पौराणिक आख्यान नहीं, बल्कि समकालीन समाज के लिए एक सशक्त नैतिक-दर्शन प्रस्तुत करता है, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना प्राचीन काल में था।कुलपति ने अपने वक्तव्य में कहा कि भगवान परशुराम, जिन्हें भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है, ज्ञान और शक्ति के अद्वितीय समन्वय के प्रतीक हैं.तप-संयम और शौर्य के माध्यम से धर्म की पुनःस्थापना महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र परशुराम ने तप, त्याग,संयम और शौर्य के माध्यम से धर्म की पुनःस्थापना का कार्य किया.कार्तवीर्य अर्जुन जैसे अत्याचारी शासकों के विरुद्ध उनका संघर्ष इस तथ्य को रेखांकित करता है कि शक्ति का प्रयोग सदैव न्याय और लोककल्याण के लिए होना चाहिए. समसामयिक सन्दर्भों में हम देखते हैं कि वर्तमान युग में, जब समाज विभिन्न प्रकार की विषमताओं, नैतिक चुनौतियों और मूल्यों के संकट से जूझ रहा है, तब भगवान परशुराम का आदर्श मार्गदर्शक बनकर सामने आता है.परशुराम का जीवन हमें यह सिखाता है कि शासन-व्यवस्था और नेतृत्व का आधार नैतिकता, पारदर्शिता और जनकल्याण होना चाहिए, आज की शिक्षा-व्यवस्था में केवल ज्ञानार्जन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि चरित्र-निर्माण और आत्मानुशासन का समावेश भी अनिवार्य है. भगवान परशुराम ‘ब्राह्मतेज’ और ‘क्षात्रतेज’ के समन्वय के प्रतीक हैं, जो यह सन्देश देते हैं कि समाज में सन्तुलित विकास के लिए बौद्धिक क्षमता और साहस दोनों का होना आवश्यक है.कुलपति ने युवाओं का किया आह्वान कुलपति ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे परशुराम के जीवन से प्रेरणा लेकर अन्याय और अधर्म के विरुद्ध सजग रहें तथा अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान बनें। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में आत्मसंयम, अनुशासन और नैतिकता का महत्व और भी बढ़ गया है, जिसे अपनाकर ही एक सशक्त और संस्कारित समाज का निर्माण किया जा सकता है।पर्यावरण-संरक्षण के संदर्भ में भी भगवान परशुराम के जीवन को प्रासंगिक बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ सन्तुलित सह-अस्तित्व आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। परशुराम के जीवन में निहित यह सन्देश वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए प्रेरणादायक है.Also Read: केसरवानी वैश्य महिला नगर सभा द्वारा अक्षय तृतीया पर आयोजित सेवा कार्यक्रम, सफलतापूर्वक संपन्नवस्तुतः भगवान परशुराम की जयन्ती हमें यह संकल्प लेने का अवसर प्रदान करती है कि हम अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में धर्म, न्याय और करुणा के सिद्धान्तों का पालन करें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और इसी मार्ग पर चलकर हम एक समरस, सशक्त और नैतिक समाज की स्थापना कर सकते हैं.https://www.youtube.com/watch?v=QjOstaxZcOM
केसरवानी वैश्य महिला नगर सभा द्वारा अक्षय तृतीया पर आयोजित सेवा कार्यक्रम, सफलतापूर्वक संपन्न
केसरवानी वैश्य महिला नगर सभा द्वारा अक्षय तृतीया पर आयोजित सेवा कार्यक्रम, सफलतापूर्वक संपन्न
The service program organized by Kesarwani Vaishya Mahila Nagar Sabha on Akshaya Tritiya was successfully completed.वाराणसी: केसरवानी वैश्य महिला नगर सभा द्वारा अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर एक भव्य सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभा की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न अन्नदान सेवा कार्यों में अपना योगदान दिया. इस कार्यक्रम के तहत सभा की महिलाओं ने लक्सा स्थित मिशन अस्पताल के सामने राहगीरों को हर वर्ष की भांति खिचड़ी, रूह अफजा शर्बत, नींबू पानी, जलेबी ,फ्रूटी, पेठा, केला, बिस्कुट और मठ्ठी का वितरण किया। भीषण गर्मी में शर्बत और नींबू पानी पिलाकर राहगीरों को राहत प्रदान की गई। अक्षय तृतीया के पावन पर्व को सेवा-भाव से मनाना गया.इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सतरुपाजी, सलोनी जी, सुधा जी सत्यभामा जी, स्नेहलता जी, मंजू जी, अर्चना जी, सुधा केशरी, भारती जी, पल्लवी, गीता, बाॅबी,ज्योति, प्रीति, मिथिलेश, खुशबु, वर्षा,सुनीता प्रियंकाआदि केसरवानी वैश्य महिला नगर सभा की सभी महिलाओं का सराहनीय योगदान रहा.Also Read: आधी आबादी ने निकाला बेनकाब मार्च, महिला आरक्षण नहीं तो रोटी पानी बंदसेवा कार्यों को जारी रखने का संकल्पकेसरवानी वैश्य महिला नगर सभा की अध्यक्षा वंदना केसरी एवं महामंत्री सारिका केसरी ने बताया कि यह कार्यक्रम हमारी सभा की सभी महिलाओं के संयुक्त प्रयास और सहयोग का परिणाम है, सभी ने तन, मन और धन से सहयोग कर इस सेवा कार्य को सफल बनाया. इस अवसर पर सभा की महिलाओं ने एक-दूसरे को अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं दीं और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्यों को जारी रखने का संकल्प लिया.https://www.youtube.com/watch?v=QjOstaxZcOM
आधी आबादी ने निकाला बेनकाब मार्च, महिला आरक्षण नहीं तो रोटी पानी बंद
आधी आबादी ने निकाला बेनकाब मार्च, महिला आरक्षण नहीं तो रोटी पानी बंद
Half the population took out an unmasked march, saying if there is no women's reservation, food and water will be stopped.वाराणसी: उधर संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को महिला विरोधी दलों ने गिरा कर महिलाओं को नीचा दिखाया, इधर काशी में आक्रोशित महिलाओं ने महिला परिषद की ओर से महिला विरोधियों के खिलाफ बेनकाब मार्च सुभाष मन्दिर से मुंशी प्रेमचन्द स्मृति द्वार लमही तक निकाला. महिलाओं के हाथों में पोस्टर थे जिस पर लिखा था- महिला आरक्षण नहीं मिलेगा तो, होगा रोटी पानी बंद. महिलाओ ने अपने पतियों के लिए चेतावनी जारी कर दी कि महिला विरोधियों के पार्टी से किसी तरह का सम्बन्ध रखे तो होगा किचन हड़ताल. किसी छुटभैये या बड़े नेताओं को घर ले आये तो चाय पानी सब बन्द रहेगा. महिलाओं ने कहा जो महिला विरोधी है उससे सम्बन्ध किस बात का. महिलाएं इतनी आक्रोशित थीं कि उन्होंने राहुल गांधी का पुतला फूंका और राहुल गांधी से उनका इस्तीफा तक मांगती नजर आई.कांग्रेस और सपा का चेहरा बेनकाबबता दें, महिला परिषद का नेतृत्व कर रहीं बीएचयू की इतिहास की प्रोफेसर डॉ० मृदुला जायसवाल ने कहा कि कुछ बेशर्म नेता महिलाओं को भरी संसद में अपमानित कर हंस रहे थे. याद रहे, इतिहास दोहराता है. एक बार भरी संसद में माता द्रोपदी का भी अपमान हुआ था, तब महाभारत हुआ और नारी द्रोहियों का समूल विनाश हुआ. फिर से महाभारत होगा और इन नारी द्रोहियों को संसद और घर से भगाया जाएगा.मोदी जी ने अपने भाई और पिता होने का फर्ज निभाया है, लेकिन कुछ नारी द्रोहियों की वजह से वो साधारण महिलाओं को सम्मान नहीं दिला पाए, मोदी जी आप चिंता मत करिए, इस महिला आरक्षण के लिए हम सभी आपके साथ हैं. मरते दम तक आपका साथ देंगे ताकि आप महिलाओं को इज्जत दिला सकें, जिन बेशर्मों ने मेज थपथपाया है, उन्हें हम ताली बजाने लायक भी नहीं छोड़ेंगे.विशाल भारत संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव डॉ० अर्चना भारतवंशी ने कहा कि भरी संसद में नारी शक्ति को अपमानित करने वाले दुर्योधन और दुशासन को कोई महिला नहीं भूलेगी. हम अपमानित महसूस कर रहे हैं. एक मौका था हम लोगों के पास 33 प्रतिशत ही तो आरक्षण दे रहे थे, ये एहसान नहीं कर रहे थे, उसको भी नहीं लेने दिए. इन पापियों और अत्याचारियों को सबक सिखाने के लिए महिलाएं सड़क पर उतरेंगी और हर स्तर पर इन सभी दलों के नेताओं का व्यक्तिगत विरोध करेंगी. हमने इसको पर्सनल ले लिया है. यह महिलाओं के सम्मान का विषय है, इससे समझौता नहीं होगा. 33 प्रतिशत नहीं दिए, अब 100 प्रतिशत आउट होंगे.नारी विरोधियों के खिलाफ घर-घर तक ड्रम बजेगामहिला परिषद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ० नजमा परवीन ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का जिन दलों ने विरोध किया वो नहीं चाहते हैं कि साधारण महिलाएं संसद और विधानसभा में पहुंचे. ये महिलाओं को गुलाम बनाकर रखना चाहते हैं, महिलाएं इनके पीछे घूमे, ये महिलाओं का शोषण करें और पैसा लेकर टिकट बांटे. राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी सांसद बन सकती हैं, अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल सांसद बन सकती हैं तो मैं क्यों नहीं ? मैं तो इन दोनों से ज्यादा काबिल और पढ़ी लिखी हूँ, बीएचयू से पीएचडी होकर क्या मैं इन नारी विरोधियों की गुलामी करूँ ? इन नारी विरोधियों के खिलाफ घर-घर तक ड्रम बजेगा.Also Read: मौसम का फिर बदला मिजाज, प्रचंड गर्मी से लोगों का हाल बेहालघर में घुसने पर प्रतिबंध लगेगा. महिला परिषद की पूनम श्रीवास्तव ने कहा कि पतियों ने अगर इन दलों के किसी नेता का साथ दिया तो घर में कर देंगे किचन हड़ताल. अगर महिलाओं को सम्मान दिलाना है तो इन नारी विरोधियों को संसद तक नहीं पहुंचने देना है. आधी आबादी इनका पूरा विरोध करेंगी. मार्च में कृष्णावती, रेखा, कलावती, देवती, आशा, प्रभावती, वन्दना, शालमनी, मुन्नी, ज्ञानमाला, सोमरा, कुसुम, उमा, फूलवती, पार्वती, रीता, सगीत, रीनू, उर्मिला, रीता, झुनका, मैना, इली, खुशी, उजाला, दक्षिता आदि महिलाएं मौजूद रहीं.https://www.youtube.com/watch?v=QjOstaxZcOM