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दालमंडी में खामोशी भरा विरोध, दुकानें बंद, मुनादी तोड रही खामोशी

दालमंडी में खामोशी भरा विरोध, दुकानें बंद, मुनादी तोड रही खामोशी
Jan 16, 2026, 10:49 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : दालमंडी सड़क चौड़ीकरण योजना का विरोध बड़ी खामोशी से किया जा रहा है. वहीं शुक्रवार को ध्वस्तीकरण के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की ओर से मुनादी कराई गई. कार्रवाई को लेकर दुकानदारों ने खामोशी से विरोध किया. इस दौरान दुकानदारों ने अपनी दुकानों बंद रखीं. मुनादी के दौरान पुलिस, वीडीए, पीडब्ल्यूडी, प्रशासन की टीम मौजूद रही. लोगों को अपने मकानों को खाली करने के लिए कहा गया. मुनादी के दौरान लाउडस्पीकर के जरिए बताया गया कि जिन 13 भवनों पर तोड़फोड़ का नोटिस जारी हुआ है, उन्हें तुरंत खाली कर दिया जाए, ताकि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सके.


दालमंडी चौड़ीकरण को लेकर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि अब तक 24 मकानों की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है. छह मकानों को जमींदोज किया जा चुका है और पांच मकानों को तोड़ने की कार्रवाई अभी चल रही है. अब तक लगभग 14 करोड़ रुपये मुआवजा वितरित किया जा चुका है. कार्य का लक्ष्य 10 फरवरी तक पूरा करना है. इस योजना के तहत दालमंडी की सड़क को 17 मीटर चौड़ा किया जाएगा. इसके लिए कुल 187 मकानों को चिह्नित किया गया है. चौक थाना में स्थापित खुले कैंप कार्यालय में 50 से अधिक लोगों ने संपर्क किया और उनके कागजातों की जांच कराई जा रही है.


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बता दें कि दालमंडी में बुलडोजर की भी एंर्ट्री हो चुकी है. मलबा हटाने के साथ ध्‍वस्‍तीकरण चल रहा है. इस कार्रवाई के साथ ही मंडी में सन्नाटा पसरा है. दालमंडी ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान भारी फोर्स भी तैनात है. पुलिस के अलावा आरआरएफ की टीम की तैनाती भी पूरे क्षेत्र में रहा. नए दालमंडी की सड़क को सरकार मॉडल सड़क बनाएगी. यह सड़क शहर के सबसे खूबसूरत सड़को में से एक होगा.यहां सीवर लाइन के अलावा स्ट्रॉम वॉटर लाइन भी बिछाई जाएगी. इसके अलावा अंडर ग्राउंड बिजली के तार भी बिछाएं जाएंगे.इतना ही नहीं इंटरनेट-टेलीफोन की लाइन भी अंडरग्राउंड होगी.यह सड़क पूरी तरह से वायरलेस होगा.

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काशी विश्‍वनाथ मंदिर में एप आधारित नई व्‍यवस्‍था, श्रद्धालुओं को होगा बेहतर अनुभव
काशी विश्‍वनाथ मंदिर में एप आधारित नई व्‍यवस्‍था, श्रद्धालुओं को होगा बेहतर अनुभव
New app-based system at Kashi Vishwanath Temple, devotees will have a better experienceवाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब दर्शन व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा रहा है. मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर अनुभव देने के उद्देश्य से एप-आधारित नई व्‍यवस्‍था लागू करने का निर्णय लिया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास एक मई से ऐप आधारित व्यवस्था शुरू करने जा रहा है. इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. काशी विश्वनाथ न्यास परिषद के सीईओ डॉ. विश्वभूषण ने बताया कि इसमें श्रद्धालुओं के मूल विवरण अनिवार्य रूप से प्राप्त किए जाएंगे. कई भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति इस आधार पर उनका सामान्य, क्षेत्रीय और भाषाई वर्गीकरण किया जाएगा. इससे कई भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति कर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा. सुरक्षा की दृष्टि से नई व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी. आगंतुकों की मूल पहचान संबंधी जानकारी सीमित अवधि तक सुरक्षित रखी जाएगी. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अनुसार, धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषा और क्षेत्रीय भिन्नताओं के कारण कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है. इसी समस्या को दूर करने के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की जा रही है.ई प्रणाली के तहत सुगम दर्शन, अभिषेक और अन्य विशेष सेवाओं के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का पंजीकरण एप के माध्यम से किया जाएगा. इसमें आधार संख्या सहित कुछ जरूरी विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा. इस डेटा के आधार पर श्रद्धालुओं का भाषाई और क्षेत्रीय वर्गीकरण किया जाएगा, जिससे संबंधित भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की जा सकेगी. इससे श्रद्धालुओं को अधिक सहज और संतोषजनक अनुभव मिलेगा.Also Read: बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शननई व्यवस्था आगामी दिनों में शुरू की जाएगी यह नई व्यवस्था आगामी दिनों में शुरू की जाएगी और 1 मई 2026 के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. न्यास ने स्पष्ट किया है कि सामान्य श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क दर्शन व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है. काशीवासियों के लिए भी विशेष द्वार से सुबह और शाम के समय मुफ्त दर्शन की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी. मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से इस नई व्यवस्था के सफल संचालन के लिए सहयोग की अपील की है. साथ ही, सुझाव देने के लिए आधिकारिक वेबसाइट और ईमेल के माध्यम से अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ
बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शन
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Buddha Purnima: Sarnath buzzes with Buddhist followers, offering prayers to the relics of Lord Buddhaवाराणसी: वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर शुक्रवार को सारनाथ गुलजार है. इस अवसर पर सुबह मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में हजारों बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष का दर्शन पूजन कर निहाल हुए. दिन भर बौद्ध भिक्षुओं की चहल पहल बनी रही. मंदिर और मठों में विशेष सजावट की गई. बौद्ध मंदिर के विहाराधिपति भिक्षु आर सुमित्ता नन्द थेरो के नेतृत्व में हीरा मोती से जड़ित फ्लास्क में रखा बुद्ध अस्थि अवशेष मन्दिर के हाल में दर्शन को रखा गया.जापानी बौद्ध मंदिर में किए दर्शन पूजन थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका के साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार के बोध गया, के अलावा यूपी के श्रावस्ती, कुशीनगर, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली,अन्य जिलों से बौद्ध अनुयायी एंव स्थानीय बौद्ध मठ के बौद्ध भिक्षुओं ने बुद्ध अस्थि अवशेष के दर्शन किये. इस दौरान भिक्षु चंदिमा, भिक्षु शीलवश, भिक्षु धम्म रत्न, भिक्षु रत्नाकर, सहित थाई, तिब्बती,जापानी, वियतनाम, कम्बोडिया बौद्ध मंदिर के बौद्ध भिक्षु शामिल रहे. इसके पूर्व मन्दिर में सुबह 6 बजे विश्व शांति के लिए बौद्ध भिक्षुओं ने पूजा की. इसके साथ यहां आए बौद्ध अनुयायियों ने सारनाथ के कम्बोडिया, थाईलैंड, वियतनाम, तिब्बती, जापानी बौद्ध मंदिर में दर्शन पूजन किए.Also Read: कमर्शियल LPG सिलेंडर के संग महंगा हुआ 5 किलो वाला 'छोटू', जानें दामों में कितनी बढ़ोतरीबुद्ध पूर्णिमा पर सारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन दान किया गया. इसके पहले पहला भोजन भिक्षु चण्डपदुम लेकर भगवान बुद्ध के चढ़ाया गया. धम्म शिक्षण केंद्र के प्रभारी भिक्षु चंदिमा ने बताया कि मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर परिसर में सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक भोजन की व्यवस्था की गई. इस दौरान सारनाथ में दुकानों पर भी भीड देखी गई. अवकाश होने और मौसम के तकाजे के कारण आम लोग भी बडी संख्‍या में लोगा पहुंचे.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ