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सूर्य ग्रहण 2025: 21 सितम्बर को साल का आखिरी ग्रहण, भारत में दिखेगा या नहीं...

सूर्य ग्रहण 2025: 21 सितम्बर को साल का आखिरी ग्रहण, भारत में दिखेगा या नहीं...
Sep 19, 2025, 09:37 AM
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Posted By Gaandiv

Surya Grahan 2025: साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 21 सितम्बर को लगने जा रहा है. यह आंशिक रूप से पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा जिसमें चन्द्रमा सूर्य का कुछ ही हिस्सा ढकेगा. हालाँकि, यह भारत में नहीं दिखेगा क्योंकि सूर्य ग्रहण रात में लगेगा न कि दिन में. सितंबर में लगे पूर्ण चंद्र ग्रहण के बाद अब खगोल प्रेमियों की निगाहें इस महीने होने वाले सूर्य ग्रहण पर टिकी हैं. यह इस वर्ष का अंतिम ग्रहण होगा. 2025 का पहला ग्रहण मार्च में पड़ा था.


ग्रहण और पितृपक्ष अमावस्या


इस बार खास बात यह है कि, पितृपक्ष की शुरुआत और समापन दोनों ही दिन खगोलीय घटनाओं से जुड़े हैं. भाद्रपद पूर्णिमा, 7 सितंबर (रविवार) को पूर्ण चंद्र ग्रहण लगा था. अब पितृपक्ष की समाप्ति अमावस्या, यानी महालया के दिन 21 सितंबर (रविवार) को होगी, जब आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा. ज्योतिष के अनुसार यह एक अद्भुत और दुर्लभ संयोग है.


surya grahan


क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?...


भारत में यह सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा क्योंकि उस समय यहां रात होगी. भारतीय समयानुसार ग्रहण का समय रात 11:00 बजे से लेकर 3:23 बजे (IST) तक रहेगा. इस कारण देश के किसी भी हिस्से में इसे प्रत्यक्ष रूप से देख पाना संभव नहीं होगा.


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सूर्य ग्रहण क्यों होता है?...


पृथ्वी लगातार सूर्य की परिक्रमा करती है और चंद्रमा भी सूर्य की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी का उपग्रह होने के नाते उसके चारों ओर घूमता है. कभी-कभी चंद्रमा अपनी परिक्रमा के दौरान पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है. इस स्थिति में सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता. इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है. उस समय चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है और आंशिक या पूर्ण रूप से सूर्य ढक जाता है.

भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का दशाश्वमेध व्यापार मंडल ने किया स्वाग
भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का दशाश्वमेध व्यापार मंडल ने किया स्वाग
वाराणसी. चालिया महोत्सव के समापन पर पूज्य झूलेलाल भक्त सेवा समिति की ओर से भगवान झूलेलाल की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। लक्सा स्थित झूलेलाल मंदिर से शुरू हुई यात्रा गिरजाघर, गोदौलिया और दशाश्वमेध होते हुए राजेंद्र प्रसाद घाट पहुंची।यात्रा शुरू होने से पहले मंदिर में भगवान झूलेलाल और हिंगलाज माता की प्रतिमा के समक्ष दीपदान और पल्लव प्रार्थना की गई। इसके बाद सिंधी समाज के प्रमुख जय प्रकाश बालानी ने भगवान झूलेलाल की ध्वजा उठाकर शोभायात्रा को रवाना किया। इसमें सिंधी समाज की महिलाओं ने भजन और पारंपरिक डोकला नृत्य प्रस्तुत किया।रास्ते में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। दशाश्वमेध व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेश तुलस्यान, सचिव दीपक वासवानी, मनु जेसवानी, विनय यादव, दीपक राजदेव, तुलसी खान चंदानी, प्रदीप नरसिंहानी, विक्की खान चंदानी, कोषाध्यक्ष भगवान दास जजानी, अशोक जायसवाल और नारायण खेमका समेत अन्य पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।ALSO READ : प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ से राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेशराजेंद्र प्रसाद घाट पर भगवान झूलेलाल के छायाचित्र की आरती की गई और मां गंगा का पूजन हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं को सिंधी व्यंजन दाल पकवान, साई भाजी और सिंधी कढ़ी प्रसाद के रूप में वितरित की गई।आयोजन में जेपी बालानी, अनिल शर्मा, रोहित बलानी, गोपाल सचदेवा, सतीश छाबड़ा, चंद्रा सचदेवा, वासुदेव नागवानी, मुस्कान शर्मा, अमृता अठवानी, अजय रूपेजा, देवानंद, मोनिका, कृष्णा होतवानी, घनश्याम लालवानी और कन्हैया टेक चंदानी सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।
प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ से राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेश
प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ से राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेश
वाराणसी. काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय की राजभाषा समिति के तत्वावधान में मंगलवार को ‘कार्यालयी कामकाज में राजभाषा हिंदी का क्रियान्वयन’ विषय पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से कार्यालयी कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक और प्रभावी प्रयोग के लिए कर्मचारियों को प्रेरित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन समन्वयिका डॉ. छाया सोनी ने किया।ALSO READ : त्योहारों पर वाराणसी पुलिस का मेगा प्लान, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजरमुख्य वक्ता राजभाषा प्रकोष्ठ के हिंदी अधिकारी डॉ. शिव कुमार त्रिपाठी ने राजभाषा हिंदी के संवैधानिक और कार्यालयी महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यालयी पत्राचार, टिप्पणियों तथा द्विभाषी कार्यप्रणाली में हिंदी के प्रभावी प्रयोग की जानकारी दी।राजभाषा प्रकोष्ठ, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के श्री रमेश ने ‘प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ के माध्यम से हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कर्मचारियों को हिंदी प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और तकनीकी प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता के लिए भी प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में अनुभाग अधिकारी श्री अशोक कुमार वर्मा, श्री मनोज कुमार मिश्रा, श्री काशीनाथ समेत संकाय के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में राजभाषा समिति के सदस्य डॉ. मुदित पाण्डेय ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और उपस्थित कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
त्योहारों पर वाराणसी पुलिस का मेगा प्लान, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर
त्योहारों पर वाराणसी पुलिस का मेगा प्लान, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर
वाराणसी. आगामी पर्वों को लेकर कमिश्नरेट पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का मेगा प्लान तैयार किया है। श्रावण माह में प्रस्तावित शोभायात्रा, जलाभिषेक यात्रा, रक्षाबंधन, पूर्णिमा और बारावफात समेत अन्य आयोजनों को देखते हुए पुलिस ने संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरि मीना ने पुलिस उपायुक्त काशी गौरव बंसवाल, अपर पुलिस उपायुक्त काशी वैभव बांगर, एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार और एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजन त्रिपाठी समेत पुलिस बल के साथ बारावफात जुलूस के निर्धारित मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ब्रॉडवे तिराहा, रेवड़ी तालाब, गोदौलिया, रामापुरा, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और मैदागिन चौराहा समेत प्रमुख स्थानों पर पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान जुलूस और शोभायात्रा के मार्ग, संवेदनशील स्थानों, प्रमुख चौराहों, भीड़ नियंत्रण, पुलिस बल की तैनाती और बैरिकेडिंग व्यवस्था की समीक्षा की गई। संकरे मार्गों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और यातायात दबाव वाले स्थानों को चिन्हित कर समय से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए।पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि श्रावण माह में मंदिरों और प्रमुख शिवालयों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल, कतार प्रबंधन और लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए। बारावफात जुलूस के पूरे मार्ग का दोबारा सत्यापन कर बाधाओं को हटाने और आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने को कहा गया।जुलूस मार्ग और संवेदनशील स्थलों पर जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती के साथ जुलूस के आगे-पीछे पर्याप्त पुलिस बल लगाने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस के समन्वय से डायवर्जन और वैकल्पिक मार्ग पहले से तैयार रखने को कहा गया है। गोदौलिया, रामापुरा, रेवड़ी तालाब और ब्रॉडवे तिराहा पर यातायात पुलिस की पर्याप्त तैनाती रहेगी।ALSO READ : संस्कृत संरक्षण के साथ व्यवहारिक प्रयोग पर जोर, BHU में संस्कृत सप्ताह का शुभारंभजुलूस मार्ग से बिजली के लटके तार, निर्माण सामग्री, अतिक्रमण और सड़क पर रखी अन्य सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं। थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी शांति समितियों, आयोजकों और संभ्रांत नागरिकों से लगातार समन्वय बनाए रखेंगे। आयोजकों को निर्धारित मार्ग और समय का कड़ाई से पालन कराना होगा।अफवाहों और संदिग्ध तत्वों पर रहेगी नजरपुलिस सोशल मीडिया पर भ्रामक और अफवाह फैलाने वाली पोस्ट पर तत्काल कार्रवाई करेगी। क्यूआरटी और रिजर्व फोर्स को त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार रखा जाएगा। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ एंटी-ईव टीजिंग टीम को लगातार भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं।बाजारों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई करने और छेड़छाड़ की घटनाओं पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। साथ ही एम्बुलेंस और फायर सर्विस के लिए आपातकालीन मार्ग हमेशा खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं।अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीना ने कहा कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कमिश्नरेट पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि सभी पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हों और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।