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भारतीय दर्शन में पर्यावरण संकट का समाधान, काशी विद्यापीठ में हुआ गहन मंथन

भारतीय दर्शन में पर्यावरण संकट का समाधान, काशी विद्यापीठ में हुआ गहन मंथन
Jan 07, 2026, 05:43 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, के आई.क्यू.ए.सी. एवं दर्शनशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को 'भारतीय दर्शन में पर्यावरण चेतना' विषयक परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि सादगी ही प्रकृति की रक्षा का मूल मंत्र है. भारतीय दर्शन में प्रकृति को ‘उपभोग की वस्तु’ नहीं, बल्कि ‘सजीव एवं चेतन सत्ता’ के रूप में स्वीकार किया गया है, जो आज के पर्यावरणीय संकट के समाधान का आधार बन सकती है.


मुख्य वक्ता डॉ. अनिल कुमार, अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, पर्यावरण संरक्षण केंद्र, भुवनेश्वर (उड़ीसा) ने भारतीय दर्शन में प्रकृति-चेतना, पृथ्वी को माता मानने की अवधारणा तथा सतत विकास की दार्शनिक दृष्टि पर विस्तृत विचार प्रस्तुत किए. उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यावरण संकट मूलतः चेतना का संकट है, जिसका समाधान भारतीय दार्शनिक दृष्टि में निहित है.विशिष्ट अतिथि अजय, पर्यावरण संयोजक, पूर्वी उत्तर प्रदेश ने क्षेत्रीय स्तर पर पर्यावरणीय चुनौतियों एवं जनभागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला.


स्वागत करते हुए मानविकी संकाय के अध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र ने भारतीय दर्शन की पर्यावरणीय दृष्टि तथा मनुष्य और प्रकृति के बीच नैतिक संतुलन स्थापित करने की समग्र दृष्टि पर बल दिया। संचालन डॉ. अम्बरीष राय एवं धन्यवाद ज्ञापन आई.क्यू.ए.सी. निदेशक एवं दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. नंदिनी सिंह ने किया.


कार्यक्रम में मौजूद रहे


इस अवसर पर कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, प्रो. पीताम्बर दास, प्रो. आनंद शंकर चौधरी, प्रो. राकेश तिवारी, प्रो. अनीता, डॉ. कविता आर्या, डॉ. गणेश जायसवाल, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. प्रियंका, डॉ. कविता, शांभवी आदि उपस्थित रहे.


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सेंट मैरी स्कूल के बाद 39 जीटीसी में तेंदुए की आहट, छावनी में दहशत
सेंट मैरी स्कूल के बाद 39 जीटीसी में तेंदुए की आहट, छावनी में दहशत
वाराणसी : कैंट थाना क्षेत्र के छावनी स्थित सेंट मैरी स्कूल परिसर के बाद अब 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर (जीटीसी) इलाके में भी उसके देखे जाने की चर्चा से दहशत फैल गई है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, शनिवार देर रात करीब 9:30 बजे 39 जीटीसी क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई दिया. परिसर में मौजूद दो सैन्य कर्मियों ने उसकी घेराबंदी कर पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह चकमा देकर एक बार फिर भागने में सफल रहा. लगातार दूसरे स्थान पर जंगली जानवर दिखाई देने की सूचना से छावनी क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है. लोगों को आशंका है कि तेंदुआ आसपास की झाड़ियों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर छिपा हो सकता है. हालांकि, 39 जीटीसी क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है. हालांकि मार्निंग वॉक करने वालों ने दूरी बना ली है.ALSO READ : पुलिस लाइन से नमो घाट तक प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो, हाथ हिलाकर किया अभिवादनगौरतलब है कि 22 अक्टूबर को सेंट मैरी स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक बड़ा जंगली जानवर दिखाई देने के बाद तेंदुआ होने की आशंका जताई गई थी. इसके बाद वन विभाग और पुलिस की टीमों ने परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में तलाश की थी. हालांकि, तलाशी के दौरान तेंदुए के पंजों के निशान नहीं मिले थे और वन विभाग ने उसकी मौजूदगी की पुष्टि नहीं की थी. हालांकि वन विभाग की टीमें बराबर निगरानी कर रही हैं.
पुलिस लाइन से नमो घाट तक प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो, हाथ हिलाकर किया अभिवादन
पुलिस लाइन से नमो घाट तक प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो, हाथ हिलाकर किया अभिवादन
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के वाराणसी आगमन पर रविवार को पुलिस लाइन से नमो घाट तक स्वागत का माहौल देखने को मिला. प्रधानमंत्री अरविंद मिल की इकाई का लोकार्पण के बाद हेलीकाप्‍टर से पुलिस लाइन पहुंचे. पुलिस लाइन से उनका काफिला सांस्कृतिक संकुल, चौकाघाट होते हुए नमो घाट की ओर रवाना हुआ. मार्ग में जगह-जगह स्वागत मंचों पर लोगों ने उनका स्‍वागत किया. प्रधानमंत्री ने भी सड़क किनारे मौजूद लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया.प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए शहर के प्रमुख मार्गों को सजाया गया था. कई स्थानों पर स्वागत मंच बनाए गए थे. ढोल-नगाड़ों की गूंज, डमरू वादन और पुष्पवर्षा के बीच लोगों ने उनका स्वागत किया. मार्ग पर मौजूद लोगों में प्रधानमंत्री की एक झलक पाने को लेकर उत्साह दिखाई दिया. काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को दर्शाने वाली प्रस्तुतियों ने स्वागत कार्यक्रम को विशेष रूप दिया. जय श्रीराम और हर हर महादेव के जयकारे भी लगे.ALSO READ : वाराणसी में पीएम मोदी ने अरविंद मिल की नई परिधान निर्माण इकाई का किया उद्घाटनप्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने वाले मार्गों पर कई स्थानों पर स्वागत की व्यवस्था की गई थी. महिलाओं, युवाओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने तिरंगा व पार्टी के झंडे लेकर उनका अभिनंदन किया. इस दौरान शंखनाद और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष भी सुनाई दिए. भदऊचुंगी के पास सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए खड़े थे. समर्थकों का उत्साह देख पीएम मोदी ने अपनी कार रुकवाई और बाहर निकलकर हाथ हिलाते हुए लोगों का अभिवादन किया.प्रधानमंत्री का नमो घाट पहुंचने के बाद भारतीय वायुसेना के ‘विंग्स ओवर गंगा’ हवाई प्रदर्शन में शामिल होने का कार्यक्रम था. यह आयोजन भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया गया, जिसमें सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम सहित विभिन्न विमानों और हेलीकॉप्टरों ने हवाई करतब दिखाए.

"अपना हुनर अपनी पहचान" के दृष्टिगत पीएम ने कामगार महिलाओं से सीधा संवाद किया
"अपना हुनर अपनी पहचान" के दृष्टिगत पीएम ने कामगार महिलाओं से सीधा संवाद किया
वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आयें और हमेशा की तरह इस बार भी काशीवासियों को सौगात दी. मिर्जामुराद के खोचवां में अहमदाबाद गुजरात की कपड़ा निर्माता कंपनी अरविंद लिमिटेड (अरविंद मिल्स) के लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 7-8 एकड़ में बने पहले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उन्होंने शुभारंभ किया. "अपना हुनर अपनी पहचान" के दृष्टिगत यहां कामगार महिलाओं से सीधा संवाद किया.इस औद्योगिक प्लांट में स्थानीय ही नहीं पूर्वांचल के हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा. इतना ही नहीं स्थानीय महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है और 300 से ज्यादा महिलाओं की भर्ती हो भी चुकी है, जिन्हें यूनिट में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. यह पहल कपड़ा और परिधान निर्माण इकोसिस्टम को मजबूत करेगी.बताते चलें कि पूर्वांचल में अरविंद मिल्स का यह पहला बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है. प्लांट शुरू होने के बाद 2 फेस का निर्माण होगा, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा. काशी के इस नए प्लांट में स्पोर्टस वियर, अंडर गारमेंट आदि कपड़े का उत्पादन होगा. यहां जॉकी, यूएस पोलो और एरो जैसे ब्रांड्स का निर्माण होगा.अरविंद मिल्स सिर्फ कपड़ा बनाने वाली कंपनी नहीं है. यह धागे और कपड़े से लेकर तैयार कपड़ों तथा औद्योगिक इस्तेमाल के विशेष वस्त्रों तक का कारोबार करती है. इसकी शुरुआत 1931 में हुई थी और इसका मुख्यालय अहमदाबाद, गुजरात में है. यह डेनिम के कपड़े (इससे जींस बनाई जाती है) के साथ सूती व लिनेन के कपड़े, सादे कपड़े, सूट के लिए फैब्रिक, स्पोर्ट्सवियर के साथ घरेलू और विदेशी परिधान ब्रांडों को कपड़ा उपलब्ध कराती है.ALSO READ : रामनगर में आस्था का सैलाब, भोर की आरती में गूंजा 'जय श्रीराम, लाखों श्रद्धालु बने साक्षीप्रधानमंत्री ने शुभारंभ के पश्चात मिल के पदाधिकारियों से वहां पर बनाए जा रहे कपड़ों, खादी के बने कपड़ों एवं उनके मैटेरियल के बारे में जानकारी ली. "अपना हुनर अपनी पहचान" के दृष्टिगत महिलाओं से संवाद किया. उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों, उनकी चुनौतियों के बाबत विस्तार से जानकारी ली. अरविन्द मिल्स द्वारा उत्पादित कपड़ों की लगाई गई प्रदर्शनी का भी उन्होंने अवलोकन किया. इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. इससे पूर्व मिर्जामुराद के खोचवां पहुंचने पर हेलीपैड पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया.