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वाराणसी से गया तक विशेष बस सेवा, पितृपक्ष से पहले योगी सरकार का उपहार

वाराणसी से गया तक विशेष बस सेवा, पितृपक्ष से पहले योगी सरकार का उपहार
Aug 17, 2025, 07:58 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः पितृपक्ष के अवसर पर श्रद्धालुओं को बड़ी राहत देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने वाराणसी से गया (बिहार) तक विशेष बस सेवा की शुरुआत की है.


यह बस सेवा पिंडदान, तर्पण और अन्य धार्मिक संस्कारों के लिए गया जाने वाले श्रद्धालुओं को एक सहज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराएगी. शुरुआत में यह सेवा ट्रायल के तौर पर शुरू की गई है, और यात्रियों की प्रतिक्रिया व मांग के आधार पर भविष्य में इसे नियमित करने पर विचार किया जाएगा .


सरकार की इस पहल से पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं को न केवल यात्रा में सहूलियत मिलेगी, बल्कि धार्मिक कर्तव्यों को निभाने में भी आसानी होगी.



यात्रा का समय और मार्ग


वाराणसी के चौधरी चरण सिंह अंतरराज्यीय बस अड्डे से गया के लिए विशेष बस सेवा शुरू की गई है. यह बस प्रतिदिन रात 8 बजे वाराणसी से चलेगी और अगली सुबह 4 बजे गया पहुंचेगी. वहीं, गया से वापसी यात्रा सुबह 8 बजे शुरू होकर दोपहर 3 बजे वाराणसी पहुंचेगी.लगभग 295 किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान बस चंदौली, मोहनिया, कुदरा, सासाराम, औरंगाबाद, शेरघाटी और डोभी जैसे प्रमुख स्थानों से गुजरेगी. इस मार्ग का किराया ₹465 तय किया गया है.



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श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत


पितृपक्ष के मौके पर हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु गया जाते हैं. अब तक उन्हें वहां पहुंचने के लिए ट्रेन या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की खपत अधिक होती थी. नई बस सेवा की शुरुआत से वाराणसी से गया तक सीधी सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे यात्रा पहले की तुलना में ज्यादा आसान, सुरक्षित और किफायती हो जाएगी.



धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व


इस विशेष बस सेवा से केवल वाराणसी ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को भी सीधा लाभ मिलेगा. इसके साथ ही, यह पहल उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच मौजूद सांस्कृतिक और धार्मिक रिश्तों को और अधिक मजबूत करने का कार्य करेगी.


योगी सरकार की यह कोशिश न केवल श्रद्धालुओं को पितृपक्ष के दौरान बेहतर यात्रा सुविधा देने की दिशा में है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है. श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया यह कदम वास्तव में सराहनीय और दूरदर्शी है.



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आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल बसें


इस विशेष बस सेवा में BS-6 मानकों वाली 52 सीटर आधुनिक बसों का उपयोग किया जा रहा है, जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ यात्रियों को आरामदायक सीटों और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करती हैं.


यात्रा के दौरान सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है. सभी आवश्यक इंतज़ाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को न केवल सुखद, बल्कि पूरी तरह निश्चिंत और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके.यह व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

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वाराणसी: विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के मनोचिकित्सा विभाग में शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी और ‘इम्पार्टिंग हेल्थ एजुकेशन टू कम्युनिटी’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का विषय “अनमास्किंग दि अपील - काउन्ट्रिग निकोटीन एंड टोबैको एडिक्शन” रहा.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि तंबाकू निषेध जैसे विषयों पर केवल एक दिन का आयोजन पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग विशेषकर युवाओं और स्कूली विद्यार्थियों के बीच लगातार जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि धूम्रपान और चबाने वाले तंबाकू दोनों ही कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों के प्रमुख कारण हैं.कुलपति ने बताया कि तनाव और मानसिक दबाव से राहत पाने के लिए कई लोग तंबाकू का सहारा लेते हैं, लेकिन यह आदत लंबे समय में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाती है. उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर “तंबाकू छोड़ो अभियान” शुरू करने का सुझाव भी दिया.इस अवसर पर मनोचिकित्सा विभाग में कई अत्याधुनिक नैदानिक और उपचार सुविधाओं का उद्घाटन किया गया. इनमें क्वांटिटेटिव इलेक्ट्रोएन्सेफैलोग्राफी (QEEG), स्लीप लेबोरेटरी (पॉलीसोमनोग्राफी), इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ECT), ट्रांसक्रैनियल डायरेक्ट करंट स्टिमुलेशन (TDCS), रिपीटेटिव ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (RTMS) तथा डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड शामिल हैं.विशेषज्ञों के अनुसार नई सुविधाओं से अवसाद, चिंता, नींद संबंधी विकारों और अन्य न्यूरो-मनोरोग संबंधी समस्याओं के निदान एवं उपचार में मदद मिलेगी. साथ ही अनुसंधान और चिकित्सा प्रशिक्षण को भी नई दिशा मिलेगी.ALSO READ:बरेका पहुंचे रेलवे बोर्ड सदस्य आर राजगोपाल, उत्पादन और नवाचार कार्यों का लिया जायजा...चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एस. एन. शंखवार ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. वहीं चिकित्सा संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता ने धूम्ररहित तंबाकू के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में व्यापक जनजागरूकता की जरूरत है.कार्यक्रम में मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. अच्युत कुमार पाण्डेय ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और तंबाकू निषेध को मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन से जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. इस दौरान चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.
बरेका पहुंचे रेलवे बोर्ड सदस्य आर राजगोपाल, उत्पादन और नवाचार कार्यों का लिया जायजा...
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वाराणसी: रेलवे बोर्ड के सदस्य (कर्षण एवं रोलिंग स्टॉक) आर. राजगोपाल ने शनिवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) का व्यापक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने लोको उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण, तकनीकी नवाचार और अवसंरचनात्मक विकास से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की निरीक्षण के दौरान बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.आर. राजगोपाल ने लोको फ्रेम शॉप, लोको असेंबली शॉप, ट्रक मशीन शॉप, लोको टेस्ट शॉप और मेन गेज रूम का दौरा कर रेल इंजनों के निर्माण, असेंबली, परीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं का अवलोकन किया. उन्होंने उत्पादन प्रणाली और आधुनिक तकनीकों के उपयोग की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की.निरीक्षण के अंतिम चरण में उन्होंने अभिकल्प विभाग का दौरा किया, जहां बरेका द्वारा विकसित नई तकनीकों, आधुनिक लोको डिजाइनों और भविष्य की परियोजनाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर आर. राजगोपाल और महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का संदेश दिया.इसके बाद महाप्रबंधक सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में बरेका की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बरेका ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक 572 रेल इंजनों का उत्पादन कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. साथ ही वर्ष 2026-27 के उत्पादन लक्ष्यों की दिशा में हो रही प्रगति की जानकारी भी साझा की गई.बैठक में अमृत भारत पुश-पुल डब्ल्यूएपी-7 इंजनों के निर्माण, कवच प्रणाली, उन्नत प्रोपल्शन तकनीक, ट्रैक्शन मोटर परीक्षण और आधुनिक निरीक्षण व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा हुई. इसके अलावा निर्यात और गैर-रेलवे ग्राहकों के लिए डीजल इंजनों के निर्माण तथा भविष्य की उत्पादन योजनाओं की भी समीक्षा की गई.हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बरेका में संचालित रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों और प्रस्तावित बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) की जानकारी भी दी गई. साथ ही वर्षा जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई.ALSO READ:तपती गर्मी से पुलिसकर्मियों को मिलेगी राहत, ट्रैफिक जवानों को वितरित किए गए एयर कूलिंग हेलमेट और छाते...अपने दौरे के दौरान आर. राजगोपाल ने बरेका द्वारा लोको उत्पादन, गुणवत्ता सुधार, ऊर्जा संरक्षण और ‘मेक इन इंडिया–मेक फॉर द वर्ल्ड’ अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना की. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रेरित करते हुए उनके योगदान के सम्मान में पुरस्कार दिए जाने की घोषणा भी की.
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वाराणसी: भीषण गर्मी और नौतपा के बीच वाराणसी में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. झुलसाती धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित है. ऐसे कठिन मौसम में भी शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान लगातार सड़कों पर डटे हुए हैं.ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की इसी परेशानी को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने सराहनीय पहल की है. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल तथा अपर पुलिस आयुक्त शिव हरि मीणा के प्रयास से एक हजार से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को छातों का वितरण किया गया. इसके साथ ही शहर के प्रमुख और व्यस्त चौराहों पर तैनात जवानों को विशेष एयर कूलिंग हेलमेट (AC हेलमेट) भी उपलब्ध कराए गए हैं.पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब ड्यूटी पर रवाना होने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ओआरएस का घोल, छाता और एयर कूलिंग हेलमेट उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे भीषण गर्मी में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचते हुए बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें.तपती धूप में घंटों खड़े होकर यातायात संचालन करने वाले जवानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए अधिकारियों का आभार जताया. पुलिसकर्मियों का कहना है कि एयर कूलिंग हेलमेट और छातों से उन्हें गर्मी से काफी राहत मिलेगी.ALSO READ:वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में IPS मानसी दहिया को भावभीनी विदाई...अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था शिव हरि मीणा ने बताया कि पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है, ताकि अत्यधिक गर्मी के बावजूद वे सुरक्षित माहौल में अपनी ड्यूटी कर सकें.वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की यह पहल न केवल पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि उनके मनोबल को बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.