Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

इस फोरलेन सड़क पर लगेगी विक्टोरिया लाइटें, बदलेगा अर्द्धशहरी क्षेत्र का स्वरूप

इस फोरलेन सड़क पर लगेगी विक्टोरिया लाइटें, बदलेगा अर्द्धशहरी क्षेत्र का स्वरूप
Aug 14, 2025, 07:05 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी : यातायात व्यवस्था को और सुगम बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम कर रहा है. विभाग रिंग रोड से लेकर पलही पट्टी (चोलापुर) तक लगभग 8.5 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाने की तैयारी में है. इस सड़क का डिजाइन न केवल यातायात की सुगमता को ध्यान में रखकर किया जा रहा है, बल्कि सौंदर्यीकरण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा. खास बात यह है कि इस पूरी सड़क पर विक्टोरिया शैली की हाई-मास्ट लाइटें लगाई जाएंगी, जो रात में पूरे मार्ग को रोशन करेंगी और क्षेत्र को एक नया, आधुनिक रूप देंगी.



फूलों से सजे बनाए जाएंगे डिवाइडर


प्रस्तावित योजना के तहत सड़क के बीचों-बीच आकर्षक फूलों से सजे डिवाइडर तैयार किए जाएंगे. वहीं, दोनों किनारों पर नालियों का निर्माण होगा, ताकि बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या न रहे. साथ ही, यूटिलिटी डक्ट भी बनाए जाएंगे, जिससे बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं की लाइनें सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से डाली जा सकें.

बनाने में खर्च होंगे 200 करोड़ रूपये


इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत, भूमि अधिग्रहण और मुआवजे समेत, लगभग 200 करोड़ रुपये आंकी गई है. भूमि अधिग्रहण के बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू करने की योजना है, ताकि निर्धारित समय में इसे पूरा किया जा सके. यह सड़क भोजूबीर से सिंधोरा जाने वाले मार्ग का हिस्सा होगी, जो वर्तमान में "अन्य जिला मार्ग" (ODR) के रूप में जाना जाता है. यह मार्ग केराकत होकर जौनपुर और आजमगढ़ जिलों को सीधे वाराणसी से जोड़ता है. साथ ही, यह इन जिलों के लिए एक सुविधाजनक बाईपास का काम करता है, जिससे शहर के भीतरी हिस्सों में भारी वाहनों और लंबी दूरी के यातायात का दबाव कम हो जाता है.


फोरलेन विस्तार के लिए आधार है तैयार


उल्लेखनीय है कि रिंग रोड से होकर इस मार्ग की चौड़ाई पहले ही बढ़ाई जा चुकी है, जिससे फोरलेन विस्तार के लिए आधार तैयार हो गया है. सड़क के किनारे कई महत्वपूर्ण स्थान और संस्थान मौजूद हैं, जो इसके महत्व को और बढ़ाते हैं. इनमें प्रमुख हैं स्थानीय सब्जी मंडी, प्राचीन मंदिर, विभिन्न कॉलेज, पं. दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल, संत रविदास IAS-PCS पूर्व प्रशिक्षण संस्थान, वीडीए द्वारा विकसित कॉलोनियां और अनेक बड़े वाणिज्यिक प्रतिष्ठान.


घटेगी दुर्घटनाओं की संभावना


वर्तमान में यह मार्ग अत्यधिक व्यस्त रहता है, विशेषकर सुबह और शाम के समय यातायात दबाव चरम पर होता है. बड़े वाहनों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों और छात्रों का आना-जाना इस सड़क पर लगातार बना रहता है. ऐसे में फोरलेन निर्माण से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी घटेगी. स्थानीय लोगों का मानना है कि फोरलेन सड़क बनने से न सिर्फ यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. विक्टोरिया लाइटों और फूलों से सजे डिवाइडर के कारण इस अर्द्धशहरी क्षेत्र का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा, जिससे यह वाराणसी के विकसित इलाकों की श्रेणी में आ जाएगा.


वाराणसी के लिए यह परियोजना केवल एक सड़क नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास की नई दिशा है. इसके बन जाने के बाद जौनपुर, आजमगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को भी बेहतर और तेज कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा.

बीएचयू में शुरू हुई हाईटेक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं कुलपति ने किया उद्घाटन...
बीएचयू में शुरू हुई हाईटेक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं कुलपति ने किया उद्घाटन...
वाराणसी: विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के मनोचिकित्सा विभाग में शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी और ‘इम्पार्टिंग हेल्थ एजुकेशन टू कम्युनिटी’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का विषय “अनमास्किंग दि अपील - काउन्ट्रिग निकोटीन एंड टोबैको एडिक्शन” रहा.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि तंबाकू निषेध जैसे विषयों पर केवल एक दिन का आयोजन पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग विशेषकर युवाओं और स्कूली विद्यार्थियों के बीच लगातार जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि धूम्रपान और चबाने वाले तंबाकू दोनों ही कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों के प्रमुख कारण हैं.कुलपति ने बताया कि तनाव और मानसिक दबाव से राहत पाने के लिए कई लोग तंबाकू का सहारा लेते हैं, लेकिन यह आदत लंबे समय में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाती है. उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर “तंबाकू छोड़ो अभियान” शुरू करने का सुझाव भी दिया.इस अवसर पर मनोचिकित्सा विभाग में कई अत्याधुनिक नैदानिक और उपचार सुविधाओं का उद्घाटन किया गया. इनमें क्वांटिटेटिव इलेक्ट्रोएन्सेफैलोग्राफी (QEEG), स्लीप लेबोरेटरी (पॉलीसोमनोग्राफी), इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ECT), ट्रांसक्रैनियल डायरेक्ट करंट स्टिमुलेशन (TDCS), रिपीटेटिव ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (RTMS) तथा डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड शामिल हैं.विशेषज्ञों के अनुसार नई सुविधाओं से अवसाद, चिंता, नींद संबंधी विकारों और अन्य न्यूरो-मनोरोग संबंधी समस्याओं के निदान एवं उपचार में मदद मिलेगी. साथ ही अनुसंधान और चिकित्सा प्रशिक्षण को भी नई दिशा मिलेगी.ALSO READ:बरेका पहुंचे रेलवे बोर्ड सदस्य आर राजगोपाल, उत्पादन और नवाचार कार्यों का लिया जायजा...चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एस. एन. शंखवार ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. वहीं चिकित्सा संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता ने धूम्ररहित तंबाकू के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में व्यापक जनजागरूकता की जरूरत है.कार्यक्रम में मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. अच्युत कुमार पाण्डेय ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और तंबाकू निषेध को मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन से जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. इस दौरान चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.
बरेका पहुंचे रेलवे बोर्ड सदस्य आर राजगोपाल, उत्पादन और नवाचार कार्यों का लिया जायजा...
बरेका पहुंचे रेलवे बोर्ड सदस्य आर राजगोपाल, उत्पादन और नवाचार कार्यों का लिया जायजा...
वाराणसी: रेलवे बोर्ड के सदस्य (कर्षण एवं रोलिंग स्टॉक) आर. राजगोपाल ने शनिवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) का व्यापक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने लोको उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण, तकनीकी नवाचार और अवसंरचनात्मक विकास से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की निरीक्षण के दौरान बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.आर. राजगोपाल ने लोको फ्रेम शॉप, लोको असेंबली शॉप, ट्रक मशीन शॉप, लोको टेस्ट शॉप और मेन गेज रूम का दौरा कर रेल इंजनों के निर्माण, असेंबली, परीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं का अवलोकन किया. उन्होंने उत्पादन प्रणाली और आधुनिक तकनीकों के उपयोग की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की.निरीक्षण के अंतिम चरण में उन्होंने अभिकल्प विभाग का दौरा किया, जहां बरेका द्वारा विकसित नई तकनीकों, आधुनिक लोको डिजाइनों और भविष्य की परियोजनाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर आर. राजगोपाल और महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का संदेश दिया.इसके बाद महाप्रबंधक सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में बरेका की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बरेका ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक 572 रेल इंजनों का उत्पादन कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. साथ ही वर्ष 2026-27 के उत्पादन लक्ष्यों की दिशा में हो रही प्रगति की जानकारी भी साझा की गई.बैठक में अमृत भारत पुश-पुल डब्ल्यूएपी-7 इंजनों के निर्माण, कवच प्रणाली, उन्नत प्रोपल्शन तकनीक, ट्रैक्शन मोटर परीक्षण और आधुनिक निरीक्षण व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा हुई. इसके अलावा निर्यात और गैर-रेलवे ग्राहकों के लिए डीजल इंजनों के निर्माण तथा भविष्य की उत्पादन योजनाओं की भी समीक्षा की गई.हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बरेका में संचालित रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों और प्रस्तावित बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) की जानकारी भी दी गई. साथ ही वर्षा जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई.ALSO READ:तपती गर्मी से पुलिसकर्मियों को मिलेगी राहत, ट्रैफिक जवानों को वितरित किए गए एयर कूलिंग हेलमेट और छाते...अपने दौरे के दौरान आर. राजगोपाल ने बरेका द्वारा लोको उत्पादन, गुणवत्ता सुधार, ऊर्जा संरक्षण और ‘मेक इन इंडिया–मेक फॉर द वर्ल्ड’ अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना की. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रेरित करते हुए उनके योगदान के सम्मान में पुरस्कार दिए जाने की घोषणा भी की.
तपती गर्मी से पुलिसकर्मियों को मिलेगी राहत, ट्रैफिक जवानों को वितरित किए गए एयर कूलिंग हेलमेट और छाते...
तपती गर्मी से पुलिसकर्मियों को मिलेगी राहत, ट्रैफिक जवानों को वितरित किए गए एयर कूलिंग हेलमेट और छाते...
वाराणसी: भीषण गर्मी और नौतपा के बीच वाराणसी में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. झुलसाती धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित है. ऐसे कठिन मौसम में भी शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान लगातार सड़कों पर डटे हुए हैं.ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की इसी परेशानी को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने सराहनीय पहल की है. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल तथा अपर पुलिस आयुक्त शिव हरि मीणा के प्रयास से एक हजार से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को छातों का वितरण किया गया. इसके साथ ही शहर के प्रमुख और व्यस्त चौराहों पर तैनात जवानों को विशेष एयर कूलिंग हेलमेट (AC हेलमेट) भी उपलब्ध कराए गए हैं.पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब ड्यूटी पर रवाना होने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ओआरएस का घोल, छाता और एयर कूलिंग हेलमेट उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे भीषण गर्मी में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचते हुए बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें.तपती धूप में घंटों खड़े होकर यातायात संचालन करने वाले जवानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए अधिकारियों का आभार जताया. पुलिसकर्मियों का कहना है कि एयर कूलिंग हेलमेट और छातों से उन्हें गर्मी से काफी राहत मिलेगी.ALSO READ:वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में IPS मानसी दहिया को भावभीनी विदाई...अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था शिव हरि मीणा ने बताया कि पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है, ताकि अत्यधिक गर्मी के बावजूद वे सुरक्षित माहौल में अपनी ड्यूटी कर सकें.वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की यह पहल न केवल पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि उनके मनोबल को बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.