कलश यात्रा संग गूंजी श्रीमद्भागवत कथा, अभिराम दास बोले— ज्ञान-वैराग्य से सशक्त होती है भक्ति

वाराणसी: भव्य कलश यात्रा के साथ सप्ताहव्यापी श्रीमद्भागवत कथा रस महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार को श्रद्धा और उत्साह के बीच हुआ। 6 अगस्त से 12 अगस्त तक आयोजित इस धार्मिक आयोजन के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। 108 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा में भाग लिया, जबकि मुख्य यजमान प्रदीप मिश्रा ने श्रीमद्भागवत महापुराण की पोथी का विधिवत पूजन कर उसे सिर पर रखकर यात्रा का नेतृत्व किया। कथा के प्रमुख वक्ता पूज्य पंडित अभिराम दास जी महाराज भी श्रद्धालुओं के साथ कलश यात्रा में शामिल रहे।

कलश यात्रा भदऊ चुंगी से रविदास घाट तक निकाली गई और पुनः आयोजन स्थल पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में भक्तों ने जयघोष के साथ भगवान का स्मरण किया, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा।
संध्याकाल आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धेय अभिराम दास जी महाराज ने कहा कि केवल भक्ति करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सुदृढ़ और सार्थक बनाने के लिए ज्ञान और वैराग्य का होना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोगों के भीतर भक्ति तो है, लेकिन ज्ञान और वैराग्य का अभाव दिखाई देता है। जब भक्ति के साथ ज्ञान और वैराग्य जुड़ जाते हैं, तभी जीवन का वास्तविक कल्याण संभव होता है।
ALSO READ : पूर्वोत्तर रेलवे मंडल चिकित्सालय में 7 अगस्त को लगेगा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर.
कथा के दौरान उन्होंने श्रीमद्भागवत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए गोकर्ण और धुंधकारी की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि सात्विक संगति, शुद्ध विचार और धर्ममय जीवन ही मनुष्य को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से श्रीमद्भागवत के संदेशों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कथा शुरू होने से पहले मुख्य यजमान प्रदीप मिश्रा ने पोथी का विधिवत पूजन किया तथा कथावाचक अभिराम दास जी महाराज का माल्यार्पण कर स्वागत किया। आयोजन समिति के अनुसार 12 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 7 बजे से नित्य पूजन एवं दोपहर बाद 3 बजे से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा। कथा में मुकुंद लाल शर्मा, मयंक शर्मा, शुचि शर्मा, रीता मिश्रा, रुद्र शर्मा, विक्रांत मिश्रा, सचिन मिश्रा, पूजा मिश्रा, डाली मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



