काल भैरव मंदिर में दलालों पर सख्ती, बढ़ेगी CCTV निगरानी: मोबाइल बाहर रख एक घंटा गर्भगृह से दर्शन की तैयारी –महंत परिवार...

वाराणसी:काशी के प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए मंदिर प्रशासन नई व्यवस्थाओं की तैयारी में जुट गया है. मंदिर के महंत सुमित उपाध्याय ने कहा कि काल भैरव मंदिर में किसी भी प्रकार का वीआईपी कल्चर नहीं है और सभी श्रद्धालु एक समान लाइन में लगकर दर्शन करते हैं. इसके साथ ही मंदिर परिसर और आसपास सक्रिय दलालों तथा अवांछित तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए CCTV निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा.
महंत सुमित उपाध्याय ने बताया कि मंदिर के आसपास कुछ लोग श्रद्धालुओं को यह कहकर भ्रमित करते हैं कि दर्शन के लिए कई घंटे की लाइन है और वे पैसे लेकर जल्दी दर्शन करा देंगे, जबकि अंततः उन्हें उसी सामान्य लाइन में लगा दिया जाता है. कई बार ऐसे मामलों में विवाद और मारपीट की नौबत भी आ जाती है, जिससे मंदिर की छवि प्रभावित होती है.
इसी को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने का फैसला किया है.मंदिर परिसर और आसपास की गलियों में पहले से लगे कैमरों के अलावा 24 नए DVR मंगवाए गए हैं. गलियों और प्रवेश मार्गों पर भी CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और उनकी लगातार मॉनिटरिंग होगी. इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन व्यक्ति कितनी बार श्रद्धालुओं को लेकर आ रहा है.जरूरत पड़ने पर संबंधित जानकारी प्रशासन को भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आगे कार्रवाई हो सके.
मोबाइल फोन होगा मंदिर के बाहर,एक घंटा गर्भगृह से दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु
महंत ने बताया कि काल भैरव मंदिर में किसी को विशेष दर्शन की सुविधा नहीं दी जाती. सुरक्षा कर्मी और पुलिसकर्मी भी सामान्य श्रद्धालुओं की तरह लाइन में लगकर ही दर्शन करते हैं.अधिक भीड़ होने पर श्रद्धालुओं को झांकी दर्शन कराकर बाहर निकाला जाता है.
मंदिर प्रशासन अब एक नई व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है, जिसके तहत ट्रायल के तौर पर सुबह मंगला आरती के समय 5 बजे से 6 बजे तक और शाम 6 बजे से 7 बजे तक श्रद्धालुओं को मोबाइल फोन पूरी तरह बाहर रखकर गर्भगृह के अंदर से एक घंटे तक दर्शन कराए जा सकते हैं. यदि यह प्रयोग सफल रहा तो इसे आगे भी लागू किया जाएगा.मंदिर के बाहर मोबाइल रखने की सुरक्षित व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी और इसकी जानकारी पहले से सार्वजनिक की जाएगी.
रविवार को हुई मंदिर प्रशासन की बैठक में बढ़ती भीड़ और दर्शन व्यवस्था पर भी चर्चा हुई.महंत सुमित उपाध्याय ने कहा कि छुट्टियों और विशेष अवसरों पर लाखों श्रद्धालु काशी आते हैं और बड़ी संख्या में काशी विश्वनाथ मंदिर के साथ काल भैरव मंदिर भी पहुंचते हैं.हाल के वर्षों में बाबा काल भैरव में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है, जिससे संकरी गलियों में कई बार धक्का-मुक्की और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है.
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बढ़ेगी मंदिर के अंदर गार्डो की संख्या
इसके अलावा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की भी तैयारी है.वर्तमान में तैनात सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाकर लगभग 20 से 25 किए जाने पर विचार चल रहा है. कुछ गार्ड आसपास की गलियों में भी तैनात किए जाएंगे.पीछे वाले प्रवेश मार्ग से आने-जाने वालों और श्रद्धालुओं को लेकर आने वाले व्यक्तियों की जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जाएगी, जिससे निगरानी और प्रशासनिक कार्रवाई में मदद मिल सके.
महंत ने कहा कि काल भैरव मंदिर कोई पर्यटन स्थल नहीं बल्कि आस्था और तीर्थ की भूमि है. श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार के विशेष दर्शन या पैसे लेकर जल्दी दर्शन कराने के झांसे में नहीं आना चाहिए. फिलहाल सभी व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श जारी है और जल्द अंतिम
निर्णय लिया जाएगा.



