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काल भैरव मंदिर में दलालों पर सख्ती, बढ़ेगी CCTV निगरानी: मोबाइल बाहर रख एक घंटा गर्भगृह से दर्शन की तैयारी –महंत परिवार...

काल भैरव मंदिर में दलालों पर सख्ती, बढ़ेगी CCTV निगरानी: मोबाइल बाहर रख एक घंटा गर्भगृह से दर्शन की तैयारी –महंत परिवार...
Jun 01, 2026, 10:18 AM
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Posted By Prashant Sharma

वाराणसी:काशी के प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए मंदिर प्रशासन नई व्यवस्थाओं की तैयारी में जुट गया है. मंदिर के महंत सुमित उपाध्याय ने कहा कि काल भैरव मंदिर में किसी भी प्रकार का वीआईपी कल्चर नहीं है और सभी श्रद्धालु एक समान लाइन में लगकर दर्शन करते हैं. इसके साथ ही मंदिर परिसर और आसपास सक्रिय दलालों तथा अवांछित तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए CCTV निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा.


महंत सुमित उपाध्याय ने बताया कि मंदिर के आसपास कुछ लोग श्रद्धालुओं को यह कहकर भ्रमित करते हैं कि दर्शन के लिए कई घंटे की लाइन है और वे पैसे लेकर जल्दी दर्शन करा देंगे, जबकि अंततः उन्हें उसी सामान्य लाइन में लगा दिया जाता है. कई बार ऐसे मामलों में विवाद और मारपीट की नौबत भी आ जाती है, जिससे मंदिर की छवि प्रभावित होती है.


इसी को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने का फैसला किया है.मंदिर परिसर और आसपास की गलियों में पहले से लगे कैमरों के अलावा 24 नए DVR मंगवाए गए हैं. गलियों और प्रवेश मार्गों पर भी CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और उनकी लगातार मॉनिटरिंग होगी. इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन व्यक्ति कितनी बार श्रद्धालुओं को लेकर आ रहा है.जरूरत पड़ने पर संबंधित जानकारी प्रशासन को भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आगे कार्रवाई हो सके.



मोबाइल फोन होगा मंदिर के बाहर,एक घंटा गर्भगृह से दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु


महंत ने बताया कि काल भैरव मंदिर में किसी को विशेष दर्शन की सुविधा नहीं दी जाती. सुरक्षा कर्मी और पुलिसकर्मी भी सामान्य श्रद्धालुओं की तरह लाइन में लगकर ही दर्शन करते हैं.अधिक भीड़ होने पर श्रद्धालुओं को झांकी दर्शन कराकर बाहर निकाला जाता है.

मंदिर प्रशासन अब एक नई व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है, जिसके तहत ट्रायल के तौर पर सुबह मंगला आरती के समय 5 बजे से 6 बजे तक और शाम 6 बजे से 7 बजे तक श्रद्धालुओं को मोबाइल फोन पूरी तरह बाहर रखकर गर्भगृह के अंदर से एक घंटे तक दर्शन कराए जा सकते हैं. यदि यह प्रयोग सफल रहा तो इसे आगे भी लागू किया जाएगा.मंदिर के बाहर मोबाइल रखने की सुरक्षित व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी और इसकी जानकारी पहले से सार्वजनिक की जाएगी.


रविवार को हुई मंदिर प्रशासन की बैठक में बढ़ती भीड़ और दर्शन व्यवस्था पर भी चर्चा हुई.महंत सुमित उपाध्याय ने कहा कि छुट्टियों और विशेष अवसरों पर लाखों श्रद्धालु काशी आते हैं और बड़ी संख्या में काशी विश्वनाथ मंदिर के साथ काल भैरव मंदिर भी पहुंचते हैं.हाल के वर्षों में बाबा काल भैरव में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है, जिससे संकरी गलियों में कई बार धक्का-मुक्की और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है.



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बढ़ेगी मंदिर के अंदर गार्डो की संख्या


इसके अलावा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की भी तैयारी है.वर्तमान में तैनात सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाकर लगभग 20 से 25 किए जाने पर विचार चल रहा है. कुछ गार्ड आसपास की गलियों में भी तैनात किए जाएंगे.पीछे वाले प्रवेश मार्ग से आने-जाने वालों और श्रद्धालुओं को लेकर आने वाले व्यक्तियों की जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जाएगी, जिससे निगरानी और प्रशासनिक कार्रवाई में मदद मिल सके.


महंत ने कहा कि काल भैरव मंदिर कोई पर्यटन स्थल नहीं बल्कि आस्था और तीर्थ की भूमि है. श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार के विशेष दर्शन या पैसे लेकर जल्दी दर्शन कराने के झांसे में नहीं आना चाहिए. फिलहाल सभी व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श जारी है और जल्द अंतिम

निर्णय लिया जाएगा.

नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
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वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग की ओर से नशा मुक्ति अभियान के तहत रविवार को काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. राजमुनि एवं डॉ. अविनाश कुमार सिंह शामिल रहे। प्रतिभागियों ने काव्य पाठ के माध्यम से नशे से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान को सामने रखा। निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद परिणाम घोषित किए गए।प्रतियोगिता में हिंदी विभाग के शोधार्थी हनुमान राम ने प्रथम, शोधार्थी आकाश सिंह ने द्वितीय तथा हिंदी विभाग के स्नातक विद्यार्थी अंकुर कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।ALSO READ : बाढ़ प्रभावित इलाकों में उतरा नगर निगम, बीमारियों की रोकथाम पर जोर...कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने विजेताओं एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और ज्ञानार्जन के प्रति सकारात्मक लगाव विकसित करने का आह्वान किया।विभागाध्यक्ष प्रो. राजमुनि ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
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वाराणसी. गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद बाढ़ प्रभावित और तटीय इलाकों में संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए नगर निगम ने विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने रविवार को कोनिया वार्ड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को जल निकासी, सफाई, फागिंग और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव में तेजी लाने के निर्देश दिए।नगर आयुक्त ने कोनिया वार्ड स्थित बैतरणी कुंड और धोबी घाट क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने बैतरणी कुंड के तत्काल सुंदरीकरण के साथ पूरे परिसर की गहन सफाई कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर जलभराव वाले स्थानों पर पंप लगाकर पानी की निकासी कराई जाए।उन्होंने सीवर लाइनों की तत्काल सफाई कराने तथा मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए नियमित फागिंग और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए, ताकि रात में स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।नगर निगम प्रशासन का कहना है कि बाढ़ के बाद जलभराव और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों तथा मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में सफाई और जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।ALSO READ :नैन्सी और वंशिका की जोड़ी ने दिखाया शानदार खेल, वाराणसी सेमीफाइनल मेंनिरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद अमर देव, जोनल अधिकारी पवन कुमार, अवर अभियंता (सामान्य) सुखपाल, स्वास्थ्य निरीक्षक पवन श्रीवास्तव और आलोक विभाग के इंजीनियर हरीश मिश्रा समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नैन्सी और वंशिका की जोड़ी ने दिखाया शानदार खेल, वाराणसी सेमीफाइनल में
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वाराणसीः प्रदेशीय विद्यालयीय हैंडबाल प्रतियोगिता के अंडर 14 आयु बालिका वर्ग में वाराणसी मंडल ने रविवार को लखनऊ मंडल को हैंडबॉल का पाठ पढ़ाते हुए 14-0 गोल से पराजित कर शानदार तरीके से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी.डा. भीमराव अंबेडकर क्रीड़ा संकुल बड़ा लालपुर में खेले गए इस मैच में वाराणसी मंडल की नैन्सी यादव और वंशिका प्रजापति ने शुरू से रनिंग शॉट और जंपिंग शॉट की नीति अपनाई।बाएं विंग से आक्रमण की शुरुआत की. जब तक लखनऊ मंडल की टीम संभालती तब वाराणसी मंडल 4-0 गोल से आगे हो चुकी थी. एक बार लखनऊ मंडल को टीम ने काउंटर अटैक किया. उसे वाराणसी मंडल की गोलकीपर दिव्या पटेल ने बेकार कर दिया. हाफ टाइम तक वाराणसी मंडल की टीम 7-0 गोल से आगे थी. दूसरे हाफ में वाराणसी मंडल की टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव किया. आरती, आयुषी और अंशिका ने छोटे छोटे पास की रणनीति अपनाई. तीनों खिलाड़ियों को बैक अप स्पोर्ट नैन्सी और वंशिका कर रही थी. इस हॉफ में दो बार लखनऊ मंडल की टीम ने गोल करने का प्रयास किया. दोनों बार बाल गोल पोस्ट को छूते हुए बाहर चला गया. मैच समाप्त होने की जब लंबी सीटी बजी उस समय वाराणसी मंडल 14-0 से आगे थी. वाराणसी मंडल की तरफ से नैन्सी यादव और वंशिका प्रजापति ने चार-चार, आयुषी और आरती ने तीन-तीन गोल किया.ALSO READ : पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान शास्त्री में प्रवेश की आवेदन तिथि 30 अगस्त तक बढ़ीइसी आयु वर्ग में अलीगढ़ मंडल ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय को 4-0 से और अयोध्या मंडल ने कानपुर मंडल को 12- 0 से पराजित कर अंतिम चार में प्रवेश किया.आयोजन सचिव डी. एके सिंह ने बताया कि शाम को बारिश के कारण मैदान गिला हो गया। शेष आयु वर्ग के मैच सोमवार को सुबह 7.30 बजे से खेले जाएंगे.