12 दिन बाद भी ज्ञापन पर जवाब नहीं मिलने से छात्रों में आक्रोश, वीसी कार्यालय में धरने पर अड़े छात्र

वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में अवैध पेड़ कटाई पर लगाए गए ₹2.65 करोड़ के NGT जुर्माने और छात्र फंड की सुरक्षा को लेकर छात्रों का विरोध तेज होता जा रहा है। छात्र प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि ज्ञापन सौंपे जाने के 12 दिन बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। इसी को लेकर छात्र मंगलवार को कुलपति (VC) कार्यालय पहुंचे।
छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, अमन मौर्य, नितेश राय, विवर्त सिंह, निशांत अश्विनी समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों के मुताबिक, उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए 12 दिन पहले कुलपति कार्यालय और रजिस्ट्रार को ज्ञापन दिया था, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई या जवाब नहीं मिला।
छात्रों का आरोप है कि मंगलवार को जब वे कुलपति कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी तो कर्मचारियों ने आवेदन के कुलपति तक पहुंचने की बात स्वीकार की। इसके बावजूद छात्रों को कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। छात्रों का कहना है कि कुलपति के पीए ने BHU डोमेन से भेजे गए ईमेल और स्क्रीनशॉट देखने के बाद भी मुलाकात से इनकार कर दिया और कुलपति के आउट ऑफ स्टेशन होने की बात कही।
प्रशासन के रवैये से नाराज छात्र कुलपति कार्यालय में ही धरने पर बैठ गए। छात्रों ने आरोप लगाया कि इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। विरोध बढ़ने पर प्रशासन की ओर से छात्रों की रजिस्ट्रार से फोन पर बातचीत कराई गई। छात्रों के अनुसार रजिस्ट्रार ने 5 सितंबर तक का मौखिक आश्वासन दिया, लेकिन कैमरे पर बयान देने से इनकार कर दिया।
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छात्रों का यह भी आरोप है कि इसके बाद उन्हें कुलपति कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया और इस दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट और लिखित जवाब देना चाहिए।
छात्र प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि 5 सितंबर तक ठोस कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को लोकतांत्रिक तरीके से और तेज किया जाएगा। छात्रों ने पेड़ कटाई के मामले में जवाबदेही तय करने और छात्र फंड की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।



